भाजपा बुनियादी मुद्दों से हटकर राजनीति कर रही: ​अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा बुनियादी मुद्दों से हटकर राजनीति कर रही है। भाजपा की मानसिकता संकीर्णता और बदले की भावना से भरी है। विपक्षी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिशें की जा रही है। भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें जनता को धोखा देकर बनी हैं। 2019 में भाजपा से सूद समेत हिसाब किताब बराबर होगा।

Bjp Not Serious About Basic Political Agenda Says Akhilesh Yadav :

अखिलेश यादव ने कहा कि देश में युवा ही क्रांति के वाहक हैं। हमें डिजिटल इण्डिया नहीं, किसानों और नौजवानों का खुशहाल भारत बनाना है। वर्तमान भाजपा सरकार गरीबों, नौजवानों और किसानों के हक मार रही है। नोटबंदी और जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था चैपट कर दी है। भाजपा समाज को तोड़ने और बांटने में लगी है। इसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे।

अखिलेश यादव ने कहा कि उनसे मिलने आए किसानो का कहना है कि भाजपा की ऋण माफी योजना धोखा है। किसानों को कर्जमाफी के नाम पर अपमानित किया गया है। वहीं महिलाअें महिलाओं का कहना था कि उनके उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही है।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा बुनियादी मुद्दों से हटकर राजनीति कर रही है। भाजपा की मानसिकता संकीर्णता और बदले की भावना से भरी है। विपक्षी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिशें की जा रही है। भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें जनता को धोखा देकर बनी हैं। 2019 में भाजपा से सूद समेत हिसाब किताब बराबर होगा। अखिलेश यादव ने कहा कि देश में युवा ही क्रांति के वाहक हैं। हमें डिजिटल इण्डिया नहीं, किसानों और नौजवानों का खुशहाल भारत बनाना है। वर्तमान भाजपा सरकार गरीबों, नौजवानों और किसानों के हक मार रही है। नोटबंदी और जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था चैपट कर दी है। भाजपा समाज को तोड़ने और बांटने में लगी है। इसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि उनसे मिलने आए किसानो का कहना है कि भाजपा की ऋण माफी योजना धोखा है। किसानों को कर्जमाफी के नाम पर अपमानित किया गया है। वहीं महिलाअें महिलाओं का कहना था कि उनके उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही है।