दूसरी बार कौशल किशोर ने मारी बाजी, 6 लाख से अधिक मिले वोट

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 34 लोकसभा सीट मोहनलालगंज से एक बार फिर भाजपा ने अपना परचम लहराते हुए शानदार जीत हासिल की है। यहां से भाजपा सांसद कौशल किशोर ने 628813 वोट पाकर दूसरी बार जीत दर्ज की है। दूसरे नम्बर पर गठबंधन प्रत्याशी सीएल वर्मा रहे, उन्होंने 5,37,732 वोट मिले। गठबंधन प्रत्याशी सीएल वर्मा ने कुछ चक्रों में भाजपा सांसद कौशल किशोर को टक्कर तो दी पर छठे चरण की मगगणना के बाद वह जीत से काफी दूर रह गये। दो बार से सांसद बनने का ख्वाब देख रहे कांग्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी को एक बार फिर मोहनलालगंज की जनता ने नकार दिया और उनको 60004 मत मिले और तीसरे स्थान पर ही संतोष करना पड़ा।

Bjp Won Mohanlaganj Seat By 1 73 Lakh Vote :

12 प्रत्याशी थे मैदान में
इस बार मोहनलालगंज लोकसभा सीट से 12 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। सबसे प्रबल दावेदारों में भाजपा सांसद कौशल किशोर, गठबंधन प्रत्याशी सीएम वर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी माने जा रहे थे। इसके अलावा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से गनेश रावत के अलावा जगदीश प्रसाद गौतम, राधा अम्बेडकर, राम सागर पासी,शत्रोहन लाल रावत, सुनील कुमार, जगदीश रावत, प्रभावती देवी और रमेश कुमार चुनावी मैदान में थे।

पहले राउंड में गठबंधन प्रत्याशी थे आगे
मोहनलालगंज लोकसभा सीट को लेकर गुरुवार की सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना में पहले राउंड में भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर ने 17208 वोट हासिल किये। वहीं गठबंधन प्रत्याशी सीएम वर्मा को 18263 वोट मिले। कांग्र्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी को 1370 वोट मिले। वहीं गनेश रावत को 285, जगदीश प्रसाद गौतम को 53, राधा अम्बेडकर को 39, राम सागर पासी को 55, शत्रोहन लाल रातव को 79, सुनील कुमार को 168, जगदीपश रावत को 120, प्रभावती देवी को 168 और रमेश कुमार को 78 वोट मिले। वहीं पहले राउंड में मोहनलालगंज के 338 मतदाताओं ने नोट का बदन दबा कर सभी प्रत्याशियों को नकार दिया। इस तरह पहले राउंड में मोहनलालगंज सीट पर कुल 38224 मत डाले गये। पहले चक्र में गठबंधन के प्रत्याशी की बढ़त देख भाजपा के लोगों के माथे पर पसीना आ गया। वहीं गठंबधन के लोग के चेहरे खुशी से खिल उठे।

दूसरे चक्र में पलटी बाजी
कुछ ही देर के बाद दूसरे चक्र के मतों की गिनती के नतीजे सामने आये और पूरी बाजी पलट गयी। पहले नम्बर पर चल रहे गठबंधन प्रत्याशी सीएम वर्मा को दूसरे राउंड में 17260 वोट मिले, जबकि पहले राउंड में पीछे चल रहे भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर को 18906 वोट मिले। दूसरे चक्र में भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर पहले स्थान पर पहुंचे और उनको कुल 36114 वोट मिले। वहीं गठबंधन प्रत्याशी सीएम वर्मा दूसर स्थान पर पहुंच गये और उनको कुल 35523 वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी को दूसरे राउंड में 1299 वोट मिला और उनका कुल वोट 2669 पहुंच गया।

तीसरे चक्र में गठबंधन प्रत्याशी को मिले अधिक वोट
तीसरे चक्र की मतगणना का ऐलान ने एक बार फिर सबसे चौका दिया। तीसरे राउंट की काउंटिंग में गठबंधन प्रत्याशी सीएम वर्मा को सबसे अधिक 19818 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर के खाते में 19296 वोट आये। तीसरे चक्र में सीएम वर्मा को वोट तो अधिक मिले पर पहले और दूसरे और तीसरे चक्र के कुल वोट जोड़ पर वह फिर दूसरे स्थान पर रह गये। तीसरे चक्र में उनको कुल 55341 वोट हासिल हुए, जबकि भाजपा सांसद कौशल किशोर को 55410 वोट मिले। दोनों प्रत्याशियों के बीच तीसरे चरण में महज 69 वोटों का अंतर था।

