चमत्कार : मां का रोना सुनकर जीवित हुआ ब्रेन डेड घोषित हो चुका लड़का

boy
चमत्कार : मां का रोना सुनकर जीवित हुआ ब्रेन डेड घोषित हो चुका लड़का

नई दिल्ली। तेलंगाना के सूर्यापेट से एक मां-बेटे से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 18 साल के एक युवक के मरकर जिंदा होने की खबर है। बेड पर लेटे अपने बेटे के पास मां रो रही थी। मां की चीत्कार सुन बेटे की आंखों से आंसू बहने लगे। यह देख मां ने डॉक्टर को बुलाया तो उसे वापस अस्पताल ले गए जहां वह तीन द‍िनों के अंदर काफी हद तक ठीक हो गया।

Boy Get Alive After Hearing The Voice Of Mother :

घटना तेलंगाना के सूर्यपेट जिले के पिल्लालमर्री गांव की है। लड़के का नाम गंधम किरन बताया जा रहा है। गंधम किरन की मां ने बताया कि जब वह उसके पास बैठ कर रो रही थी तभी देखा कि उसकी आखों से आंसू बह रहे हैं। ऐसा देखकर उसने अपने रिश्तेदारों को बताया और दौड़कर डॉक्टर को बुलाया गया।

गंधम किरन की मांग सैदम्मा ने बताया कि डॉक्टर लड़के का हाथ पकड़कर बताया कि यह अभी जीवित है और नाड़ी भी चल रही है। डॉक्टर लड़के के घर वालों की इस बात की तारीफ की कि उन्होंने मरते दम तक लड़के को वेंटीलेटर नहीं हटाया।

इसके बाद गांव वाले किरन को सूर्यपेट के जिला अस्पताल में फिर से ले गए। यहां हैदराबाद के डॉक्टरों की सलाह पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज किया था। डॉक्टरों ने फिर से इलाज किया तो लड़का किरन तीन दिन में ही सबको पहचानने लगा और बातचीत करने लगा।

इस मामले की शुरुआत की 26 जून से हुई थी। जब 18 वर्षीय गंधम करिन को अचानक तेज-बुखार और उल्टियां शुरू हुईं। तेज गर्मी होने के चलते जल्द ही गंधम की तबीयत बिगड़ गई। हालांकि समय रहते परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मामले को इतनी गंभीरता से नहीं लिया गया। 28 जून को जब गंधम की तबीयत और बिगड़ी तो परिजनों का भरोसा सरकारी अस्पताल से टूटा वे अपने बेटे को लेकर हैदराबाद भागे।

नई दिल्ली। तेलंगाना के सूर्यापेट से एक मां-बेटे से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 18 साल के एक युवक के मरकर जिंदा होने की खबर है। बेड पर लेटे अपने बेटे के पास मां रो रही थी। मां की चीत्कार सुन बेटे की आंखों से आंसू बहने लगे। यह देख मां ने डॉक्टर को बुलाया तो उसे वापस अस्पताल ले गए जहां वह तीन द‍िनों के अंदर काफी हद तक ठीक हो गया। घटना तेलंगाना के सूर्यपेट जिले के पिल्लालमर्री गांव की है। लड़के का नाम गंधम किरन बताया जा रहा है। गंधम किरन की मां ने बताया कि जब वह उसके पास बैठ कर रो रही थी तभी देखा कि उसकी आखों से आंसू बह रहे हैं। ऐसा देखकर उसने अपने रिश्तेदारों को बताया और दौड़कर डॉक्टर को बुलाया गया। गंधम किरन की मांग सैदम्मा ने बताया कि डॉक्टर लड़के का हाथ पकड़कर बताया कि यह अभी जीवित है और नाड़ी भी चल रही है। डॉक्टर लड़के के घर वालों की इस बात की तारीफ की कि उन्होंने मरते दम तक लड़के को वेंटीलेटर नहीं हटाया। इसके बाद गांव वाले किरन को सूर्यपेट के जिला अस्पताल में फिर से ले गए। यहां हैदराबाद के डॉक्टरों की सलाह पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज किया था। डॉक्टरों ने फिर से इलाज किया तो लड़का किरन तीन दिन में ही सबको पहचानने लगा और बातचीत करने लगा। इस मामले की शुरुआत की 26 जून से हुई थी। जब 18 वर्षीय गंधम करिन को अचानक तेज-बुखार और उल्टियां शुरू हुईं। तेज गर्मी होने के चलते जल्द ही गंधम की तबीयत बिगड़ गई। हालांकि समय रहते परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मामले को इतनी गंभीरता से नहीं लिया गया। 28 जून को जब गंधम की तबीयत और बिगड़ी तो परिजनों का भरोसा सरकारी अस्पताल से टूटा वे अपने बेटे को लेकर हैदराबाद भागे।