भगोड़े डॉन दाऊद के साथी टाइगर हनीफ को भारत को सौंपने से ब्रिटेन का इनकार

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भगोड़े डॉन दाऊद के साथी टाइगर हनीफ को भारत को सौंपने से ब्रिटेन का इनकार

ब्रिटिश सरकार ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के कथित सहयोगी टाइगर हनीफ के प्रत्यर्पण के लिये भारत का अनुरोध ठुकरा दिया है. ब्रिटेन के गृह विभाग ने यह पुष्टि की है. भारत में हनीफ गुजरात के सूरत शहर में 1993 में हुए दो बम विस्फोटों के मामले में वांछित है.

Britain Refuses To Hand Over Fugitive Don Dawoods Partner Tiger Hanif To India :

2010 में हुई थी गिरफ्तारी

हनीफ का पूरा नाम मोहम्मद हनीफ उमेरजी पटेल है और ग्रेटर मैनचेस्टर के बोल्टॉन के एक किराना दुकान में दिखने के बाद स्कॉटलैंड यार्ड ने प्रत्यर्पण वारंट के आधार पर उसे फरवरी 2010 में गिरफ्तार किया था.

हनीफ (57) ने उसके बाद ब्रिटेन में रहने का प्रयास करते हुए बार-बार यह कहा है कि भारत भेजे जाने पर वहां उसे प्रताड़ित किया जाएगा. आखिरकार, गृह मंत्री साजिद जावेद के कार्यकाल में उसे कानूनी सफलता मिली और पाकिस्तानी मूल के मंत्री (जावेद) ने पिछले साल उसके भारत प्रत्यर्पण के अनुरोध को खारिज कर दिया.

2019 में आरोप मुक्त कर दिया गया

ब्रिटेन के गृह विभाग के सूत्र ने रविवार को कहा, ‘‘हम पुष्टि कर सकते हैं कि हनीफ के प्रत्यर्पण का अनुरोध तत्कालीन गृह मंत्री ने खारिज कर दिया था और अदालत ने उसे अगस्त 2019 में आरोप मुक्त कर दिया.’’ हनीफ के प्रत्यर्पण का पहला आदेश जून 2012 में तत्कालीन गृह मंत्री टेरेसा मे ने दिया था.

रिपोर्ट्स के मुताबिक हनीफ हाई कोर्ट में हनीफ के खिलाफ केस में भारत ने कहा था, “वो एक मुस्लिम समूह का सदस्य था, जिसने बंदूल, विस्फोटक और अन्य हथियार जुटाए थे और फिर हिंदू समुदाय पर बदले की कार्रवाई के तहत आतंकी घटना को अंजाम दिया था, जिसमें 2 धमाके भी शामिल थे, जिसके कारण लोगों की जान गई.”

ब्रिटिश सरकार ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के कथित सहयोगी टाइगर हनीफ के प्रत्यर्पण के लिये भारत का अनुरोध ठुकरा दिया है. ब्रिटेन के गृह विभाग ने यह पुष्टि की है. भारत में हनीफ गुजरात के सूरत शहर में 1993 में हुए दो बम विस्फोटों के मामले में वांछित है. 2010 में हुई थी गिरफ्तारी हनीफ का पूरा नाम मोहम्मद हनीफ उमेरजी पटेल है और ग्रेटर मैनचेस्टर के बोल्टॉन के एक किराना दुकान में दिखने के बाद स्कॉटलैंड यार्ड ने प्रत्यर्पण वारंट के आधार पर उसे फरवरी 2010 में गिरफ्तार किया था. हनीफ (57) ने उसके बाद ब्रिटेन में रहने का प्रयास करते हुए बार-बार यह कहा है कि भारत भेजे जाने पर वहां उसे प्रताड़ित किया जाएगा. आखिरकार, गृह मंत्री साजिद जावेद के कार्यकाल में उसे कानूनी सफलता मिली और पाकिस्तानी मूल के मंत्री (जावेद) ने पिछले साल उसके भारत प्रत्यर्पण के अनुरोध को खारिज कर दिया. 2019 में आरोप मुक्त कर दिया गया ब्रिटेन के गृह विभाग के सूत्र ने रविवार को कहा, ‘‘हम पुष्टि कर सकते हैं कि हनीफ के प्रत्यर्पण का अनुरोध तत्कालीन गृह मंत्री ने खारिज कर दिया था और अदालत ने उसे अगस्त 2019 में आरोप मुक्त कर दिया.’’ हनीफ के प्रत्यर्पण का पहला आदेश जून 2012 में तत्कालीन गृह मंत्री टेरेसा मे ने दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक हनीफ हाई कोर्ट में हनीफ के खिलाफ केस में भारत ने कहा था, “वो एक मुस्लिम समूह का सदस्य था, जिसने बंदूल, विस्फोटक और अन्य हथियार जुटाए थे और फिर हिंदू समुदाय पर बदले की कार्रवाई के तहत आतंकी घटना को अंजाम दिया था, जिसमें 2 धमाके भी शामिल थे, जिसके कारण लोगों की जान गई.”