नोटा का बटन दबाने वालों की संख्या बढ़ी
इस बार मोहनलालगंज सीट का चुनाव काफी रोचक रहा। इस चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों को नापसंद करने वाले लोगों की संख्या भी पिछले चुनाव के मुकाबले काफी बढ़ गयी। वर्ष 2014 में हुई चुनाव में मोहनलालगंज सीट के 4708 वोटरों ने प्रत्याशियों नापसंद करते हुए नोटा का बटन दबाया था। प्रतिशत के हिसाब से पिछले चुनाव में .42 प्रतिशत वोटरों ने नोट के बटन का प्रयोग किया था। वहीं इस बार नोटा का बटन दबाने वाले वोटरों की संख्या लगभग दोगुनी हो गयी। इस बार मोहनलालगंज सीट के 10689 लोगों ने नोटा का बटन दबा और 69 लोगों ने पोस्टल बैलेट में नोटा पर अपनी मोहर लगायी। इस तरह कुल 10758 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया। अगर प्रतिशत की बात की जाये तो .85 प्रतिशत वोटरों ने नोट का प्रयोग किया।

तीसरी बार आरके चौधरी को मिली हार
मोहनलालगंज लोकसभा सीट से चुनाव मैदन में खड़े कांग्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी इस बार तीसरी बार चुनाव मैदान में थे। पहली बार वर्र्ष 2009 में राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी के बैनर तले पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा था। उस वक्त सीएल वर्मा को मोहनलालगंज की जनता ने 1,44,341 वोट दिये थे और उनको तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। इसके बाद सीएल वर्मा ने बसपा के टिकट पर वर्ष 2014 में फिर से चुनावी मैदान में ताल ठोकी थी। इस चुनाव में आरके चौधरी मोदी लहर के आगे टिक नहीं सके और 3,09,858 वोट हासिल करके भी हार का सामान करना पड़ा। मोदी लहर में मोहनलालगंज की जनता ने कौशल किशोर को अपना सांसद चूना और 4,55,274 वोट हासिल कर उन्होंने संसद का रास्त तय किया। इस बार फिर आरके चौधरी ने लोकसभा चुनाव में अपनी किस्तम आजमायी। उन्होंने इस चुनाव में गठबंधन का दामन थामा और बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे, पर इस बार मोहनलालगंज की जनता ने आरके चौधरी को हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया। उनको 2009 और 2014 के चुनाव के मुकाबले महज चंद हजार वोट मिले और एक बार फिर आरके चौधरी तीसरे स्थान पर पहुंच गये।

पिछड़े और सवर्ण वोट भाजपा की झोली में
मोहनलालगंज लोकसभा सीट पांच विधानसभा सीतापुर की सिधौली, लखनऊ की मलिहाबाद, बक्सी तालाब, सरोजनीनगर और मोहनलालगंज जोड़कर बनायी गयी है। मोहनलालगंज सीटे पर दलित, पिछड़े और सवर्ण वोटरों की संख्या अधिक है। दो बार से यह सीट सुरक्षित सीट है। इस बार गठबंधन के समीकरण के बावजूद भी मोहलालगंज के दलित, पिछेड़ और स्वर्ण मतदाताओं को कोई पार्टी और प्रत्याशी अपनी तरफ आकॢषत नहीं कर सके। वहीं भाजपा सांसद कौशल किशोर ने इन वोटरों को अपनी तरफ खीचने में कामयाब रहे और जीत हासिल करने में कामयाब रहे।

किसको कितने वोट मिले
भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर को 628813 ,आरके चौधरी 60004, सीएल वर्मा को 537732, गनेश प्रसाद को 7953, जगदीश प्रसाद गौतम, 1441, राधा अम्बेडकर 1217, रामसागर पासी 1511, शत्रोहन लाल रावत को 2629, सुशील कुमार 4254, जगदीश रावत, 3055, प्रभावती देवी को 4323 और रमेश कुमार को 2456 वोट हासिल हुए।

