मायावती ने कांग्रेस को दिया तगड़ा झटका, जानें वजह

मायावती ने कांग्रेस को दिया तगड़ा झटका, जानें वजह
मायावती ने कांग्रेस को दिया तगड़ा झटका, जानें वजह

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया है। उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया कि वे भाजपा के एजेंट हैं। उन जैसे नेता कांग्रेस-बसपा का गठबंधन नहीं होने देना चाहते।बीएसपी सुप्रीमो ने कांग्रेस पर उनकी पार्टी को खत्म करने की साजिश का भी आरोप लगाया है। माया के हमलों ने 2019 के आम चुनावों से पहले विपक्षी एकता और यूपी में महागठबंधन की कवायद को भी ढेर कर दिया है।

Bsp Chief Mayawati Attacks Congress Digvijaya Singh Says They Dont Want Alliance :

मायावती ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह बयान के संदर्भ बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मायावती ने दिग्विजय सिंह को संघ का एजेंट बताते हुए कहा कि सोनिया और राहुल गांधी के ईमानदार प्रयासों के बावजूद उनके जैसे कुछ नेता नहीं चाहते कि कांग्रेस-बीएसपी गठबंधन हो। मायावती ने दिग्विजय के बयान के बहाने पूरी कांग्रेस पार्टी की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा था कि मायावती सीबीआई के डर से गठबंधन में शामिल नहीं हो रही हैं।

कांग्रेस गठबंधन कर बीएसपी को खत्म करना चाहती है

मायावती ने कहा कि आज कुछ नेता कह रहे हैं कि सीबीआई-ईडी की धमकी के चलते बीएसपी कांग्रेस से गठबंधन नहीं कर रही है। लेकिन असलियत ये है कि कांग्रेस इस गठबंधन के जरिए बीएसपी को खत्म करना चाहती है।

कांग्रेस गलतफहमी के साथ अहंकार में भी

उन्होंने कहा कि हम अपने सिद्धांतों के साथ कभी समझौता नहीं कर सकते. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस गलतफहमी के साथ-साथ अहंकार में भी है। कांग्रेस से गठबंधन न करने का फैसला बीएसपी मूवमेंट के हित में लिया गया है। मायावती ने कहा कि सिर्फ आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी क्षेत्रीय दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। बाकी राजस्थान और मध्यप्रदेश में अब बीएसपी अकेले ही चुनावी मैदान में उतरेगी।

कांग्रेस लगातार हार के बावजूद नहीं ले रही सबक

बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस की मंशा पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि उसे लगातार बीजेपी के हाथों हार मिल रही है। इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी गठबंधन को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी जैसे साम्प्रदायिक पार्टी को सत्ता से दूर रखने के लिए हमेशा से कांग्रेस का साथ दिया लेकिन बदले में हमेशा उसने छुरा घोपा हैं। यही वजह है कि बसपा ने दक्षिण में जनता दल सेक्युलर और हरियाणा में इंडियन लोक दल से गठबंधन किया। लेकिन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से गठबंधन नहीं हो सका।

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया है। उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया कि वे भाजपा के एजेंट हैं। उन जैसे नेता कांग्रेस-बसपा का गठबंधन नहीं होने देना चाहते।बीएसपी सुप्रीमो ने कांग्रेस पर उनकी पार्टी को खत्म करने की साजिश का भी आरोप लगाया है। माया के हमलों ने 2019 के आम चुनावों से पहले विपक्षी एकता और यूपी में महागठबंधन की कवायद को भी ढेर कर दिया है। मायावती ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह बयान के संदर्भ बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मायावती ने दिग्विजय सिंह को संघ का एजेंट बताते हुए कहा कि सोनिया और राहुल गांधी के ईमानदार प्रयासों के बावजूद उनके जैसे कुछ नेता नहीं चाहते कि कांग्रेस-बीएसपी गठबंधन हो। मायावती ने दिग्विजय के बयान के बहाने पूरी कांग्रेस पार्टी की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा था कि मायावती सीबीआई के डर से गठबंधन में शामिल नहीं हो रही हैं।

कांग्रेस गठबंधन कर बीएसपी को खत्म करना चाहती है

मायावती ने कहा कि आज कुछ नेता कह रहे हैं कि सीबीआई-ईडी की धमकी के चलते बीएसपी कांग्रेस से गठबंधन नहीं कर रही है। लेकिन असलियत ये है कि कांग्रेस इस गठबंधन के जरिए बीएसपी को खत्म करना चाहती है।

कांग्रेस गलतफहमी के साथ अहंकार में भी

उन्होंने कहा कि हम अपने सिद्धांतों के साथ कभी समझौता नहीं कर सकते. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस गलतफहमी के साथ-साथ अहंकार में भी है। कांग्रेस से गठबंधन न करने का फैसला बीएसपी मूवमेंट के हित में लिया गया है। मायावती ने कहा कि सिर्फ आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी क्षेत्रीय दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। बाकी राजस्थान और मध्यप्रदेश में अब बीएसपी अकेले ही चुनावी मैदान में उतरेगी।

कांग्रेस लगातार हार के बावजूद नहीं ले रही सबक

बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस की मंशा पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि उसे लगातार बीजेपी के हाथों हार मिल रही है। इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी गठबंधन को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी जैसे साम्प्रदायिक पार्टी को सत्ता से दूर रखने के लिए हमेशा से कांग्रेस का साथ दिया लेकिन बदले में हमेशा उसने छुरा घोपा हैं। यही वजह है कि बसपा ने दक्षिण में जनता दल सेक्युलर और हरियाणा में इंडियन लोक दल से गठबंधन किया। लेकिन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से गठबंधन नहीं हो सका।