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नागरिकता कानून को लेकर बीजेपी पश्चिम बंगाल में चलाएगी अभियान, ममता को देगी जबाब

Bjp Will Conduct Campaign In West Bengal On Citizenship Law Will Give Reply To Mamta

नई दिल्ली। ना​गरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में प्रदर्शनो का दौर अभी भी जारी है, हालांकि पहले काफी हिंसक प्रदर्शन हुए लेकिन प्रशासन द्वारा की गयी सख्त कानूनी कार्रवाई की वजह से अब हिंसक प्रदर्शन बन्द हो गये हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल में अभी भी नागरिकता कानून के संबंध में भ्रामक सूचनाएं फैलाईं जा रही है साथ ही बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कह दिया है कि बंगाल में नागरिकता कानून नही लागू होगा। इसी के चलते अब बीजेपी ममता को जवाब देने और शरणार्थियों से संवाद करने के लिए पश्चिम बंगाल में एक अभियान चलाने जा रही है।

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बीजेपी को ये पूरी उम्मीद थी कि पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नया नागरिकता कानून उसका ‘‘राजनीतिक तुरुप का पत्ता” साबित होगा। लेकिन टीएमसी की ममता सरकार, अन्य विपक्षी दलों, संस्थाओं, छात्रों ने इसका जमकर विरोध किया और सीएए के खिलाफ तरह तरह के अभियान चलाये जिसकी वजह से बीजेपी बैकफुट पर आ गई। आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में छह प्रदर्शन मार्चों और तीन रैलियों में हिस्सा लेकर बीजेपी पर जमकर हमला बोला था।

अभी तक ममता के जबाब में बीजेपी ने राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा की अगुवाई में शहर में केवल एक बड़ा मार्च आयोजित किया है। प्रदेश बीजेपी सूत्रों के अनुसार, सीएए के खिलाफ भ्रामक सूचनाओं के अभियान और लोगों के बीच डर को खत्म करने के लिए बंगाल केंद्रित कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

पार्टी के एक बड़े नेता का कहना है कि ‘‘पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने अभियान की रूपरेखा को पहले ही मंजूरी दे दी है।बहुप्रचार अभियान इस महीने से शुरू होगा। हम अपने अभियान के जरिए उनके भ्रामक सूचना फैलाने वाले अभियान का पर्दाफाश कर देंगे। बीजेपी के अभियान में घर-घर जाना, गली-नुक्कड़ों पर सभाएं करना, संगोष्ठियां, नुक्कड़ नाटक का आयोजन करना, स्थानीय अखबारों में विज्ञापन देना शामिल हैं। बीजेपी नेताओं का कहना है कि हमारा लक्ष्य सीएए के संदेश के साथ राज्यभर के एक करोड़ लोगों तक पहुंचना है।

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