बजट 2020: वित्त मंत्री ने किया ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का जिक्र, महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान

Nirmala Sitaraman
बजट 2020: वित्त मंत्री ने किया 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का जिक्र, महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान

नई दिल्ली। लोकसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का भी जिक्र किया। उन्होने कहा, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की सफलता उल्लेखनीय है, लड़कियों के स्कूल जाने का आंकड़ा लड़कों से ज्यादा है। 98 फीसदी लड़कियां नर्सरी लेवल पर स्कूल जा रही हैं। प्लस टू लेवल पर भी इसी तरह के आंकड़े हैं, लड़कियां लड़कों से किसी मामले में पीछे नहीं।’

Budget 2020 Finance Minister Mentioned Beti Bachao Beti Padhao Many Big Announcements For Women :

उन्होंने कहा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान का बड़ा असर हुआ है। स्कूल जाने वाली लड़कियों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को काफी समर्थन मिला है। इस योजना के जरिए बाल अनुपात में बड़ा अंतर देखने को मिला है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अब हमारी सरकार लड़कियों के मां बनने की उम्र को बढ़ाने पर भी चर्चा कर रही है। इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा जो 6 महीने में इस मुद्दे पर रिपोर्ट तैयार करेगी।

उन्होने कहा लड़कियों का सकल नामांकन प्राथमिक स्तर में 94.32 प्रतिशत, माध्यमिक स्तर में 81.32 प्रतिशत और उच्चतर माध्यमिक स्तर में 59.7 प्रतिशत है. वह कहती हैं कि महिलाएं विशेष रूप से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिला हैं। 6 लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता 10 करोड़ से अधिक घरों की स्थिति अपलोड करने के लिए सुसज्जित हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 के पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है जबकि महिला विशिष्ट कार्यक्रमों को 28,600 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘पोषण मां के स्वास्थ्य के साथ बच्चों के लिए भी जरूरी है। आंगनबाड़ी सेविकाएं स्मार्टफोन के जरिए पोषण की स्थिति बताती हैं। पोषण अभियान के जरिए छह लाख से ज्यादा सेविकाएं इस काम में लगी हैं।

नई दिल्ली। लोकसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का भी जिक्र किया। उन्होने कहा, 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की सफलता उल्लेखनीय है, लड़कियों के स्कूल जाने का आंकड़ा लड़कों से ज्यादा है। 98 फीसदी लड़कियां नर्सरी लेवल पर स्कूल जा रही हैं। प्लस टू लेवल पर भी इसी तरह के आंकड़े हैं, लड़कियां लड़कों से किसी मामले में पीछे नहीं।' उन्होंने कहा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान का बड़ा असर हुआ है। स्कूल जाने वाली लड़कियों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को काफी समर्थन मिला है। इस योजना के जरिए बाल अनुपात में बड़ा अंतर देखने को मिला है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अब हमारी सरकार लड़कियों के मां बनने की उम्र को बढ़ाने पर भी चर्चा कर रही है। इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा जो 6 महीने में इस मुद्दे पर रिपोर्ट तैयार करेगी। उन्होने कहा लड़कियों का सकल नामांकन प्राथमिक स्तर में 94.32 प्रतिशत, माध्यमिक स्तर में 81.32 प्रतिशत और उच्चतर माध्यमिक स्तर में 59.7 प्रतिशत है. वह कहती हैं कि महिलाएं विशेष रूप से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिला हैं। 6 लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता 10 करोड़ से अधिक घरों की स्थिति अपलोड करने के लिए सुसज्जित हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 के पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है जबकि महिला विशिष्ट कार्यक्रमों को 28,600 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, 'पोषण मां के स्वास्थ्य के साथ बच्चों के लिए भी जरूरी है। आंगनबाड़ी सेविकाएं स्मार्टफोन के जरिए पोषण की स्थिति बताती हैं। पोषण अभियान के जरिए छह लाख से ज्यादा सेविकाएं इस काम में लगी हैं।