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ब्रह्मोस: 1,300 करोड़ से शुरू किए गए संयुक्त उपक्रम का मूल्य 40,000 करोड़ रुपए हुआ

Brahmos Jv Now Values At Rs 40000 Crore

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। भारत और रूस ने सामरिक शक्ति को मजबूत करने के लिए जब ब्रह्मोस को लेकर समझौता किया होगा तो सोचा भी नहीं होगा कि यह रक्षा उत्पादों की श्रेणी का एक बड़ा ब्रैंड होगा।

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मात्र 1,300 करोड़ रुपए के शुरुआती निवेश से शुरू किए गए ब्रह्मोस संयुक्त उपक्रम का मूल्य आज की तारीख में 40,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। ब्रह्मोस, दोनों देशों द्वारा साझा तौर पर विकसित की गयी एक सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है।

ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ और प्रबंध निदेशक सुधीर मिश्रा ने कहा, ‘सुपरसोनिक मिसाइल प्रोजेक्ट की तरह ही भारत और रूस के बीच अन्य क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रम होने चाहिए।

ब्रह्मोस संयुक्त उपक्रम ऐसे समय शुरू किया गया था, जब रूस आर्थिक संकट से जूझ रहा था और भारत ने उस अवसर का लाभ उठाया और कई समझौते किए। इस साझेदारी ने 40,000 करोड़ रुपये मूल्य का कारोबार दिया है जबकि शुरुआती निवेश मात्र 1300 करोड़ रुपये था।

ऐसे में हमें लगता है कि हमने संपत्ति और व्यवस्था का निर्माण किया है। आज की तारीख में हम भारत सरकार को करीब 4000 करोड़ रुपये प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से देते हैं।’

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1988 में गठित ब्रह्मोस संयुक्त उपक्रम में भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस के एनपीओ मशीनोस्त्रोयेनिया की साझेदारी है। सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को तीनों सेनाओं के उपयोग में लाया जा सकता है।

इसे थल, वायु, जहाजों और पनडुब्बियों में फिट किया जा सकता है। मिश्रा ने कहा कि आज 200 से ज्यादा उद्योग हमारे व्यावसायिक साझेदार हैं और 20,000 से ज्यादा लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस संयुक्त उपक्रम में कार्यरत हैं।

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