बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की रिपोर्ट तीसरी बार आई पॉजिटिव, SGPGI में चल रहा इलाज

Kanika Kapoor
कोरोना वायरस: पीजीआई निदेशक का बयान- बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की सेहत में हो रहा सुधार

लखनऊ: बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की रिपोर्ट तीसरी बार पॉजिटिव आई है। उनमें संक्रमण का प्रकोप बना हुआ है। उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। शेष दो की रिपोर्ट निगेटिव आई है। लखनऊ में पीजीआई में भर्ती गायिका कनिका कपूर की जांच रिपोर्ट एक बार फिर से पॉजिटिव आई है। हालांकि उसे किसी तरह की दिक्कत नहीं बताई जा रही है।

Bollywood Singer Kanika Kapoor Reports For The Third Time Positive Treatment Underway At Sgpgi :

पीजीआई के निदेशक प्रो़ आरके धीमान ने बताया कि अभी कनिका के टेस्ट में पॉजिटिव है। उनका उपचार जब तक जारी रहेगा जब तक र्पिोट निगेटिव नहीं आ जाती है। दो बार निगेटिव र्पिोट के बाद उनके बारे में कुछ कहा जाएगा।

उधर, पीजीआइ में भर्ती कोरोना पॉजिटिव बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की देखभाल के लिए हर समय एक नर्स तैनात रहती है। चार-चार घंटे पर नसरे की शिट बदलती हैं। यह नसेर्ं ही उन्हें दवा खिलाती हैं और अन्य चीजों का ध्यान रखती हैं।

नसरे को पीपीई किट पहननी पड़ती है। उसे पहनने में ही काफी समय लगता है और ड्यूटी खत्म होने के बाद उतारने में अत्यंत सावधानी बरतनी पड़ती है। क्योंकि शरीर के किसी भी भाग से किट का बाहरी हिस्सा न छू जाए।

लखनऊ: बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की रिपोर्ट तीसरी बार पॉजिटिव आई है। उनमें संक्रमण का प्रकोप बना हुआ है। उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। शेष दो की रिपोर्ट निगेटिव आई है। लखनऊ में पीजीआई में भर्ती गायिका कनिका कपूर की जांच रिपोर्ट एक बार फिर से पॉजिटिव आई है। हालांकि उसे किसी तरह की दिक्कत नहीं बताई जा रही है। पीजीआई के निदेशक प्रो़ आरके धीमान ने बताया कि अभी कनिका के टेस्ट में पॉजिटिव है। उनका उपचार जब तक जारी रहेगा जब तक र्पिोट निगेटिव नहीं आ जाती है। दो बार निगेटिव र्पिोट के बाद उनके बारे में कुछ कहा जाएगा। उधर, पीजीआइ में भर्ती कोरोना पॉजिटिव बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की देखभाल के लिए हर समय एक नर्स तैनात रहती है। चार-चार घंटे पर नसरे की शिट बदलती हैं। यह नसेर्ं ही उन्हें दवा खिलाती हैं और अन्य चीजों का ध्यान रखती हैं। नसरे को पीपीई किट पहननी पड़ती है। उसे पहनने में ही काफी समय लगता है और ड्यूटी खत्म होने के बाद उतारने में अत्यंत सावधानी बरतनी पड़ती है। क्योंकि शरीर के किसी भी भाग से किट का बाहरी हिस्सा न छू जाए।