बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लुम्बिनी में हुआ भव्य कार्यक्रम, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने किया उदघाटन

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बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लुम्बिनी में हुआ भव्य कार्यक्रम, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने किया उदघाटन

महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे रूपनदेही जिले के लुम्बिनी में 2563 बुद्ध जयंती के अवसर पर बुद्ध पूर्णिमा के दिन लुम्बिनी में एक भव्य कार्यक्रम हुआ। जिसका उद्धघाटन नेपाल की राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी और प्रधानमंत्री के.पी शर्मा ओली ने किया। इस मौके पर 43 देशों से करीब हजारों बौद्ध धर्म के अनुयायी बौद्ध भिक्षुओ को प्रधानमंत्री ओली और भारतीय केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सन्ध की उपाधि दी और 2500 से ज्यादा पौधे लगाए साथ ही गौतम बुद्ध के स्तूप के निकट दोनो ने सयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करते हुए विभिन्न कार्यक्रमो में हिस्सा लिया।

Buddh Purnima Ka Lumbini Me Karyakram :

लुम्बिनी प्रशासन द्वारा गौतम बुद्ध के जीवन काल से सम्बंधित प्रदर्शनी भी लगायी गयी थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरे विश्व मे नेपाल से शांति का सन्देश जाएगा और शांति की कामना की गयीं। बताया जा रहा है कि शनिवार बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गौतम बुद्ध की 2563 वी जयंती मनायी गयी। बौद्ध अनुयायियों के अनुसार आज ही के दिन गौतम बुद्ध का जन्म, बुद्ध प्राप्ति एवं महापरिनिर्वाण की उन्हें प्राप्ति हुई थी।इसलिए आज बौद्ध धर्म के अनुयायी इसे त्रियोग दिवस के रूप में मनाते है। एक दिवसीय कार्यक्रम में सहभागी होने के बाद नेपाल में राजकीय अतिथि अठावले शनिवार की शाम स्वदेश रवाना हो गए।

रिपोर्ट-विजय चौरसिया

महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे रूपनदेही जिले के लुम्बिनी में 2563 बुद्ध जयंती के अवसर पर बुद्ध पूर्णिमा के दिन लुम्बिनी में एक भव्य कार्यक्रम हुआ। जिसका उद्धघाटन नेपाल की राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी और प्रधानमंत्री के.पी शर्मा ओली ने किया। इस मौके पर 43 देशों से करीब हजारों बौद्ध धर्म के अनुयायी बौद्ध भिक्षुओ को प्रधानमंत्री ओली और भारतीय केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सन्ध की उपाधि दी और 2500 से ज्यादा पौधे लगाए साथ ही गौतम बुद्ध के स्तूप के निकट दोनो ने सयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करते हुए विभिन्न कार्यक्रमो में हिस्सा लिया। लुम्बिनी प्रशासन द्वारा गौतम बुद्ध के जीवन काल से सम्बंधित प्रदर्शनी भी लगायी गयी थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरे विश्व मे नेपाल से शांति का सन्देश जाएगा और शांति की कामना की गयीं। बताया जा रहा है कि शनिवार बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गौतम बुद्ध की 2563 वी जयंती मनायी गयी। बौद्ध अनुयायियों के अनुसार आज ही के दिन गौतम बुद्ध का जन्म, बुद्ध प्राप्ति एवं महापरिनिर्वाण की उन्हें प्राप्ति हुई थी।इसलिए आज बौद्ध धर्म के अनुयायी इसे त्रियोग दिवस के रूप में मनाते है। एक दिवसीय कार्यक्रम में सहभागी होने के बाद नेपाल में राजकीय अतिथि अठावले शनिवार की शाम स्वदेश रवाना हो गए। रिपोर्ट-विजय चौरसिया