राहुल गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से छिना पद

लखनऊ। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर अभद्र टिप्प्णी करने वाले बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह को बसपा सुप्रीमों ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। मायावती ने कहा कि जय प्रकाश सिंह ने पार्टी की विचारधारा के खिलाफ बात की है। उन्होने कहा कि विपक्षी दलों पर की गई इस तरह की टिप्पणी उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है, इसलिए उन्हे तत्काल पद से हटा दिया गया है।

Bsp Supreamo Mayawati Removed National Voice President Jay Prakash Singh :

बसपा सुप्रीमों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ ही किसी भी प्रदेश में जब तक पार्टी अधिकारिक तौर पर किसी गठबंधन की घो​षणा नही करती हैं, तब तक पार्टी के किसी भी नेता को कुछ भी बोलने का अधिकार नही है। उन्होने कहा कि पार्टी नेताओं का इस फैसले की जिम्मेदारी हाईकमान पर छोड़ देना चाहिए।

बता दें कि सोमवार को राजधानी लखनऊ में बसपा जोन स्त्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में राष्ट्रीय उपाध्याक्ष जय प्रकाश सिंह ने वंशवादी राजनीति पर हमला बोला था। उन्होने राहुल गांधी के ‘विदेशी खून’ का हवाला देकर उन्हें देश का नेतृत्व करने के लिए नाकाबिल बताया था।

बताया जा रहा है कि सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए जय प्रकाश सिंह ने कहा कि राहुल गांधी अपने पिता के बजाए अपनी मां जैसे दिखते है। इसलिए उन्हे भारत का प्रधानमंत्री नही बनाया जा सकता है। उनके इस बयान को लेकर राजनैतिक गलियारों में भूचाल सा आ गया, जिसके बाद बसपा सुप्रीमों ने तत्काल प्रभाव से उन्हे पद से हटा दिया। बता दे कि बीते 26 मई को बसपा सुप्रीमों ने जय प्रकाश सिंह को पार्टी का उपाध्यक्ष और ‘नेशनल कोआर्डिनेटर’ नियुक्ति किया गया था।

लखनऊ। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर अभद्र टिप्प्णी करने वाले बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह को बसपा सुप्रीमों ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। मायावती ने कहा कि जय प्रकाश सिंह ने पार्टी की विचारधारा के खिलाफ बात की है। उन्होने कहा कि विपक्षी दलों पर की गई इस तरह की टिप्पणी उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है, इसलिए उन्हे तत्काल पद से हटा दिया गया है। बसपा सुप्रीमों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ ही किसी भी प्रदेश में जब तक पार्टी अधिकारिक तौर पर किसी गठबंधन की घो​षणा नही करती हैं, तब तक पार्टी के किसी भी नेता को कुछ भी बोलने का अधिकार नही है। उन्होने कहा कि पार्टी नेताओं का इस फैसले की जिम्मेदारी हाईकमान पर छोड़ देना चाहिए। बता दें कि सोमवार को राजधानी लखनऊ में बसपा जोन स्त्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में राष्ट्रीय उपाध्याक्ष जय प्रकाश सिंह ने वंशवादी राजनीति पर हमला बोला था। उन्होने राहुल गांधी के 'विदेशी खून' का हवाला देकर उन्हें देश का नेतृत्व करने के लिए नाकाबिल बताया था। बताया जा रहा है कि सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए जय प्रकाश सिंह ने कहा कि राहुल गांधी अपने पिता के बजाए अपनी मां जैसे दिखते है। इसलिए उन्हे भारत का प्रधानमंत्री नही बनाया जा सकता है। उनके इस बयान को लेकर राजनैतिक गलियारों में भूचाल सा आ गया, जिसके बाद बसपा सुप्रीमों ने तत्काल प्रभाव से उन्हे पद से हटा दिया। बता दे कि बीते 26 मई को बसपा सुप्रीमों ने जय प्रकाश सिंह को पार्टी का उपाध्यक्ष और 'नेशनल कोआर्डिनेटर' नियुक्ति किया गया था।