लोकसभा उप चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों को हराना ही प्राथमिकता: मायावती

Mayawati, BSP,
लोकसभा उप चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों को हराना ही प्राथमिकता: मायावती

लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उप चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवारों को समर्थन देने की पुष्टि कर दी है। मायावती ने स्पष्ट किया है कि इस समर्थन को गठबंधन के रूप में देखने की आवश्यकता नहीं है। बसपा ने अपनी पुरानी पार्टी लाइन पर चलते हुए ही उप चुनाव न लड़ने का फैसला किया है।उनका उद्देश्य किसी भी सूरत में भाजपा उम्मीदवारों को हराना है, जिसके लिए वह नहीं चाहती कि उनकी पार्टी के मैदान में आने से मतदाता बंटें और समाजवादी पार्टी के मजबूत उम्मीदवारों को उसका नुकसान उठाना पड़े।

Bsp Supporting Sp To Defeat Bjp In Up Parliament By Election Says Mayawati :

इसके साथ ही मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि सपा और बसपा के बीच वोटों के हस्तातंरण की डील राज्यसभा और विधान परिषद् के चुनावों में भी जारी रहेगी।जिसके तहत सपा राज्यसभा चुनाव में बसपा का समर्थन करेगी और बसपा विधान परिषद् चुनाव में सपा के उम्मीदवार का समर्थन करेगी। ऐसा करने का उद्देश्य भी भाजपा के अतिरिक्त उम्मीदवार को विजयी होने से रोकना है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कांग्रेस उनकी पार्टी को राज्यसभा चुनावों में समर्थन देती है तभी मध्यप्रदेश में उनके विधायक कांग्रेस को समर्थन करेंगे।

बसपा सुप्रीमो ने कहा है कि गोरखपुर और फूलपुर उप चुनाव में सपा को समर्थन देने के फैसले को गठंबधन नहीं बल्कि वोटों के हस्तांतरण के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी के समर्थकों को साफ निर्देश दे दिए हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में जो भी भाजपा को हराता नजर आए उसे अपना वोट दें।

लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उप चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवारों को समर्थन देने की पुष्टि कर दी है। मायावती ने स्पष्ट किया है कि इस समर्थन को गठबंधन के रूप में देखने की आवश्यकता नहीं है। बसपा ने अपनी पुरानी पार्टी लाइन पर चलते हुए ही उप चुनाव न लड़ने का फैसला किया है।उनका उद्देश्य किसी भी सूरत में भाजपा उम्मीदवारों को हराना है, जिसके लिए वह नहीं चाहती कि उनकी पार्टी के मैदान में आने से मतदाता बंटें और समाजवादी पार्टी के मजबूत उम्मीदवारों को उसका नुकसान उठाना पड़े।इसके साथ ही मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि सपा और बसपा के बीच वोटों के हस्तातंरण की डील राज्यसभा और विधान परिषद् के चुनावों में भी जारी रहेगी।जिसके तहत सपा राज्यसभा चुनाव में बसपा का समर्थन करेगी और बसपा विधान परिषद् चुनाव में सपा के उम्मीदवार का समर्थन करेगी। ऐसा करने का उद्देश्य भी भाजपा के अतिरिक्त उम्मीदवार को विजयी होने से रोकना है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कांग्रेस उनकी पार्टी को राज्यसभा चुनावों में समर्थन देती है तभी मध्यप्रदेश में उनके विधायक कांग्रेस को समर्थन करेंगे।बसपा सुप्रीमो ने कहा है कि गोरखपुर और फूलपुर उप चुनाव में सपा को समर्थन देने के फैसले को गठंबधन नहीं बल्कि वोटों के हस्तांतरण के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी के समर्थकों को साफ निर्देश दे दिए हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में जो भी भाजपा को हराता नजर आए उसे अपना वोट दें।