विरोध प्रदर्शन के बीच बीएस येदियुरप्पा ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

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विरोध प्रदर्शन के बीच बीएस येदियुरप्पा ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

कर्नाटक। कर्नाटक में गुरुवार को बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल बजूभाई वाला ने उन्हे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जिस वक्त येदियुरप्पा राजभवन के अंदर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, उस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

Bs Yeddyurappa Oath Ceremony At Karnataka Governer House :

बता दें कि येदियुरप्पा के शपथग्रहण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मौजूद नहीं रहे। उनके इस कार्यक्रम में शामिल न होने के बारे में बतायाजा रहा है सबकुछ आख़िरी पल में हुआ, जिसके चलते ये लोग कार्यक्रम में शामिल नही हो सके।

बता दें कि राजभवन के बाहर येदियुरप्पा के स्वागत के लिए जबरदस्त तैयारियां की गई थी, हजारों बीजेपी कार्यकर्ता ढोल—नगाड़ों के साथ जय—जय कार के नारे लगा रहे थे। गुरुवार को सिर्फ येदियुरप्पा ने ही शपथ ली। बाकी का मंत्रिमंडल विधानसभा में फ़्लोर टेस्ट के बाद के बाद शपथ लेगा।

बता दें कि इससे पहले कर्नाटक में सरकार बनाने का नाटक रात भर सुप्रीम कोर्ट में भी चला। यहां कांग्रेस ने शपथ को टालने के लिए मांग की थी,जिसे सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया। कोर्ट ने कहा कि वो राज्यपाल को आदेश नही दे सकती और न शपथ ग्रहण कार्यक्रम पर रोंक लगा सकती हैं

बता दें कि इसके बाद बीएस येदियुरप्‍पा की शपथ ग्रहण के खिलाफ कांग्रेस के नेता विधानसभा के बाहर महात्‍मा गांधी की मूर्ति के पास धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत और सिद्धारमैया सहित कांग्रेस विधायक और नेता मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान सिद्धारमैया ने कहा कि हम जनता के पास जाएंगे और उन्हें बताएंगे कि कैसे बीजेपी संविधान के खिलाफ जा रही है।

बता दें कि येदियुरप्पा कर्नाटक के बड़े लिंगायत नेता हैं। वो पहली बार 2007 में 7 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे और इसके बाद 30 मई 2008 को दूसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालींं। जिसके बाद उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और जुलाई 2011 में छोड़नी पड़ी।

कर्नाटक। कर्नाटक में गुरुवार को बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल बजूभाई वाला ने उन्हे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जिस वक्त येदियुरप्पा राजभवन के अंदर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, उस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।बता दें कि येदियुरप्पा के शपथग्रहण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मौजूद नहीं रहे। उनके इस कार्यक्रम में शामिल न होने के बारे में बतायाजा रहा है सबकुछ आख़िरी पल में हुआ, जिसके चलते ये लोग कार्यक्रम में शामिल नही हो सके।बता दें कि राजभवन के बाहर येदियुरप्पा के स्वागत के लिए जबरदस्त तैयारियां की गई थी, हजारों बीजेपी कार्यकर्ता ढोल—नगाड़ों के साथ जय—जय कार के नारे लगा रहे थे। गुरुवार को सिर्फ येदियुरप्पा ने ही शपथ ली। बाकी का मंत्रिमंडल विधानसभा में फ़्लोर टेस्ट के बाद के बाद शपथ लेगा।बता दें कि इससे पहले कर्नाटक में सरकार बनाने का नाटक रात भर सुप्रीम कोर्ट में भी चला। यहां कांग्रेस ने शपथ को टालने के लिए मांग की थी,जिसे सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया। कोर्ट ने कहा कि वो राज्यपाल को आदेश नही दे सकती और न शपथ ग्रहण कार्यक्रम पर रोंक लगा सकती हैंबता दें कि इसके बाद बीएस येदियुरप्‍पा की शपथ ग्रहण के खिलाफ कांग्रेस के नेता विधानसभा के बाहर महात्‍मा गांधी की मूर्ति के पास धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत और सिद्धारमैया सहित कांग्रेस विधायक और नेता मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान सिद्धारमैया ने कहा कि हम जनता के पास जाएंगे और उन्हें बताएंगे कि कैसे बीजेपी संविधान के खिलाफ जा रही है।बता दें कि येदियुरप्पा कर्नाटक के बड़े लिंगायत नेता हैं। वो पहली बार 2007 में 7 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे और इसके बाद 30 मई 2008 को दूसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालींं। जिसके बाद उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और जुलाई 2011 में छोड़नी पड़ी।