यूपी में सरकार से लेकर संगठन तक बदलाव की तैयारी में भाजपा

bjp, भाजपा
यूपी में सरकार से लेकर संगठन तक बदलाव की तैयारी में भाजपा

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों को लेकर भाजपा अपनी शुरूआत उत्तर प्रदेश यानी यूपी से करती नजर आ रही है। इस क्रम में शीर्ष नेतृत्व ने यूपी में अपनी सरकार से लेकर संगठन तक बड़े परिवर्तन करने का मन बना लिया है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक भाजपा ने यूपी में इन बदलावों पर चर्चा करने के लिए सीएम योगी को दिल्ली बुलाया गया है। दिल्ली में सीएम योगी की मुलाकात पीएम नरेन्द्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ है। इस मुलाकात में सपा और बसपा के साथ आने से यूपी में उत्पन्न हुई नई राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा होगी।

Bjp Signals Big Changes In Yogi Government And State Organisation :

यूपी के पार्टी संगठन में बदलाव को लेकर कहा जा रहा है कि जल्द ही यूपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलेगा। 2017 के विधानसभा चुनावों से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए फूलपुर से सांसद केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में भाजपा ने जबर्दस्त जीत दर्ज की थी। जिसके बाद उन्हें उप मुख्यमंत्री बना दिया गया और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केन्द्रीय राज्यमंत्री रहे डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय को पार्टी की कमान सौंपी गई। डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय के नेतृत्व में पार्टी ने निकाय चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया।

अब भाजपा के सामने अगली चुनौती 2019 के लोकसभा चुनावों की है। जिसके लिए पार्टी एक ऐसे तेजतर्रार चेहरे की तलाश में है, जो उत्तर प्रदेश में शुरू हुई गठबंधन की राजनीति का तोड़ निकाल सके। जिस तरह से पिछले कुछ दिनों में केन्द्र सरकार के खिलाफ दलितों में नाराजगी नजर आई है, वह लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। वहीं अखिलेश यादव और मायावती के बीच लगभग फाइनल हो चुके गठबंधन ने जिस तरह से ओबीसी और दलित वोट बैंक को एक करने का काम किया है, उससे पार्टी अंदरखाने चिंतित है।

सूत्रों की माने तो पार्टी 2019 की राजनीति को साधने के लिए भाजपा यूपी सरकार में भी बड़े फेरबदल किए जा सकते हैं। कुछ चेहरों को सरकार से हटाकर संगठन की जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है, तो कुछ की छुट्टी भी हो सकती है। कुछ नए चेहरों को सरकार में जगह मिल सकती है, तो कुछ के कद को बढ़ाया जा सकता है।

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों को लेकर भाजपा अपनी शुरूआत उत्तर प्रदेश यानी यूपी से करती नजर आ रही है। इस क्रम में शीर्ष नेतृत्व ने यूपी में अपनी सरकार से लेकर संगठन तक बड़े परिवर्तन करने का मन बना लिया है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक भाजपा ने यूपी में इन बदलावों पर चर्चा करने के लिए सीएम योगी को दिल्ली बुलाया गया है। दिल्ली में सीएम योगी की मुलाकात पीएम नरेन्द्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ है। इस मुलाकात में सपा और बसपा के साथ आने से यूपी में उत्पन्न हुई नई राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा होगी।यूपी के पार्टी संगठन में बदलाव को लेकर कहा जा रहा है कि जल्द ही यूपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलेगा। 2017 के विधानसभा चुनावों से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए फूलपुर से सांसद केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में भाजपा ने जबर्दस्त जीत दर्ज की थी। जिसके बाद उन्हें उप मुख्यमंत्री बना दिया गया और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केन्द्रीय राज्यमंत्री रहे डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय को पार्टी की कमान सौंपी गई। डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय के नेतृत्व में पार्टी ने निकाय चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया।अब भाजपा के सामने अगली चुनौती 2019 के लोकसभा चुनावों की है। जिसके लिए पार्टी एक ऐसे तेजतर्रार चेहरे की तलाश में है, जो उत्तर प्रदेश में शुरू हुई गठबंधन की राजनीति का तोड़ निकाल सके। जिस तरह से पिछले कुछ दिनों में केन्द्र सरकार के खिलाफ दलितों में नाराजगी नजर आई है, वह लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। वहीं अखिलेश यादव और मायावती के बीच लगभग फाइनल हो चुके गठबंधन ने जिस तरह से ओबीसी और दलित वोट बैंक को एक करने का काम किया है, उससे पार्टी अंदरखाने चिंतित है।सूत्रों की माने तो पार्टी 2019 की राजनीति को साधने के लिए भाजपा यूपी सरकार में भी बड़े फेरबदल किए जा सकते हैं। कुछ चेहरों को सरकार से हटाकर संगठन की जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है, तो कुछ की छुट्टी भी हो सकती है। कुछ नए चेहरों को सरकार में जगह मिल सकती है, तो कुछ के कद को बढ़ाया जा सकता है।