20 हजार लोगों की कुर्बानी देकर दुनिया का सबसे नया देश बना बोगनविल

girl
20 हजार लोगों की कुर्बानी देकर दुनिया का सबसे नया देश बना बोगनविल

नई दिल्ली। दुनिया के मानचित्र पर एक नया देश आने वाला है। ये देश पश्चिम अफ्रीका के देश पापुआ न्यू गिनी से अलग होकर बनेगा। पीएनजी से अलग होने को लेकर बोगनविल में 23 सितंबर से वोटिंग हो रही थी। बुधवार को आए नतीजे में यहां के लोगों ने पीएनजी से आजाद होने के समर्थन में भारी मतदान किया। लिहाजा बोगनविल दुनिया का सबसे नया देश बनने जा रहा है।

Boganville Became The Worlds Newest Country By Sacrificing 20 Thousand People :

बोगनविले रेफरेंडम (जनमत संग्रह) कमीशन के अध्यक्ष बर्टी अहर्न ने बुका (बोगनविल की राजधानी) में घोषणा की कि 1,81,067 में से 98% लोगों ने (1,76,928) आजादी के समर्थन में वोट दिया, जबकि विरोध में 3,043 लोगों ने मतदान किया। अहर्न ने सभी पक्षों से नतीजे को मानने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह वोट आपकी शांति, आपके इतिहास और आपके भविष्य को लेकर है। यह हथियारों पर कलम की ताकत को दिखाता है।

23 नवंबर से लेकर 7 दिसंबर 2019 तक दो हफ्ते की अवधि में चली जनमतसंग्रह की प्रक्रिया के नतीजे मानना कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। बोगेनविले और पोर्ट मोरेस्बी अब यहां से आगे का रास्ता आपसी बातचीत से तय करेंगे। पापुआ न्यू गिनी की संसद इस मामले पर अंतिम निर्णय लेगी।

स्वाधीनता को लेकर रेफरेंडम कराया जाना असल में करीब 20 साल से जारी शांति प्रक्रिया का हिस्सा है। 10 साल तक बोगेनविले और पापुआ न्यू गिनी के बीच चले खूनी गृह युद्ध के सन् 1998 में खत्म होने के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से ऐसा जनमत संग्रह कराए जाने का फैसला लिया था। इस गृह युद्ध में 15,000 लोगों की जान चली गई थी।

नई दिल्ली। दुनिया के मानचित्र पर एक नया देश आने वाला है। ये देश पश्चिम अफ्रीका के देश पापुआ न्यू गिनी से अलग होकर बनेगा। पीएनजी से अलग होने को लेकर बोगनविल में 23 सितंबर से वोटिंग हो रही थी। बुधवार को आए नतीजे में यहां के लोगों ने पीएनजी से आजाद होने के समर्थन में भारी मतदान किया। लिहाजा बोगनविल दुनिया का सबसे नया देश बनने जा रहा है। बोगनविले रेफरेंडम (जनमत संग्रह) कमीशन के अध्यक्ष बर्टी अहर्न ने बुका (बोगनविल की राजधानी) में घोषणा की कि 1,81,067 में से 98% लोगों ने (1,76,928) आजादी के समर्थन में वोट दिया, जबकि विरोध में 3,043 लोगों ने मतदान किया। अहर्न ने सभी पक्षों से नतीजे को मानने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह वोट आपकी शांति, आपके इतिहास और आपके भविष्य को लेकर है। यह हथियारों पर कलम की ताकत को दिखाता है। 23 नवंबर से लेकर 7 दिसंबर 2019 तक दो हफ्ते की अवधि में चली जनमतसंग्रह की प्रक्रिया के नतीजे मानना कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। बोगेनविले और पोर्ट मोरेस्बी अब यहां से आगे का रास्ता आपसी बातचीत से तय करेंगे। पापुआ न्यू गिनी की संसद इस मामले पर अंतिम निर्णय लेगी। स्वाधीनता को लेकर रेफरेंडम कराया जाना असल में करीब 20 साल से जारी शांति प्रक्रिया का हिस्सा है। 10 साल तक बोगेनविले और पापुआ न्यू गिनी के बीच चले खूनी गृह युद्ध के सन् 1998 में खत्म होने के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से ऐसा जनमत संग्रह कराए जाने का फैसला लिया था। इस गृह युद्ध में 15,000 लोगों की जान चली गई थी।