पिछली बार के मुकाबले 9.11 प्रतिशत अधिक वोट मिला
मोहनलालगंज लोकसभा सीट पर भाजपा ने न सिर्फ शानदरा जीत हासिल की बल्कि अपना वोट प्रतिशत भी बढ़ाया। पिछले 2014 के चुनाव में सांसद कौशल किशोर 455274 वोट मिले थे। वहीं इस बार उनको 173539 अधिक वोट मिले। पिछली 2014 के चुनाव में भाजपा को 40.77 प्रतिशत वोट मिला, जो इस बार बढ़कर 49.74 प्रतिशत हो गया। भाजपा ने मोहनलालगंच सीट पर प्रचंड वोटों से न सिर्फ जीत हासिल की बल्कि 9.11 प्रतिशत वोट भी बढ़ाया।

गठबंधन में नहीं ट्रांसफर हुए वोट
लोकसभा चुनाव से पहले जहां एक तरफ सपा और बसपा के लोग जीत के दावे कर रहे थे और अपने-अपने मतदाताओं से गठबंधन के प्रत्याशियों को मिलकर वोट देने की अपील कर रहे थे पर चुनाव के दौरान वोटरों को गठबंधन रास नहीं आया। अगर मोहनलालगंज सीट की बात की जायेग तो सपा और बसपा मिलकर भी पिछले चुनाव के बार वोट नहीं हासिल कर सकी। वर्ष 2014 में जब मोहनलालगंज सीट पर सपा और बसपा अलग-अलग मैदान में थी तो 242366 और बसपा को 309858 वोट मिले थे। दोनों को मिल दिया जाये तो पिछली बार दोनों पार्टियों को कुल 552224 वोट मिले तो जो इस बारे मुकबले 14492 कम है। प्रतिशत की बात की जायेग दोनों पार्टियों को पिछले चुनाव में कुल मिला 49.45 प्रतिशत वोट हासिल किये जो इस बार 42.47 ही रहा। यह आकड़े साफ जाहिर कर रहे हैं कि सपा और बसपा गठबंधन के वोट एक दूसरे में ट्रांसफर नहीं हुए।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 34 लोकसभा सीट मोहनलालगंज से एक बार फिर भाजपा ने अपना परचम लहराते हुए शानदार जीत हासिल की है। यहां से भाजपा सांसद कौशल किशोर ने 628813 वोट पाकर दूसरी बार जीत दर्ज की है। दूसरे नम्बर पर गठबंधन प्रत्याशी सीएल वर्मा रहे, उन्होंने 5,37,732 वोट मिले। गठबंधन प्रत्याशी सीएल वर्मा ने कुछ चक्रों में भाजपा सांसद कौशल किशोर को टक्कर तो दी पर छठे चरण की मगगणना के बाद वह जीत से काफी दूर रह गये। दो बार से सांसद बनने का ख्वाब देख रहे कांग्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी को एक बार फिर मोहनलालगंज की जनता ने नकार दिया और उनको 60004 मत मिले और तीसरे स्थान पर ही संतोष करना पड़ा। 12 प्रत्याशी थे मैदान में इस बार मोहनलालगंज लोकसभा सीट से 12 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। सबसे प्रबल दावेदारों में भाजपा सांसद कौशल किशोर, गठबंधन प्रत्याशी सीएम वर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी माने जा रहे थे। इसके अलावा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से गनेश रावत के अलावा जगदीश प्रसाद गौतम, राधा अम्बेडकर, राम सागर पासी,शत्रोहन लाल रावत, सुनील कुमार, जगदीश रावत, प्रभावती देवी और रमेश कुमार चुनावी मैदान में थे। पहले राउंड में गठबंधन प्रत्याशी थे आगे मोहनलालगंज लोकसभा सीट को लेकर गुरुवार की सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना में पहले राउंड में भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर ने 17208 वोट हासिल किये। वहीं गठबंधन प्रत्याशी सीएम वर्मा को 18263 वोट मिले। कांग्र्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी को 1370 वोट मिले। वहीं गनेश रावत को 285, जगदीश प्रसाद गौतम को 53, राधा