BJP ने नीतीश कुमार से मांगा दिल्ली के ‘राबड़ी भवन’ का हिसाब

Bjp Slams Cm Nitish Kumar Over Rabari Bhavan That Cost Worth 100 Cr

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नोटबंदी से ठीक पहले ​बिहार में जमीन खरीदने को लेकर उठाए गए सवाल पर बिहार बीजेपी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील मोदी ने मंगलवार को तीखा वार करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को सबसे पहले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से दिल्ली में खरीदे गए 100 करोड़ के राबड़ी भवन के लिए जवाब मांगना चाहिए। विरोधियों को ये सोचना चाहिए कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल और विधानसभा का विपक्षी दल होने के बावजूद बीजेपी के पास पटना जैसे शहर में अपना स्वयं का प्रदेश कार्यालय तक नहीं है। जबकि उसकी तुलना में बिहार की राजनीति में कोई सियासी वजूद न रखने वाले राजनीतिक दलों के पास अपने फाइव स्टार पार्टी कार्यालय हैं। ऐसे ही दल बीजेपी पर बिहार में नोटबंदी से पहले जमीन खरीदने के आरोप लगा रहे हैं।




सुशील मोदी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपने विरोधियों से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि बिहार में बहुजन समाज पार्टी के पास शून्य और भाकपा के पास विधानसभा में विधायक संख्याबल के रूप में मात्र एक विधायक है। इन दोनो पार्टियों के पास पटना में आलीशान पार्टी कार्यालय कहां से आए।




आपको बता दें कि मंलगवार को ही एक समाचार चैनल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बिहार में नोटबंदी से ठीक पहले खरीदी गई जमीन को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी 2014 से ही देश के हर जिले में अपने कार्यालय बनाने के लिए प्रयासरत है। पिछले दो सालों के भीतर बीजेपी ने 170 जिलों में अपने कार्यालय बनाने के लिए जमीने खरीदीं हैं। इसमें कुछ भी ऐसा नहीं है जिसके लिए पार्टी पर जमीन खरीदने के आरोप लगाए जाएं। यह पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित एक ऐसा मुद्दा है जिसे बिना सिर पैर के हवा दी जा रही है।

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नोटबंदी से ठीक पहले ​बिहार में जमीन खरीदने को लेकर उठाए गए सवाल पर बिहार बीजेपी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील मोदी ने मंगलवार को तीखा वार करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को सबसे पहले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से दिल्ली में खरीदे गए 100 करोड़ के राबड़ी भवन के लिए जवाब मांगना चाहिए। विरोधियों को ये सोचना चाहिए कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल और विधानसभा का विपक्षी दल होने के…