अगले साल जे पी नड्डा के हाथ में पूरी तरह आ जाएगी BJP की कमान

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अगले साल जे पी नड्डा के हाथ में पूरी तरह आ जाएगी BJP की कमान

नई दिल्ली। केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कमान अगले साल जनवरी तक पूरी तरह जे पी नड्डा (JP Nadda) के हाथ में आना अब लगभग तय माना जा रहा है। ऐसी उम्मीद है कि भाजपा के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नड्डा को पूर्ण रूप से यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।  

Bjp Will Get A New National President By January Next Year :

भाजपा के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया में बूथ स्तर का चुनाव 11 सितंबर से शुरू हो गया है। मंडल, जिला और राज्यों के अध्यक्षों का चुनाव 15 दिसंबर तक पूरा किया जाना है। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया में करीब एक माह का समय लगेगा। ऐसे में पार्टी अध्यक्ष के नाम पर जनवरी तक मुहर लग जाएगी।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी राधा मोहन सिंह ने बताया, ‘पार्टी के संगठनात्मक चुनाव के तहत बूथ स्तर का चुनाव 11 सितंबर से प्रारंभ हो गया है और यह 30 सितंबर तक पूरा होगा।’ उन्होंने बताया कि इसके बाद 11-31 अक्तूबर तक मंडल स्तर के चुनाव होंगे। 11-30 नवंबर तक जिला स्तर के चुनाव और 1-15 दिसंबर तक राज्य स्तर के चुनाव होंगे।

सिंह ने बताया, ‘15 दिसंबर के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी जब राज्यों के अध्यक्षों एवं राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का चयन हो जायेगा। इसके बाद ही मतदाता सूची तैयार होगी।’

राज्य का चुनाव संपन्न होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव शुरू किया जा सकता है

भाजपा संविधान के मुताबिक, 50 प्रतिशत राज्य का चुनाव संपन्न होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव शुरू किया जा सकता है। अध्यक्ष का चुनाव एक निर्वाचक मंडल करता है जिसमें जिला इकाइयों द्वारा निर्वाचित सदस्य, सभी विधायकों द्वारा अपने में से चुने गए 10 प्रतिशत सदस्य, प्रदेश से राष्ट्रीय परिषद में उक्त राज्य में लोकसभा सदस्य के बराबर निर्वाचित सदस्य तथा पार्टी सांसदों द्वारा अपने में से चुने गए 10 प्रतिशत सदस्य शामिल हैं।

गौरतलब है कि अमित शाह के 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद मोदी सरकार में गृह मंत्री का दायित्व संभालने के कारण पार्टी के नए अध्यक्ष की कवायद शुरू हुई। इस दौरान अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए हैं जबकि जेपी नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा ने संगठनात्मक चुनाव की दृष्टि से देशभर में 10,36,166 बूथ बनाए हैं जबकि पूरे देश में 1,979,94 शक्ति केंद्र हैं। 

नई दिल्ली। केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कमान अगले साल जनवरी तक पूरी तरह जे पी नड्डा (JP Nadda) के हाथ में आना अब लगभग तय माना जा रहा है। ऐसी उम्मीद है कि भाजपा के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नड्डा को पूर्ण रूप से यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।   भाजपा के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया में बूथ स्तर का चुनाव 11 सितंबर से शुरू हो गया है। मंडल, जिला और राज्यों के अध्यक्षों का चुनाव 15 दिसंबर तक पूरा किया जाना है। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया में करीब एक माह का समय लगेगा। ऐसे में पार्टी अध्यक्ष के नाम पर जनवरी तक मुहर लग जाएगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी राधा मोहन सिंह ने बताया, ‘पार्टी के संगठनात्मक चुनाव के तहत बूथ स्तर का चुनाव 11 सितंबर से प्रारंभ हो गया है और यह 30 सितंबर तक पूरा होगा।' उन्होंने बताया कि इसके बाद 11-31 अक्तूबर तक मंडल स्तर के चुनाव होंगे। 11-30 नवंबर तक जिला स्तर के चुनाव और 1-15 दिसंबर तक राज्य स्तर के चुनाव होंगे। सिंह ने बताया, ‘15 दिसंबर के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी जब राज्यों के अध्यक्षों एवं राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का चयन हो जायेगा। इसके बाद ही मतदाता सूची तैयार होगी।' राज्य का चुनाव संपन्न होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव शुरू किया जा सकता है भाजपा संविधान के मुताबिक, 50 प्रतिशत राज्य का चुनाव संपन्न होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव शुरू किया जा सकता है। अध्यक्ष का चुनाव एक निर्वाचक मंडल करता है जिसमें जिला इकाइयों द्वारा निर्वाचित सदस्य, सभी विधायकों द्वारा अपने में से चुने गए 10 प्रतिशत सदस्य, प्रदेश से राष्ट्रीय परिषद में उक्त राज्य में लोकसभा सदस्य के बराबर निर्वाचित सदस्य तथा पार्टी सांसदों द्वारा अपने में से चुने गए 10 प्रतिशत सदस्य शामिल हैं। गौरतलब है कि अमित शाह के 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद मोदी सरकार में गृह मंत्री का दायित्व संभालने के कारण पार्टी के नए अध्यक्ष की कवायद शुरू हुई। इस दौरान अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए हैं जबकि जेपी नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा ने संगठनात्मक चुनाव की दृष्टि से देशभर में 10,36,166 बूथ बनाए हैं जबकि पूरे देश में 1,979,94 शक्ति केंद्र हैं।