अम्बेडकर को 39, राम सागर पासी को 55, शत्रोहन लाल रातव को 79, सुनील कुमार को 168, जगदीपश रावत को 120, प्रभावती देवी को 168 और रमेश कुमार को 78 वोट मिले। वहीं पहले राउंड में मोहनलालगंज के 338 मतदाताओं ने नोट का बदन दबा कर सभी प्रत्याशियों को नकार दिया। इस तरह पहले राउंड में मोहनलालगंज सीट पर कुल 38224 मत डाले गये। पहले चक्र में गठबंधन के प्रत्याशी की बढ़त देख भाजपा के लोगों के माथे पर पसीना आ गया। वहीं गठंबधन के लोग के चेहरे खुशी से खिल उठे। दूसरे चक्र में पलटी बाजी कुछ ही देर के बाद दूसरे चक्र के मतों की गिनती के नतीजे सामने आये और पूरी बाजी पलट गयी। पहले नम्बर पर चल रहे गठबंधन प्रत्याशी सीएम वर्मा को दूसरे राउंड में 17260 वोट मिले, जबकि पहले राउंड में पीछे चल रहे भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर को 18906 वोट मिले। दूसरे चक्र में भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर पहले स्थान पर पहुंचे और उनको कुल 36114 वोट मिले। वहीं गठबंधन प्रत्याशी सीएम वर्मा दूसर स्थान पर पहुंच गये और उनको कुल 35523 वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी को दूसरे राउंड में 1299 वोट मिला और उनका कुल वोट 2669 पहुंच गया। तीसरे चक्र में गठबंधन प्रत्याशी को मिले अधिक वोट तीसरे चक्र की मतगणना का ऐलान ने एक बार फिर सबसे चौका दिया। तीसरे राउंट की काउंटिंग में गठबंधन प्रत्याशी सीएम वर्मा को सबसे अधिक 19818 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर के खाते में 19296 वोट आये। तीसरे चक्र में सीएम वर्मा को वोट तो अधिक मिले पर पहले और दूसरे और तीसरे चक्र के कुल वोट जोड़ पर वह फिर दूसरे स्थान पर रह गये। तीसरे चक्र में उनको कुल 55341 वोट हासिल हुए, जबकि भाजपा सांसद कौशल किशोर को 55410 वोट मिले। दोनों प्रत्याशियों के बीच तीसरे चरण में महज 69 वोटों का अंतर था। नोटा का बटन दबाने वालों की संख्या बढ़ी इस बार मोहनलालगंज सीट का चुनाव काफी रोचक रहा। इस चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों को नापसंद करने वाले लोगों की संख्या भी पिछले चुनाव के मुकाबले काफी बढ़ गयी। वर्ष 2014 में हुई चुनाव में मोहनलालगंज सीट के 4708 वोटरों ने प्रत्याशियों नापसंद करते हुए नोटा का बटन दबाया था। प्रतिशत के हिसाब से पिछले चुनाव में .42 प्रतिशत वोटरों ने नोट के बटन का प्रयोग किया था। वहीं इस बार नोटा का बटन दबाने वाले वोटरों की संख्या लगभग दोगुनी हो गयी। इस बार मोहनलालगंज सीट के 10689 लोगों ने नोटा का बटन दबा और 69 लोगों ने पोस्टल बैलेट में नोटा पर अपनी मोहर लगायी। इस तरह कुल 10758 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया। अगर प्रतिशत की बात की जाये तो .85 प्रतिशत वोटरों ने नोट का प्रयोग किया। तीसरी बार आरके चौधरी को मिली हार मोहनलालगंज लोकसभा सीट से चुनाव मैदन में खड़े कांग्रेस प्रत्याशी आरके चौधरी इस बार तीसरी बार चुनाव मैदान में थे। पहली बार वर्र्ष 2009 में राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी के बैनर तले पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा था। उस वक्त सीएल वर्मा को मोहनलालगंज की जनता ने 1,44,341 वोट दिये थे और उनको तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। इसके बाद सीएल वर्मा ने बसपा के टिकट पर वर्ष 2014 में फिर से चुनावी मैदान में ताल ठोकी थी। इस चुनाव में आरके चौधरी मोदी लहर के आगे टिक नहीं सके और 3,09,858 वोट हासिल करके भी हार का सामान करना पड़ा। मोदी लहर में मोहनलालगंज की जनता ने कौशल किशोर को अपना सांसद चूना और 4,55,274 वोट हासिल कर उन्होंने संसद का रास्त तय किया। इस बार फिर आरके चौधरी ने लोकसभा चुनाव में अपनी किस्तम आजमायी। उन्होंने इस चुनाव में गठबंधन का दामन थामा और बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे, पर इस बार मोहनलालगंज की जनता ने आरके चौधरी को हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया। उनको 2009 और 2014 के चुनाव के मुकाबले महज चंद हजार वोट मिले और एक बार फिर आरके चौधरी तीसरे स्थान पर पहुंच गये। पिछड़े और सवर्ण वोट भाजपा की झोली में मोहनलालगंज लोकसभा सीट पांच विधानसभा सीतापुर की सिधौली, लखनऊ की मलिहाबाद, बक्सी तालाब, सरोजनीनगर और मोहनलालगंज जोड़कर बनायी गयी है। मोहनलालगंज सीटे पर दलित, पिछड़े और सवर्ण वोटरों की संख्या अधिक है। दो बार से यह सीट सुरक्षित सीट है। इस बार गठबंधन के समीकरण के बावजूद भी मोहलालगंज के दलित, पिछेड़ और स्वर्ण मतदाताओं को कोई पार्टी और प्रत्याशी अपनी तरफ आकॢषत नहीं कर सके। वहीं भाजपा सांसद कौशल किशोर ने इन वोटरों को अपनी तरफ खीचने में कामयाब रहे और जीत हासिल करने में कामयाब रहे। किसको कितने वोट मिले भाजपा प्रत्याशी कौशल किशोर को 628813 ,आरके चौधरी 60004, सीएल वर्मा को 537732, गनेश प्रसाद को 7953, जगदीश प्रसाद गौतम, 1441, राधा अम्बेडकर 1217, रामसागर पासी 1511, शत्रोहन लाल रावत को 2629, सुशील कुमार 4254, जगदीश रावत, 3055, प्रभावती देवी को 4323 और रमेश कुमार को 2456 वोट हासिल हुए। पिछली बार के मुकाबले 9.11 प्रतिशत अधिक वोट मिला मोहनलालगंज लोकसभा सीट पर भाजपा ने न सिर्फ शानदरा जीत हासिल की बल्कि अपना वोट प्रतिशत भी बढ़ाया। पिछले 2014 के चुनाव में सांसद कौशल किशोर 455274 वोट मिले थे। वहीं इस बार उनको 173539 अधिक वोट मिले। पिछली 2014 के चुनाव में भाजपा को 40.77 प्रतिशत वोट मिला, जो इस बार बढ़कर 49.74 प्रतिशत हो गया। भाजपा ने मोहनलालगंच सीट पर प्रचंड वोटों से न सिर्फ जीत हासिल की बल्कि 9.11 प्रतिशत वोट भी बढ़ाया। गठबंधन में नहीं ट्रांसफर हुए वोट लोकसभा चुनाव से पहले जहां एक तरफ सपा और बसपा के लोग जीत के दावे कर रहे थे और अपने-अपने मतदाताओं से गठबंधन के प्रत्याशियों को मिलकर वोट देने की अपील कर रहे थे पर चुनाव के दौरान वोटरों को गठबंधन रास नहीं आया। अगर मोहनलालगंज सीट की बात की जायेग तो सपा और बसपा मिलकर भी पिछले चुनाव के बार वोट नहीं हासिल कर सकी। वर्ष 2014 में जब मोहनलालगंज सीट पर सपा और बसपा अलग-अलग मैदान में थी तो 242366 और बसपा को 309858 वोट मिले थे। दोनों को मिल दिया जाये तो पिछली बार दोनों पार्टियों को कुल 552224 वोट मिले तो जो इस बारे मुकबले 14492 कम है। प्रतिशत की बात की जायेग दोनों पार्टियों को पिछले चुनाव में कुल मिला 49.45 प्रतिशत वोट हासिल किये जो इस बार 42.47 ही रहा। यह आकड़े साफ जाहिर कर रहे हैं कि सपा और बसपा गठबंधन के वोट एक दूसरे में ट्रांसफर नहीं हुए।