पड़ताल: BRD मेडिकल कॉलेज के आॅक्सीजन सप्लायर से थी मोटे कमीशन की डिमांड

Brd Medical Collage Demanded Commission For Payment To Oxygen Suppler

लखनऊ। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आॅक्सीजन सप्लाई ठप होने से हुई 30 मासूमों की हत्या के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। पर्दाफाश के सूत्रों की माने तो बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वित्त विभाग ने आॅक्सीजन सप्लायर कंपनी को भुगतान देने के लिए मोटा कमीशन मांगा था। बीआरडी मेडिकल कालेज के ही सूत्रों से ऐसी खबर मिली है कि कंपनी से 25 प्रतिशत कमीशन एडवांस में मांगा गया था, जबकि कंपनी केवल 10 प्रतिशत कमीशन दे पाने को तैयार थी।

सूत्रों की माने तो आॅक्सीजन सप्लाई करने वाली पुष्पा सेल्स कंपनी ने जीएसटी का हवाला देते हुए 25 प्रतिशत कमीशन दे पाने में असमर्थता जाहिर की थी। इस डिमांड को देखते हुए कंपनी ने 10 प्रतिशत कमीशन आॅफर भी किया था। लेकिन कंपनी की शर्त थी कि वह 10 प्रतिशत कमीशन भुगतान होने के बाद ही कर पाएगी। इसी वजह से कंपनी के अधिकारियों ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को कई पत्र लिखे, लेकिन उन पत्रों पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

चिकित्सा शिक्षा विभाग पर हावी है कमीशनबाजी—

पर्दाफाश के सूत्रों की माने तो चिकित्सा शिक्षा विभाग में कमीशनबाजी बड़े स्तर पर हावी है। पिछली सरकार से इस विभाग के प्रमुख सचिव की कुर्सी पर जमी बैठीं डॉ. अनीता भटनागर जैन के बारे मेंं कहा जाता है कि उनकी कलम बिना कमीशन तय किए नहीं चलती। कहा तो यहां तक जाता है कि अनीता भटनागर जैन बड़े टेंडरों की डील खुद ही आमने सामने करतीं हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों का निर्माण करने वाली सरकारी निर्माण इकाई के निदेशकों से करोड़ों का कमीशन लिया है। मेडिकल कालेजों के दवा और आक्सीजन सप्लायर्स के भुगतनों में भी जैन अपना कमीशन बसूल करतीं है।

डॉ. अनीता भटनागर

पीएमओ तक हो चुकी है अनीता भटनागर जैन की शिकायत —

चिकित्सा शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का पर्याय बन चुकीं अनीता भटनागर जैन द्वारा प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों में निकलने वाले टेंडरों को देने में बरती गई अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत की गई। जिसमें अनीता भटनागर जैन की पहुंच का हवाला देते हुए सीबीआई जांच की मांग तक की गई है। इस शिकायत में बताया गया है कि अनीता भटनागर जैन के आईएएस पति वर्तमान में आयकर विभाग में उच्च पदस्थ है जिसके चलते आयकर विभाग अनीता भटनागर जैन के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता।

कमीशन दो टेंडर लो —

अनीता भटनागर जैन पर आरोप है कि प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेज के कई टेंडरों को नियमों को ताक पर रखकर सप्लाई करवाई गई। ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिनमें अनीता भटनागर जैन ने एडवांस कमीशन लेकर सप्लाई करवा दी और फिर औपचारिक टें​डरिंग करवाकर सप्लायर्स को भुगतान करवा दिया गया।

विभाग में बिना कमीशन के पास नहीं होता कोई पेमेंट —

जानकारों की माने तो अनीता भटनागर जैन छोटे से छोटे भुगतान में कमीशन की डिमांड करतीं हैं। बिना कमीशन वह अपनी कलम को चलाना मुनासिफ नहीं समझतीं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मामले में भी आॅक्सीजन सप्लायर कंपनी ने अनीता भटनागर जैन के कार्यालय से कई पत्राचार किए लेकिन मामला कमीशन की डील न हो पाने के चलते लटका रहा। सूत्रों की माने तो अनीता भटनागर जैन ने इस चिकित्सा शिक्षा विभाग में अपनी लंबी तैनाती के दौरान कई करोड़ का कमीशन लिया है।

लखनऊ। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आॅक्सीजन सप्लाई ठप होने से हुई 30 मासूमों की हत्या के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। पर्दाफाश के सूत्रों की माने तो बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वित्त विभाग ने आॅक्सीजन सप्लायर कंपनी को भुगतान देने के लिए मोटा कमीशन मांगा था। बीआरडी मेडिकल कालेज के ही सूत्रों से ऐसी खबर मिली है कि कंपनी से 25 प्रतिशत कमीशन एडवांस में मांगा गया था, जबकि कंपनी केवल 10 प्रतिशत कमीशन दे पाने को तैयार थी।…