भारत चीन के बीच खूनी झड़प: आखिर उस रात क्या हुआ था, जाने घायल जवान की जुबानी…

India and China
भारत चीन के बीच खूनी झड़प: आखिर उस रात क्या हुआ था, जाने घायल जवान की जुबानी...

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हुए। वहीं चीन के 40 से ज्यादा जवान या तो मारे गए या घायल हुए। इस हिंसक झड़प में राजस्थान का एक जवान सुरेंद्र सिंह भी घायल हुआ। राजस्थान में अलवर जिले के नौगांवा गांव के सुरेंद्र सिंह ने फोन पर अपने परिजनों को झड़प की जानकारी देते हुए बताया कि चीनी सैनिकों ने गलवान घाटी से निकल रही नदी किनारे अचानक धोखे से हमला किया।

Bloody Skirmish Between India And China What Happened That Night Knowing The Wounded Mans Words :

घायल जवान ने बताया कि यह हिंसक झड़प करीब पांच घंटे तक चली। संघर्ष में भारत के करीब ढाई सौ और चीन के एक हजार से अधिक जवान थे। उन्होंने बताया कि गलवान घाटी की नदी में करीब फुट गहरे बेहद ठंडे पानी में यह संघर्ष चलता रहा। जहां यह संघर्ष हुआ उस नदी के किनारे मात्र एक आदमी को ही निकलने की जगह थी इसलिए भारतीय सैनिकों को संभलने में भारी परेशानी हुई।

सुरेंद्र ने बताया कि कि अब वह स्वस्थ हैं और लद्दाख के सैनिक हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है उनके एक हाथ में फैक्चर है और सिर में करीब एक दर्जन टांके लगे हैं। उन्होंने पांच घंटे पांच फुट गहरे पानी में हुए संघर्ष में सिर में चोट लगने से वह घायल हो गए थे और अन्य सैनिकों ने उन्हें बाहर निकाला। उन्हें तब तक होश था उसके बाद उन्हें लद्दाख के हॉस्पिटल में ही आकर करीब 12 घंटे बाद होश आया।

उन्होंने बताया कि चीनी सेना ने कांटे लगे डंडों से हमला किया। लद्दाख में ग्लेशियर होने के कारण वहां हथियारों का उपयोग नहीं होता और लाठी-डंडों और के साथ ही पेट्रोलिंग होती है। जिस वक्त यह हमला किया गया उस वक्त भारत के सैनिक कम थे लेकिन उनमें जज्बा चीनी सैनिकों से लड़ने का पूरा था। आमने- सामने होते तो चीन के सैनिकों को धूल चटा देते।

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हुए। वहीं चीन के 40 से ज्यादा जवान या तो मारे गए या घायल हुए। इस हिंसक झड़प में राजस्थान का एक जवान सुरेंद्र सिंह भी घायल हुआ। राजस्थान में अलवर जिले के नौगांवा गांव के सुरेंद्र सिंह ने फोन पर अपने परिजनों को झड़प की जानकारी देते हुए बताया कि चीनी सैनिकों ने गलवान घाटी से निकल रही नदी किनारे अचानक धोखे से हमला किया। घायल जवान ने बताया कि यह हिंसक झड़प करीब पांच घंटे तक चली। संघर्ष में भारत के करीब ढाई सौ और चीन के एक हजार से अधिक जवान थे। उन्होंने बताया कि गलवान घाटी की नदी में करीब फुट गहरे बेहद ठंडे पानी में यह संघर्ष चलता रहा। जहां यह संघर्ष हुआ उस नदी के किनारे मात्र एक आदमी को ही निकलने की जगह थी इसलिए भारतीय सैनिकों को संभलने में भारी परेशानी हुई। सुरेंद्र ने बताया कि कि अब वह स्वस्थ हैं और लद्दाख के सैनिक हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है उनके एक हाथ में फैक्चर है और सिर में करीब एक दर्जन टांके लगे हैं। उन्होंने पांच घंटे पांच फुट गहरे पानी में हुए संघर्ष में सिर में चोट लगने से वह घायल हो गए थे और अन्य सैनिकों ने उन्हें बाहर निकाला। उन्हें तब तक होश था उसके बाद उन्हें लद्दाख के हॉस्पिटल में ही आकर करीब 12 घंटे बाद होश आया। उन्होंने बताया कि चीनी सेना ने कांटे लगे डंडों से हमला किया। लद्दाख में ग्लेशियर होने के कारण वहां हथियारों का उपयोग नहीं होता और लाठी-डंडों और के साथ ही पेट्रोलिंग होती है। जिस वक्त यह हमला किया गया उस वक्त भारत के सैनिक कम थे लेकिन उनमें जज्बा चीनी सैनिकों से लड़ने का पूरा था। आमने- सामने होते तो चीन के सैनिकों को धूल चटा देते।