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कृषि मंत्री को मोदी सरकार ने बनाया पिंजरे वाला तोता, उन्हें मिले अधिकार तो हो जाएगा फैसला : नरेश टिकैत

गाजीपुर बॉर्डर पर किसान की ताकत का एहसास कराने के लिए शुक्रवार को ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि देश का किसान कमजोर नहीं है। बीच के रास्ते हमेशा खुले हुए हैं, लेकिन सरकार को अपनी जिद छोड़नी होगी। सरकार ने कृषि मंत्री को पिंजरे वाला तोता बना रखा है, यदि उन्हें अधिकार दिए जाएं तो फैसला हो जाएगा।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। गाजीपुर बॉर्डर पर किसान की ताकत का एहसास कराने के लिए शुक्रवार को ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि देश का किसान कमजोर नहीं है। बीच के रास्ते हमेशा खुले हुए हैं, लेकिन सरकार को अपनी जिद छोड़नी होगी। सरकार ने कृषि मंत्री को पिंजरे वाला तोता बना रखा है, यदि उन्हें अधिकार दिए जाएं तो फैसला हो जाएगा।

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उन्होंने कहा कि पिछले सात माह से गाजीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में कृषि कानून के विरोध में धरना चल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा कानून वापस न लेने पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकतर टोल प्लाजा पर धरना दे रखा है। वहीं गुरुवार को मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के किसानों द्वारा गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचकर सरकार को अपनी ताकत का एहसास कराने के लिए ट्रैक्टर रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि रैली निकालने के पीछे कोई खास मकसद नहीं है। रैली तो निकलती ही रहेगी।

उन्होंने कहा अभी मुजफ्फरनगर व सहारनपुर से ट्रैक्टर रैली निकाली गई है। अब शनिवार व रविवार को शामली, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद आदि जिलों से ट्रैक्टर रैलियां निकाली जाएंगी और गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है। देश का किसान भी कमजोर नहीं है। हमेशा बातचीत के लिए बीच के रास्ते खुले हुए हैं, लेकिन सरकार को अपनी जिद छोड़कर किसानों से माफी मांगनी होगी। नरेश टिकैत ने कहा कि कृषि मंत्री अच्छे हैं, हम उन्हें गलत नहीं कहते। उन्हें पिंजरे का तोता बना रखा है, राजनाथ सिंह उन्हें अधिकार दें। यदि उन्हें अधिकार दें तो फैसला हो जाएगा। सरकार में भी सभी लोग अच्छे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह भी अच्छे हैं, लेकिन उनकी सोच गलत है। उन्होंने किसान भटका दिए हैं, जिस कारण भाजपा की नाव डूबने की कगार पर है। सरकार को लगता है कि कृषि कानून से बड़ी कोरोना महामारी है तो सरकार कानून वापस लेकर किसानों को घर भेज दें। यदि सरकार उनकी नहीं सुनती तो धरना जारी रहेगा।

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