10 किलो का बम लेकर 1 किमी तक दौड़ा जाबाज सिपाही, बचाई कई मासूमों की जान

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सिसरा स्थित एक स्कूल में उस वक़्त हड़कंप मच गया, जब स्कूल परिसर में जिंदा बम होने की भनक लगी। आनन-फानन में सूचना डायल-100 को दी गयी। मौके पर पहुंची टीम को वहां एक जिंदा बम मिला। इसी बीच बहादुर हवलदार अभिषेक पटेल ने बम को कंधे पर रखकर दौड़ना शुरू कर दिया। अभिषेक 10 से 15 किलो वजन के बम को लेकर खुले मैदान की ओर भागे, तब जाकर सबकी जान में जान आई।

मिली जानकारी के मुताबिक, चितौरा गांव स्थित हायर सेकेंड्री स्कूल में छात्रों ने सेना का एक पुराना बम स्कूल परिसर में देखा। स्कूल प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस को सूचना देने के बाद स्कूल में छुट्टी कर दी गयी, जिसके बाद अफरा तफरी मच गयी और बच्चे बम के पास से गुजरने लगे। इसी बीच हवलदार अभिषेक पटेल बम को हाथ में उठाकर मैदान की ओर दौड़ पड़े। हवलदार ने स्कूल से एक हजार मीटर दूर बम को खुले मैदान में फेंक दिया। थोड़ी देर बाद मौके पर बम निरोधक दस्ता पहुंचा।

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पुलिस के मुताबिक, यह बम आर्मी का है। इस क्षेत्र से ही आर्मी की फायरिंग रेंज लगी हुई है। बम का वजन 10 से 15 किलो बताया गया है। वहीं अभिषेक की मानें तो कुछ दिनों पहले इसी तरह का बम बन्नाद गांव में मिला था। जिसकी मारक क्षमता 100 से 500 मीटर की बताई गई थी। यह भी उसी तरह का बम था।

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बम कैसे पहुंचा किसी को जानकारी नहीं-

बताया जा रहा है, स्कूल के पास ही आर्मी का फायरिंग रेंज है, लेकिन ये बम वहां से स्कूल परिसर में कैसे पहुंचा ये सवाल अब भी बना हुआ है। पुलिस ने आर्मी के अधिकारियों को इसकी खबर दे दी है। फिलहाल आर्मी ने इस बम को अपनी निगरानी में ले लिया है।

हवलदार किया जाएगा सम्मानित-

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आईजी ने बहादुर हवलदार को पुरस्कार देने की बात कही है। पुलिस के आला अफसरों ने भी जवान को पुरस्कार देने की बात कही है। क्योंकि उसने सैकड़ों लोगों की जान बचाने के लिए खुद की जान जोखिम में डाल दिया था।

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