बसपा सांसद अतुल राय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, पैरोल पर रोक से किया इंकार

MP Atul Rai
बसपा सांसद अतुल राय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, शपथ लेने के लिए मिलेगी पैरोल

नई दिल्ली। परिचित युवती से दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद अतुल राय को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सांसद अतुल राय को सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी तक सांसद पद की शपथ लेने की इजाजत दे दी है। इस फैसले के साथ ही निर्वाचित सांसद अतुल राय को 2 दिनों के लिए मिली कस्टडी परोल पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

Bsp Mp Atul Rai Will Get Big Relief From Supreme Court Parole To Take Oath :

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीते 23 जनवरी को अतुल राय को दो दिन की पैरोल दी थी, जिसमें उनको पुलिस की कस्टडी में दिल्ली ले जाया जाना था जहां वो 31 जनवरी को वह लोकसभा सदस्य की शपथ लेंगे। हालांकि 28 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए रेप पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया और अतुल राय को 31 जनवरी तक सांसद पद की शपथ लेने की इजाजत दे दी।

वाराणसी के लंका थाने में एक मई, 2019 को अतुल राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तब से वह जेल में बंद हैं। 19 मई, 2019 को लोकसभा चुनाव में वह जीत गए थे, लेकिन जमानत नहीं मिलने से अभी तक लोकसभा सदस्यता की शपथ नहीं ले सके हैं। अतुल राय की ओर से हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा गया था कि यदि सदन की 60 बैठकें पूरी हो गईं और शपथ नहीं ली तो उसकी सीट रिक्त घोषित हो जाएगी। इसके बाद हाई कोर्ट ने उनको शपथ लेने के लिए दो दिन की पैरोल दी थी। उनके खिलाफ इलाहाबाद की एमपी एमएलए की विशेष अदालत में ट्रायल चल रहा है। उनकी जमानत अर्जी हाई कोर्ट से एक बार खारिज हो चुकी है। दोबारा दी गई जमानत अर्जी विचाराधीन है।

जेल में रहते भारी अंतर से जीता चुनाव
अतुल राय के खिसाफ बलिया की एक युवती ने बनारस के लंका थाने में दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। युवती का आरोप था कि अतुल राय युवती को लंका स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट में झांसा देकर ले गए और दुष्कर्म किया। युवती ने अतुल राय के खिलाफ यह भी आरोप लगाया था कि वह दुष्कर्म के बाद उस पर मुंह बंद रखने का दबाव बनाते रहे। दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद भी लोकसभा चुनाव में घोषी (मऊ) सीट से अतुल राय ने भाजपा के सिटिंग सांसद व प्रत्याशी हरिनारायण राजभर को एक लाख 22 हजार 18 हजार मतों से हराया था।

नई दिल्ली। परिचित युवती से दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद अतुल राय को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सांसद अतुल राय को सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी तक सांसद पद की शपथ लेने की इजाजत दे दी है। इस फैसले के साथ ही निर्वाचित सांसद अतुल राय को 2 दिनों के लिए मिली कस्टडी परोल पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीते 23 जनवरी को अतुल राय को दो दिन की पैरोल दी थी, जिसमें उनको पुलिस की कस्टडी में दिल्ली ले जाया जाना था जहां वो 31 जनवरी को वह लोकसभा सदस्य की शपथ लेंगे। हालांकि 28 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए रेप पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया और अतुल राय को 31 जनवरी तक सांसद पद की शपथ लेने की इजाजत दे दी। वाराणसी के लंका थाने में एक मई, 2019 को अतुल राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तब से वह जेल में बंद हैं। 19 मई, 2019 को लोकसभा चुनाव में वह जीत गए थे, लेकिन जमानत नहीं मिलने से अभी तक लोकसभा सदस्यता की शपथ नहीं ले सके हैं। अतुल राय की ओर से हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा गया था कि यदि सदन की 60 बैठकें पूरी हो गईं और शपथ नहीं ली तो उसकी सीट रिक्त घोषित हो जाएगी। इसके बाद हाई कोर्ट ने उनको शपथ लेने के लिए दो दिन की पैरोल दी थी। उनके खिलाफ इलाहाबाद की एमपी एमएलए की विशेष अदालत में ट्रायल चल रहा है। उनकी जमानत अर्जी हाई कोर्ट से एक बार खारिज हो चुकी है। दोबारा दी गई जमानत अर्जी विचाराधीन है। जेल में रहते भारी अंतर से जीता चुनाव अतुल राय के खिसाफ बलिया की एक युवती ने बनारस के लंका थाने में दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। युवती का आरोप था कि अतुल राय युवती को लंका स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट में झांसा देकर ले गए और दुष्कर्म किया। युवती ने अतुल राय के खिलाफ यह भी आरोप लगाया था कि वह दुष्कर्म के बाद उस पर मुंह बंद रखने का दबाव बनाते रहे। दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद भी लोकसभा चुनाव में घोषी (मऊ) सीट से अतुल राय ने भाजपा के सिटिंग सांसद व प्रत्याशी हरिनारायण राजभर को एक लाख 22 हजार 18 हजार मतों से हराया था।