बीआरडी मेडिकल कालेज मामला: 30 मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन ?

गोरखपुर। बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में शुक्रवार को सामने आई 30 बच्चो की मौत की घटना ने उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। मामला मुख्यमंत्री के गृह जनपद से जुड़ा होने के कारण ज्यादा गंभीरता से लिया जा रहा है। लेकिन 30 मासूमों की मौत के बाद जागा कॉलेज प्रशासन और यूपी सरकार इस घटना की जिम्मेदारी किसके सिर मढ़ेगा यह बहुत अहम सवाल बनता जा रहा है।

मौतों का कारण अस्पताल में आॅक्सीजन कमी बना हो या फिर इंस्फेलाइटिस का संक्रमण हर सूरत में लापरवाई कॉलेज प्रशासन और गोरखपुर जिला प्रशासन की कही जाएगी। रिपोर्टों की माने तो मेडिकल कालेज में आॅक्सीजन की समस्या पिछले एक सप्ताह से बनी हुई थी। गुरुवार को आॅक्सीजन सप्लायर कंपनी पुष्पा सेल्स ने बकाया भुगतान का हवाला देकर सप्लाई रोकने का अल्टीमेटम दे दिया था।

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कंपनी के मैनेजर का कहना है कि कॉलेज पर आॅक्सीजन का करीब 80 लाख रुपया बकाया है। जिसके लिए कालेज के प्रिंसिपल से लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को करीब 100 पत्र लिखे गए। 20 दिन पहले कालेज को अल्टीमेटम भी दिया गया, लेकिन कालेज प्रशासन ने ना तो पत्रों को गंभीरता से लिया और ना ही सप्लाई रोके जाने की चेतावनी को।

30 घरों में मातम छाने के बाद कालेज ने किया 22 लाख का भुगतान —

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मिली जानकारी के मुताबिक मेडिकल कालेज की ओर से आॅक्सीजन सप्लायर को शुक्रवार की शाम करीब 22 लाख का भुगतान किया गया है। यह भुगतान भी कालेज प्रशासन की ओर से उस सूरत में किया गया जब 30 मासूमों की मौत की वजह आॅक्सीजन की कमी होने के रूप में सामने आई। इस घटना के बाद आॅक्सीजन की उपयोगिता समझ पाए बीआरडी मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा ने शनिवार तक 40 लाख का भुगतान कराए जाने का आश्वासन दिया है।

9 अगस्त को सीएम योगी ने किया था बीआरडी मेडिकल कालेज का दौरा—

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 9 अगस्त को बीआरडी मेडिकल कालेज का दौरा कर इंस्फेलाइटिस से ग्रस्त बच्चों के इलाज के लिए बने वार्ड में मौजूद सुविधाओं का जायजा लिया था। सीएम के दौरे के महज दो दिन बीतने के बाद अस्पताल में हुई 30 बच्चों की मौते सीएम की नजर और खोखले दौरों पर भी सवाल उठा रहीं हैं। सीएम के दौरे के 72 घंटे बाद ही अस्पताल की सुविधाएं कहां गायब हो गईं। आखिर सीएम ने उस अस्पताल में किन सुविधाओं का जायजा लिया था।

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