बजट 2020: वित्त मंत्री ने 2 घंटे 40 मिनट तक बोलकर बनाया रिकार्ड, इतिहास का सबसे लम्बा बजट भाषण

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बजट 2020: वित्त मंत्री ने 2 घंटे 40 मिनट तक बोलकर बनाया रिकार्ड, इतिहास का सबसे लम्बा बजट भाषण

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट पेश किया। निर्मला सीतारमण का यह भाषण बजट के इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण रहा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2 घंटे 40 मिनट तक बजट पर भाषण दिया। वित्त मंत्री ने अपना पिछला बजट भाषण दो घंटे 17 मिनट तक का दिया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को साल 2020-21 के लिए अपने बजट भाषण की शुरुआत सुबह 11 बजे की। इसके बाद दोपहर 1:40 बजे भाषण खत्म किया।

Budget 2020 Finance Minister Makes Record By Speaking For 2 Hours And 40 Minutes Longest Budget Speech In History :

बजट में निर्मला सीतारमण ने किसान, मध्यम वर्ग आदि के लिए कई बड़े ऐलान किए। जहां किसानों के लिए किसान रेल का ऐलान हुआ तो वहीं, करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए कर कानूनों को सरल बनाने के लिए नई वैकल्पिक व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था पेश की। इसके साथ ही कार्पोरेट सेक्टर, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत सारे अहम बिंदुओं पर अहम घोषणाएं की।

वित्त म़ंत्रियों के बजट भाषणों की बात करें तो वित्त मंत्री मनमोहन सिंह द्वारा 1991 में दिया गया भाषण 18,700 शब्दों का था। किसी वित्त मंत्री द्वारा दिए गए भाषण के औसत आकार को देखें, तो यशवंत सिन्हा के भाषणों का आकार सबसे ज्यादा होता था, उनके भाषणों में औसतन लगभग 15,700 शब्द होते थे। इंदिरा गांधी ने वित्त मंत्री के रूप में सबसे छोटा भाषण दिया था। मोरारजी देसाई के भाषणों में औसतन 10,000 शब्द, जबकि वाई बी चव्हाण के भाषण में औसतन 9,300 शब्द होते थे।

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट पेश किया। निर्मला सीतारमण का यह भाषण बजट के इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण रहा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2 घंटे 40 मिनट तक बजट पर भाषण दिया। वित्त मंत्री ने अपना पिछला बजट भाषण दो घंटे 17 मिनट तक का दिया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को साल 2020-21 के लिए अपने बजट भाषण की शुरुआत सुबह 11 बजे की। इसके बाद दोपहर 1:40 बजे भाषण खत्म किया। बजट में निर्मला सीतारमण ने किसान, मध्यम वर्ग आदि के लिए कई बड़े ऐलान किए। जहां किसानों के लिए किसान रेल का ऐलान हुआ तो वहीं, करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए कर कानूनों को सरल बनाने के लिए नई वैकल्पिक व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था पेश की। इसके साथ ही कार्पोरेट सेक्टर, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत सारे अहम बिंदुओं पर अहम घोषणाएं की। वित्त म़ंत्रियों के बजट भाषणों की बात करें तो वित्त मंत्री मनमोहन सिंह द्वारा 1991 में दिया गया भाषण 18,700 शब्दों का था। किसी वित्त मंत्री द्वारा दिए गए भाषण के औसत आकार को देखें, तो यशवंत सिन्हा के भाषणों का आकार सबसे ज्यादा होता था, उनके भाषणों में औसतन लगभग 15,700 शब्द होते थे। इंदिरा गांधी ने वित्त मंत्री के रूप में सबसे छोटा भाषण दिया था। मोरारजी देसाई के भाषणों में औसतन 10,000 शब्द, जबकि वाई बी चव्हाण के भाषण में औसतन 9,300 शब्द होते थे।