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बस विवाद में कूदीं BSP चीफ मायावती, बोली- कांग्रेस के पास बसें हैं तो लखनऊ भेजने में देरी क्यों

Bsp Chief Mayawati Jumped In Bus Dispute Quote Congress Has Buses So Why Delay In Sending Lucknow

By बलराम सिंह 
Updated Date

लखनऊ। लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों के पलायन पर राजनीति गर्म हो गई है। कांग्रेस और योगी सरकार के बीच जारी लेटर वार के बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि यदि कांग्रेस पार्टी के पास वास्तव में बसें हैं तो उन्हें लखनऊ भेजने में देरी नहीं करनी चाहिये, क्योंकि यहां भी प्रवासी भारी संख्या में अपने घरों में जाने के लिए परेशान हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील है कि वह राज्यों की आर्थिक स्थिति को खास ध्यान में रखकर खुद अपने खर्च से श्रमिक प्रवासियों को बसों और ट्रेनों से सुरक्षित घर भिजवाए।

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बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि ‘केद्र सरकार से अपील है कि वह राज्यों की आर्थिक स्थिति को खास ध्यान में रखकर तथा मानवता व इंसानियत के नाते भी खुद अपने खर्च से प्रवासी श्रमिकों को बसों और ट्रेनों आदि से सुरक्षित भिजवाने के लिए जरूर सकारात्मक कदम उठाए। इसके साथ ही राज्यों की सरकारों से भी यह कहना है कि वे अपने-अपने राज्यों में श्रमिक प्रवासियों की खाने और ठहरने व उन्हें सरल प्रक्रिया के जरिये बसों व ट्रेनों आदि से भेजने की उचित व्यवस्था जरूर करें।

इसके साथ ही, राज्यों की सरकारों से भी यह कहना है कि वे अपने-अपने राज्यों में श्रमिक प्रवासियों की खाने व ठहरने तथा उन्हें सरल प्रक्रिया के ज़रिये बसों व ट्रेनों आदि से भेजने की उचित व्यवस्था जरूर करें। बीएसपी का यह भी कहना है कि यदि कांग्रेस पार्टी के पास वास्तव में 1,000 बसें हैं तो उन्हें लखनऊ भेजने में कतई भी देरी नहीं करनी चाहिये, क्योंकि यहाँ भी श्रमिक प्रवासी लोग भारी संख्या में अपने घरों में जाने का काफी बेसबरी से इन्तज़ार कर रहें हैं।

बसपा प्रमुख मायावती ने अपने ट्वीक में आगे कहा कि बीएसपी का यह भी कहना है कि यदि कांग्रेस पार्टी के पास वास्तव में 1000 बसें हैं तो उन्हें लखनऊ भेजने में कतई भी देरी नहीं करनी चाहिये, क्योंकि यहां भी प्रवासी श्रमिक और कामगार भारी संख्या में अपने घरों में जाने का काफी बेसबरी से इंतजार कर रहे हैं।

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