बजट 2020: तीन साल में लग जाएंगे बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर, वित्त मंत्री ने की ये घोषणाएं

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बजट 2020: तीन साल में लग जाएंगे बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर, वित्त मंत्री ने की ये घोषणाएं

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अगले तीन सालों मे सभी के लिए बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। ग्राहकों को बिजली कंपनी चुनने की आजादी मिलेगी। राज्य सरकारें तीन सालों के भीतर परंपरागत बिजली के मीटरों को बदलेंगी। बजट में ऊर्जा क्षेत्र के लिये 22,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

Budget 2020 Smart Prepaid Meters Of Electricity Will Be Taken In Three Years The Finance Minister Made These Announcements :

बजट में हुए ये भी ऐलान
इसके साथ ही सरकारी नौकरी भर्तियों में नॉन गैजटेज पोस्ट के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी बनाई जाएगी। बैंकों में भर्ती की प्रक्रिया को सुधार जाएगा। हर जिले में एक केंद्र बनाया जाएगा। इंडियन इस्टीट्यूट ऑफ क्लचर बनाने का प्रस्ताव। देश में कुछ आइकॉनिक म्यूज़ियम बनाए जाएंगे, जिसमें मेरठ जिले का हस्तिनापुर भी शामिल है। राखीघड़ी, हस्तिनापुर, शिवसागर, धोलावीरा गुजरात, तमिलनाडु के आदिचनल्लूर गांव का जिक्र।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजनाओं को काफी समर्थन मिला, इस योजना के जरिए बाल अनुपात में बढ़ा अंतर देखने को मिला है। 10 करोड़ परिवारों के न्यूट्रिशन की जानकारी दी जाएगी। 6 लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिया गया। महिलाओं की शादी की उम्र बढ़ाई गई थी, अब हमारी सरकार लड़कियों के मां बनने की उम्र को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा जो 6 महीने में इस मुद्दे पर रिपोर्ट तैयार करेगी।

वित्त मंत्री सीतारमण ने ‘धन लक्ष्मी योजना’ की घोषणा की। इसके तहत नाबार्ड के समर्थन से गांवों में महिला स्वंय सहायता समूहों द्वारा भंडारण सुविधाएं चलायी जाएंगी। बेंगलुरू उप-नगरीय रेलगाड़ी परियोजना में केंद्र सरकार 20 प्रतिशत शेयर पूंजी लगाएगी। पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 2020-21 के बजट में 35,600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

समुद्री मत्स्यन संसाधन के विकास, प्रबंधन और संरक्षण की नयी व्यवस्था बनायी जाएगी, मछली उत्पादन 2022-23 तक बढ़ाकर 200 लाख टन किया जाएगा। भारतीय रेल जल्दी खराब होने वाले सामान की ढुलाई के लिये लोक-निजी भागीदारी में ‘किसान रेल चलाएगी।वित्त मंत्री ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 16 सूत्रीय एजेंडा रखा। बजट में परिवहन संबंधी ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिये 1.7 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अगले तीन सालों मे सभी के लिए बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। ग्राहकों को बिजली कंपनी चुनने की आजादी मिलेगी। राज्य सरकारें तीन सालों के भीतर परंपरागत बिजली के मीटरों को बदलेंगी। बजट में ऊर्जा क्षेत्र के लिये 22,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। बजट में हुए ये भी ऐलान इसके साथ ही सरकारी नौकरी भर्तियों में नॉन गैजटेज पोस्ट के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी बनाई जाएगी। बैंकों में भर्ती की प्रक्रिया को सुधार जाएगा। हर जिले में एक केंद्र बनाया जाएगा। इंडियन इस्टीट्यूट ऑफ क्लचर बनाने का प्रस्ताव। देश में कुछ आइकॉनिक म्यूज़ियम बनाए जाएंगे, जिसमें मेरठ जिले का हस्तिनापुर भी शामिल है। राखीघड़ी, हस्तिनापुर, शिवसागर, धोलावीरा गुजरात, तमिलनाडु के आदिचनल्लूर गांव का जिक्र। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजनाओं को काफी समर्थन मिला, इस योजना के जरिए बाल अनुपात में बढ़ा अंतर देखने को मिला है। 10 करोड़ परिवारों के न्यूट्रिशन की जानकारी दी जाएगी। 6 लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिया गया। महिलाओं की शादी की उम्र बढ़ाई गई थी, अब हमारी सरकार लड़कियों के मां बनने की उम्र को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा जो 6 महीने में इस मुद्दे पर रिपोर्ट तैयार करेगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने 'धन लक्ष्मी योजना' की घोषणा की। इसके तहत नाबार्ड के समर्थन से गांवों में महिला स्वंय सहायता समूहों द्वारा भंडारण सुविधाएं चलायी जाएंगी। बेंगलुरू उप-नगरीय रेलगाड़ी परियोजना में केंद्र सरकार 20 प्रतिशत शेयर पूंजी लगाएगी। पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 2020-21 के बजट में 35,600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। समुद्री मत्स्यन संसाधन के विकास, प्रबंधन और संरक्षण की नयी व्यवस्था बनायी जाएगी, मछली उत्पादन 2022-23 तक बढ़ाकर 200 लाख टन किया जाएगा। भारतीय रेल जल्दी खराब होने वाले सामान की ढुलाई के लिये लोक-निजी भागीदारी में 'किसान रेल चलाएगी।वित्त मंत्री ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 16 सूत्रीय एजेंडा रखा। बजट में परिवहन संबंधी ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिये 1.7 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।