CCD के मालिक वीजी सिद्धार्थ के अंतिम संस्कार में पहुंचे कर्नाटक CM येदियुरप्पा

cm
CCD के मालिक वीजी सिद्धार्थ के अंतिम संस्कार में पहुंचे कर्नाटक CM येदियुरप्पा

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ का अंतिम संस्कार चिकमागलुर जिले में पैतृक गांव चेतनहाली में किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा भी उनके अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने चिकमंगलूर पहुंचे। उनके बड़े बेटे अमर्त्य ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान सैकड़ों लोग मौजूद थे। वीजी सिद्धार्थ के अंतिम संस्कार में कई बड़े नेता भी चिक्कमगलुरु पहुंचे हुए थे।

Bs Yediyurappa Arrives At Chikkamagaluru For Last Rites Ceremony Of Vg Siddharatha :

सिद्धार्थ (60) का शव बुधवार सुबह मेंगलुरु की नेत्रावती नदी से मिला। सोमवार रात उनके लापता होने के बाद 25 तैराकों समेत 200 लोग सर्च ऑपरेशन में जुटे थे। इस दौरान कोस्ट गार्ड के जहाज आईसीजीएस राजदूत और एसीवी (एच-198) की भी मदद ली गई। उधर, पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह आत्महत्या का लग रहा है लेकिन जांच पूरी होने तक कुछ नहीं कहा जा सकता।

27 जुलाई को लिखा सिद्धार्थ का कथित पत्र सामने आया था, जिसमें उन्होंने इक्विटी पार्टनर और कर्जदाताओं के दबाव का जिक्र किया था। उन्होंने लिखा था कि मैं बतौर व्यवसायी नाकाम रहा। पुलिस पूछताछ में ड्राइवर ने बताया था कि सिद्धार्थ उलाल शहर में स्थित पुल तक घूमने के लिए आए थे। वहां उन्होंने कार रुकवाई और पैदल ही निकल गए। मैं उनका इंतजार कर रहा था। 90 मिनट तक वापस नहीं आए तो पुलिस को सूचना दी।

कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने ट्वीट कर सवाल दागा कि 1,700 CCD आउटलेट के मालिक सिद्धार्थ का शव एक नदी के किनारे मिलता है। इस मौत का जिम्मेदार किसे माना जाना चाहिए? मोदी सरकार? आयकर विभाग के अधिकारी? या फिर प्राइवेट पार्टनर? उन्होंने आगे लिखा कि उनकी मौत की जांच होनी चाहिए, सभी कारोबारी चोर नहीं होते।

वीजी सिद्धार्थ भारी कर्ज में बताए जा रहे थे, जिसकी वजह से वह बेहद परेशान थे। इसी साल जनवरी, 2019 में आयकर विभाग ने माइंडट्री के 74.90 लाख शेयर अटैच कर लिए थे जिसमें 22.20 लाख शेयर कॉफी डे इंटरप्राइजेज के थे जबकि 52.70 लाख शेयर प्रोमोटर सिद्धार्थ के पास थे, लेकिन स्टॉक एक्सचेंजों से हासिल आंकड़ों के अनुसार, चौंकाने वाली बात यह है कि इन शेयरों का करीब 76 फीसदी हिस्सा गिरवी रखा गया था।

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ का अंतिम संस्कार चिकमागलुर जिले में पैतृक गांव चेतनहाली में किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा भी उनके अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने चिकमंगलूर पहुंचे। उनके बड़े बेटे अमर्त्य ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान सैकड़ों लोग मौजूद थे। वीजी सिद्धार्थ के अंतिम संस्कार में कई बड़े नेता भी चिक्कमगलुरु पहुंचे हुए थे। सिद्धार्थ (60) का शव बुधवार सुबह मेंगलुरु की नेत्रावती नदी से मिला। सोमवार रात उनके लापता होने के बाद 25 तैराकों समेत 200 लोग सर्च ऑपरेशन में जुटे थे। इस दौरान कोस्ट गार्ड के जहाज आईसीजीएस राजदूत और एसीवी (एच-198) की भी मदद ली गई। उधर, पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह आत्महत्या का लग रहा है लेकिन जांच पूरी होने तक कुछ नहीं कहा जा सकता। 27 जुलाई को लिखा सिद्धार्थ का कथित पत्र सामने आया था, जिसमें उन्होंने इक्विटी पार्टनर और कर्जदाताओं के दबाव का जिक्र किया था। उन्होंने लिखा था कि मैं बतौर व्यवसायी नाकाम रहा। पुलिस पूछताछ में ड्राइवर ने बताया था कि सिद्धार्थ उलाल शहर में स्थित पुल तक घूमने के लिए आए थे। वहां उन्होंने कार रुकवाई और पैदल ही निकल गए। मैं उनका इंतजार कर रहा था। 90 मिनट तक वापस नहीं आए तो पुलिस को सूचना दी। कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने ट्वीट कर सवाल दागा कि 1,700 CCD आउटलेट के मालिक सिद्धार्थ का शव एक नदी के किनारे मिलता है। इस मौत का जिम्मेदार किसे माना जाना चाहिए? मोदी सरकार? आयकर विभाग के अधिकारी? या फिर प्राइवेट पार्टनर? उन्होंने आगे लिखा कि उनकी मौत की जांच होनी चाहिए, सभी कारोबारी चोर नहीं होते। वीजी सिद्धार्थ भारी कर्ज में बताए जा रहे थे, जिसकी वजह से वह बेहद परेशान थे। इसी साल जनवरी, 2019 में आयकर विभाग ने माइंडट्री के 74.90 लाख शेयर अटैच कर लिए थे जिसमें 22.20 लाख शेयर कॉफी डे इंटरप्राइजेज के थे जबकि 52.70 लाख शेयर प्रोमोटर सिद्धार्थ के पास थे, लेकिन स्टॉक एक्सचेंजों से हासिल आंकड़ों के अनुसार, चौंकाने वाली बात यह है कि इन शेयरों का करीब 76 फीसदी हिस्सा गिरवी रखा गया था।