बॉलीवुड के महा खलनायक थे अमजद खान

मुंबई।आज अभिनेता अमजद खान की पुण्यतिथि है।अपने फिल्मी सफर में करीबन 200 फिल्मों में काम करने वाले अमजद खान किसी परिचय के मोहताज नहीं है। आज भी शोले फिल्म में उनके द्वारा निभाया गया गब्बर सिंह का किरदार महा खलनायक के तौर पर देखा जाता है। जिस तन्मयता के साथ उन्होने निगेटिव किरदार निभाए उतनी ही लगन के साथ इन्होंने पॉज़िटिव किरदार भी अदा किए। अपने हर किरदार को इस महान अभिनेता ने इस तरह से जिया  कि कई किरदार हिन्दी सिनेमा में अमर हो गए।

कैसे बने गब्बर सिंह –

फिल्म शोले ने अमजद खान को एक सशक्त कलाकार के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित किया लेकिन फिल्म निर्माताओं के ध्यान में इस किरदार के लिए अभिनेता डैनी का नाम था। उस समय डैनी धर्मात्मा की शूटिंग में व्यस्त थे इसीलिए उनहोंने गब्बर सिंह के इस यादगार किरदार के लिए इंकार कर दिया। शोले के कहानीकार सलीम खान ने अमजद खान के लिए निर्माता रमेश सिप्पी से सिफ़ारिश की। पहले तो अमजद खान इस किरदार के बारे में सुनकर घबरा गए लेकिन फिर एक चुनौती के रूप में इस किरदार को बड़े पर्दे पर बखूबी निभाया। इस फिल्म के बाद वो विलेन के लिए निर्देशकों की पहली पसंद बन गए।

कुर्बानी, लावारिस, याराना जैसी फिल्में करके उन्होने अपनी एकरूप छवि को बदला व अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। वर्ष 1985 में फिल्म ‘मां कसम’ के लिए अमजद खान सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता के रूप में फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किए गए।

नब्बे के दशक में उनका स्वास्थ्य खराब रहने लगा जिसके कारण वो फिल्मों में काम करने में असमर्थ हो गये।अपने सबसे अच्छे मित्र अमिताभ बच्चन के साथ ‘लंबाई चौड़ाई’ नाम की एक फिल्म बनाने का उनका सपना पूरा न हो सका।अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहे अभिनेता अमजद खान 27 जुलाई 1992 के दिन  इस दुनिया को अलविदा कह गये।उनके किरदार आज भी लोगों के हृदय में जीवित है और हमेशा रहेंगे।