गरीबी का मजाक : सीएम के जाते ही रैनबसेरों में लेटे गरीब तीमारदारों से वापस ले लिए गए कंबल

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गरीबी का मजाक : सीएम के जाते ही रैनबसेरों में लेटे गरीब तीमारदारों से वापस ले लिए गए कंबल

लखनऊ। प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंडक को देखते हुए गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार की रात शहर के रैनबसेरों का जायजा लेने निकले। इस दौरान उन्होने ट्रामा सेंटर में बने रैनबसेरे का भी निरीक्षण किया। इसकी जानकारी जैसे ही ​अधिकारियों को मिली तो वो सीएम से पहले ही वहां पहुंच गए और रैलबसेरों में पन्नी ओढ़ कर लेटे गरीब तीमारदारों को कंबल बंटवाए। लेकिन ठिठुर रहे लोगों को ज्यादा देर तक गर्मी नहीं मिल सकी। मुख्यमंत्री के जाने के करीब 1 घंटे बाद ही लोगों से कंबल वापस ले लिया गया।

Blankets Withdrawn From Poor Timbers Lying In Ranbasars As Soon As Cm Leaves :

रैन बसेरे में ठहरे मऊ निवासी संजय कुमार, संतकबीर नगर निवासी गिरीश ने कहा कि सीएम के जाते ही कंबल वापस ले लिए गए। इसके बाद कोई पुरसाहाल नहीं है। वहीं सूत्रों की मानें तो ट्रॉमा सेंटर के रैन बसेरे में 150 रुपये लेकर कंबल दिए जा रहे हैं। मैनपुरी निवासी गीता के मुताबिक, डेढ़ सौ रुपये जमा करने पर कंबल दिया गया। गोंडा के नरेश और निशांत ने भी कंबल के लिए 150 रुपये भुगतान का दावा किया।

केजीएमयू के प्रवक्ता प्रवक्ता ने बताया कि तीमारदारों से कंबल वापस लेने की शिकायत नहीं मिली है। इसके अलावा कंबल देने के लिए 150 रुपये लिए जाने की बात गलत है। मामले की जानकारी लूंगा। सीएम को निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिली थीं। इस पर सीएम ने केजीएमयू वीसी प्रो। एमएलबी भट्ट को कड़ी फटकार भी लगाई थी। उन्होंने सख्त आदेश दिया था कि रैन बसेरे की जमीन को पक्का किया जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी इतनी ठंड में जमीन पर न सोए। आलम यह है कि सीएम के कड़े निर्देशों के बावजूद मरीजों के तीमारदार जमीन पर पन्नी बिछाकर सोने को मजबूर हैं।

लखनऊ। प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंडक को देखते हुए गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार की रात शहर के रैनबसेरों का जायजा लेने निकले। इस दौरान उन्होने ट्रामा सेंटर में बने रैनबसेरे का भी निरीक्षण किया। इसकी जानकारी जैसे ही ​अधिकारियों को मिली तो वो सीएम से पहले ही वहां पहुंच गए और रैलबसेरों में पन्नी ओढ़ कर लेटे गरीब तीमारदारों को कंबल बंटवाए। लेकिन ठिठुर रहे लोगों को ज्यादा देर तक गर्मी नहीं मिल सकी। मुख्यमंत्री के जाने के करीब 1 घंटे बाद ही लोगों से कंबल वापस ले लिया गया। रैन बसेरे में ठहरे मऊ निवासी संजय कुमार, संतकबीर नगर निवासी गिरीश ने कहा कि सीएम के जाते ही कंबल वापस ले लिए गए। इसके बाद कोई पुरसाहाल नहीं है। वहीं सूत्रों की मानें तो ट्रॉमा सेंटर के रैन बसेरे में 150 रुपये लेकर कंबल दिए जा रहे हैं। मैनपुरी निवासी गीता के मुताबिक, डेढ़ सौ रुपये जमा करने पर कंबल दिया गया। गोंडा के नरेश और निशांत ने भी कंबल के लिए 150 रुपये भुगतान का दावा किया। केजीएमयू के प्रवक्ता प्रवक्ता ने बताया कि तीमारदारों से कंबल वापस लेने की शिकायत नहीं मिली है। इसके अलावा कंबल देने के लिए 150 रुपये लिए जाने की बात गलत है। मामले की जानकारी लूंगा। सीएम को निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिली थीं। इस पर सीएम ने केजीएमयू वीसी प्रो। एमएलबी भट्ट को कड़ी फटकार भी लगाई थी। उन्होंने सख्त आदेश दिया था कि रैन बसेरे की जमीन को पक्का किया जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी इतनी ठंड में जमीन पर न सोए। आलम यह है कि सीएम के कड़े निर्देशों के बावजूद मरीजों के तीमारदार जमीन पर पन्नी बिछाकर सोने को मजबूर हैं।