देश हित में बन कर रहेगा बसपा सपा गठबंधन: मायावती

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देश हित में बन करेगा बसपा सपा गठबंधन: मायावती

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजनीति में डेढ़ दशक से धुर विरोधी रही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच गठबंधन की औपचारिक घोषणा के लिए दोनों ही पार्टियों के अध्यक्षों ने भूमिका तैयार करना शुरू कर दिया है। सोमवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि 24 मार्च को राज्यसभा चुनाव के परिणामों को लेकर उनके द्वारा की गई प्रेस कांफ्रेंस के बाद से भाजपा बौखलाई हुई है। वह तरह तरह की बयानबाजी कर उनकी पार्टी के लोगों को बहकाने का काम कर रही है। वह सपा और बसपा की नजदीकी को निजी स्वार्थ का फैसला बता रही है, लेकिन सपा और बसपा किसी स्वार्थवश नहीं बल्कि देश हित में भाजपा के खिलाफ एक हो रहे हैं। भाजपा कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन बसपा और सपा का गठबंधन होकर रहेगा।

Bsp And Sp Coalition Forming For Countrys Interest Says Mayawati :

अपनी प्रेस कांफ्रेंस के बाद मायावती ने अपनी पार्टी के जोनल कोआर्डीनेटरों और जिला अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में मायावती सपा के साथ गठबंधन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के रुख जानने की कोशिश कर रहीं हैं।

वहीं समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो ​अखिलेश यादव ने मायावती की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर जारी किए गए बयान की प्रशंसा करते हुए, उन्हें धन्यवाद दिया और गठबंधन को लेकर उनके सुर में सुर मिलाते नजर आए। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने भी अपनी पार्टी के जिलाध्यक्षों को एक बैठक के लिए बुलाया है। जिलाध्यक्षों की बैठक कर अखिलेश यादव भी गठबंधन को लेकर अपने कार्यकर्ताओं के रूख को भांपने का काम करेंगे।

सपा और बसपा में संगठन स्तर पर शुरू हुई गठबंधन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि गठबंधन की इस रणनीति में कांग्रेस, पीस पार्टी, निषाद पार्टी और रालोद जैसे अन्य समर्थक दलों की भूमिका क्या होगी यह विषय अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजनीति में डेढ़ दशक से धुर विरोधी रही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच गठबंधन की औपचारिक घोषणा के लिए दोनों ही पार्टियों के अध्यक्षों ने भूमिका तैयार करना शुरू कर दिया है। सोमवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि 24 मार्च को राज्यसभा चुनाव के परिणामों को लेकर उनके द्वारा की गई प्रेस कांफ्रेंस के बाद से भाजपा बौखलाई हुई है। वह तरह तरह की बयानबाजी कर उनकी पार्टी के लोगों को बहकाने का काम कर रही है। वह सपा और बसपा की नजदीकी को निजी स्वार्थ का फैसला बता रही है, लेकिन सपा और बसपा किसी स्वार्थवश नहीं बल्कि देश हित में भाजपा के खिलाफ एक हो रहे हैं। भाजपा कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन बसपा और सपा का गठबंधन होकर रहेगा।अपनी प्रेस कांफ्रेंस के बाद मायावती ने अपनी पार्टी के जोनल कोआर्डीनेटरों और जिला अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में मायावती सपा के साथ गठबंधन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के रुख जानने की कोशिश कर रहीं हैं।वहीं समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो ​अखिलेश यादव ने मायावती की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर जारी किए गए बयान की प्रशंसा करते हुए, उन्हें धन्यवाद दिया और गठबंधन को लेकर उनके सुर में सुर मिलाते नजर आए। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने भी अपनी पार्टी के जिलाध्यक्षों को एक बैठक के लिए बुलाया है। जिलाध्यक्षों की बैठक कर अखिलेश यादव भी गठबंधन को लेकर अपने कार्यकर्ताओं के रूख को भांपने का काम करेंगे।सपा और बसपा में संगठन स्तर पर शुरू हुई गठबंधन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि गठबंधन की इस रणनीति में कांग्रेस, पीस पार्टी, निषाद पार्टी और रालोद जैसे अन्य समर्थक दलों की भूमिका क्या होगी यह विषय अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।