ध्यान रखिए मोबाइल रेडिएशन से हो सकते हैं ब्रेन ट्यूमर का शिकार

लखनऊ। वैसे तो ये सबको पता है कि मोबाइल से निकलने वाला रेडिएशन सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है। हालांकि अभी तक किसी भी शोध में इस बात का कोई निर्णय सामने नहीं आया है। अभी ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सायंसेज ने इस मामले में काफी रिसर्च किया तो उसमें इस बात का खुलासा हुआ कि मोबाइल रेडिएशन से ब्रेन ट्यूमर होने की आशंका बढ़ जाती है।



शोध के मुख्य लेखक न्यूरॉलजी विभाग के डॉक्टर कामेश्वर प्रसाद ने बताया कि इंडस्ट्री से मिले फंड से होने वाले अध्ययन की गुणवत्ता कम सही थी। वहीं दूसरी तरफ सरकारी फंड से होने वाले अध्ययन में यह बात साफ हुई है कि लंबे समय तक मोबाइल रेडिएशन के आस पास रहने से ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है।




अध्ययन के मुताबिक, ज्यादा देर मोबाइल में काम करने से ब्रेन ट्यूमर का खतरा 1,33 गुना बढ़ जाता है। ऐसा मानना है कि अगर 100 लोगों को ब्रेन ट्यूमर है तो रेडिएशन की वजह से यह 133 लोगों को हो सकता है। हैरान करने वाली बात तो ये है कि कुछ अध्ययन में ये भी कहा गया है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर से बचा जा सकता है।

लखनऊ। वैसे तो ये सबको पता है कि मोबाइल से निकलने वाला रेडिएशन सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है। हालांकि अभी तक किसी भी शोध में इस बात का कोई निर्णय सामने नहीं आया है। अभी ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सायंसेज ने इस मामले में काफी रिसर्च किया तो उसमें इस बात का खुलासा हुआ कि मोबाइल रेडिएशन से ब्रेन ट्यूमर होने की आशंका बढ़ जाती है। शोध के मुख्य लेखक न्यूरॉलजी विभाग के डॉक्टर कामेश्वर प्रसाद ने…
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