‘गायत्री की मंत्रिमंडल में वापसी भ्रष्टाचार को खुलेआम स्वीकृति’

लखनऊ| उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा गायत्री प्रसाद प्रजापति को अपने मंत्रिमंडल में पुन: शामिल किया जाना बीजेपी को काफी नागवार गुजरा है। पार्टी ने इसे भ्रष्टाचार को खुलेआम स्वीकृति प्रदान करना करार दिया है। पार्टी ने कहा है कि जिस व्यक्ति के विरुद्ध उच्च न्यायाल द्वारा सीबीआई जांच के आदेश किए गए, उसको पुन: मंत्री पद से नवाजना भ्रष्टाचार को मजबूती प्रदान करना है। भाजपा ने प्रदेश सरकार पर मंत्रिमंडल विस्तार में एक वर्ग विशेष को खुश करने का भी आरोप लगाया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा बहुत पहले से आरोप लगाती आई है कि अखिलेश सरकार भ्रष्टाचार और अपराध को संरक्षण प्रदान कर रही है। मंत्रिमंडल में गायत्री प्रजापति की वापसी से भाजपा द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोप प्रमाणित हो गए हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लगातार साढ़े चार वर्षो से सरकार के अंदर कई शक्ति केंद्रो की बात चर्चा में रही है, जिसके कारण प्रदेश का विकास अवरूद्ध रहा, भ्रष्टाचार और अपराध पर कोई नियत्रंण संभव नहीं हो सका। प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अनेक बार दी गई नसीहतें न तो प्रदेश के पुलिस प्रशासन के अमल में आ सकीं और न ही शासनतंत्र की कार्यशैली में कोई निर्णायक और प्रभावी परिवर्तन हो सका।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के आठवें मंत्रीमंडल विस्तार में उन्हीं द्वारा बाहर किए गए तीन मंत्रियों की शपथ ने पुन: सरकार के कई शक्ति केंद्रों की चर्चा को प्रमाणित कर दिया है। मौर्य ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार से जहां एक तरफ भ्रष्टाचार को खुली स्वीकृती मिली है, वहीं दूसरी तरफ खनन माफियाओं, जमीनों पर अवैध कब्जों, भ्रष्टाचार तथा अपराध में लिप्त ऐसे तत्वों को भी खुलेआम संरक्षण प्राप्त हुआ है जो अभी तक सरकार के शक्ति केंद्रो से संरक्षण प्राप्त कर खनन लूट और जमीनों पर अवैध कब्जों को अंजाम दे रहे थे तथा किसानों, गरीबों और बेरोजगारों का हक मारकर अपनी तिजोरी भर रहे थे।