मुंबई में समुद्र किनारे फैला जेलिफिश का आतंक, 2 दिन में 150 लोगों को कर चुकी है घायल

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मुंबई में समुद्र किनारे फैला जेलिफिश का आतंक, 2 दिन में 150 लोगों को कर चुकी है घायल

मुंबई। अगर आप भी मुंबई के समुद्र तटों पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो सतर्क हो जाइए। दरअसल यहां समुद्र किनारे ब्लू बॉटल जेलिफिश देखी जा रही हैं जो अपने जहर से लोगों को घायल कर रही है। इस मछली का आतंक इस तरह फ़ेल रहा है कि बीते दो दिनों में ही इसने 150 से भी ज्यादा लोगों को घायल कर दिया है। इन घटनाओं को देखते हुए सरकार ने चेतावनी जारी कर लोगों को बीच पर जाने से मना किया है।

Blue Bottle Jellyfish Attacks At Mumbai Beaches :

शहर के जुहू, अक्सा और गिरगांव चौपाटी के बीचों पर इनकी तादाद बहुत ज्यादा है। इस वजह से लोगों में दशहत का माहौल है। इनके चोट पहुंचाने से कई घंटों तक दर्द और खुजली बनी रहती है और इनका डंक अन्य मछलियों की जान भी ले लेता है। इस मछलियों को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि मध्य मानसून सीजन के दौरान मुंबई में ये आमतौर पर देखी जाती हैं।

लोगों का कहना है कि जेलिफिश हर साल बीच पर देखी जाती हैं। लेकिन, इस समय ये काफी संख्या में मौजूद हैं।विशेषज्ञों के अनुसार ये जिस बॉडी पार्ट के टच में आते हैं वो सुन्न हो जाता है। कई केस में इनके टच की वजह से बहरेपन की भी शिकायत मिली है।

मुंबई। अगर आप भी मुंबई के समुद्र तटों पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो सतर्क हो जाइए। दरअसल यहां समुद्र किनारे ब्लू बॉटल जेलिफिश देखी जा रही हैं जो अपने जहर से लोगों को घायल कर रही है। इस मछली का आतंक इस तरह फ़ेल रहा है कि बीते दो दिनों में ही इसने 150 से भी ज्यादा लोगों को घायल कर दिया है। इन घटनाओं को देखते हुए सरकार ने चेतावनी जारी कर लोगों को बीच पर जाने से मना किया है।शहर के जुहू, अक्सा और गिरगांव चौपाटी के बीचों पर इनकी तादाद बहुत ज्यादा है। इस वजह से लोगों में दशहत का माहौल है। इनके चोट पहुंचाने से कई घंटों तक दर्द और खुजली बनी रहती है और इनका डंक अन्य मछलियों की जान भी ले लेता है। इस मछलियों को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि मध्य मानसून सीजन के दौरान मुंबई में ये आमतौर पर देखी जाती हैं।लोगों का कहना है कि जेलिफिश हर साल बीच पर देखी जाती हैं। लेकिन, इस समय ये काफी संख्या में मौजूद हैं।विशेषज्ञों के अनुसार ये जिस बॉडी पार्ट के टच में आते हैं वो सुन्न हो जाता है। कई केस में इनके टच की वजह से बहरेपन की भी शिकायत मिली है।