साक्षी महाराज ने फिर दिया विवादित बयान, कहा- कब्रिस्तान हो या श्मशान सभी का दाह संस्कार होना चाहिए

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता व उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज अपने एक बयान को लेकर एक बार फिर से सुर्ख़ियों में आ गए हैं। साक्षी महाराज ने कहा है कि चाहे कब्रिस्तान हो या श्मशान सभी का दाह संस्कार होना चाहिए। किसी को गढ़ने की आवश्यकता नहीं है। साक्षी महाराज ने अपने बयान में आगे कहा है कि देश में 2-2.5 करोड़ साधु हैं सब समाधि लेंगे और 20 करोड़ मुसलमान है सबको कब्रिस्तान चाहिए, हिंदूस्तान में इतनी जमीन कहां मिलेगी।




पत्रकारों से बातचीत करते हुए साक्षी महाराज ने कहा कि देश में ऐसा कानून बनना चाहिये कि देश में सभी धर्म और संप्रदाय के लोगों का एक अन्त्येष्टि स्थल हो। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के शमशान और कब्रिस्तान वाले बयान पर साक्षी ने कहा कि मैं मोदीजी के इस वचन से सहमत नहीं हूँ। मैं इसे कतई स्वीकार नहीं करता कि कब्रिस्तान और श्मसान बराबर में बनना चाहिए। कब्रिस्तान बनना ही नहीं चाहिए।




अगर कब्रिस्तानों में हिंदुस्तान की सारी की सारी जमीन चली जायेगी, तो खेती कहाँ होगी, खलिहान कहां होंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया में जितने भी इस्लामिक देश हैं, वहां कोई कब्रिस्तान होता ही नहीं है, वहां तो मृतक को जलाया जाता है। देश में करीब साढ़े तीन करोड़ साधू सन्यासी हैं, जिनकी परम्परा भी शव को गाडऩे की है,जलाने की नहीं है, मगर मै मोदी से निवेदन करना चाहता हूँ कि श्मशान एक हो, वही शमशान जन्नत तक ले जाए, वही शमशान मोक्ष द्वार तक ले जाए। उन्नाव के सांसद ने कहा कि राजनीतिक लोग बाहर तो हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई को इकठ्ठा नहीं होने देते, लेकिन शमशान में तो इकठ्ठा होने दें।