बजट 2020: सपा ने बजट सत्र को बताया ‘कॉमेडी आफ्टरनून विद निर्मला सीतारमण’

i p singh
कोरोना वायरस: सपा नेता का बयान राशन चाहिए या टीवी पर रामायण

लखनऊ। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आज संसद में पहला बजट पेश हो रहा है। इसी पर तंज कसते हुए उत्तर प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभा रही समाजवादी पार्टी ने इसे कॉमेडी आफ्टरनून विद निर्मला सीतारमण बताया है। बता दें कि ​पिछले कुछ समय से देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, ऐसे में ये बजट देश के लिए बहुत खास माना जा रहा है।

Budget 2020 Sp Tells The Budget Session Comedy Afternoon With Nirmala Sitharaman :

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आई पी सिंह अक्सर अपने विवादित बयानो को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। मोदी सरकार और योगी सरकार के हर फैसले पर उनका तंज भरा ट्वीट आता है। आज जब लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही थी, तभी आई पी सिंह ने तंज कसते हुए ट्वीट किया।

आईपी सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘5 नयी स्मार्ट सिटी की घोषणा? अरे निर्मला जी इसे ‘बजट सत्र’ की जगह ‘Comedy afternoons with Nirmala Sitaraman’ का नाम दे देना चाहिए था। हद हो गयी लफ़्फ़ाज़ी की।

उन्होने लिखा, शिक्षा बजट 94 हज़ार करोड़ से 99 हज़ार करोड़ ही कर पाए प्रधानमंत्री। इतना छोटा दिल क्यूँ दिखा रहे हैं आप मोदी जी छात्रों के लिए? छात्रों के विकास के बिना देश का विकास होगा? अमेरिका क्या मूर्ख है जो GDP का अहम हिस्सा शिक्षा पर खर्च करता है? ख़ैर जो खुद कभी पढ़ा ना हो।

उन्होने लिखा, अब ये बजट का नाटक बंद करिए और सभी लोग मिल कर ‘नरेंद्र मोदी ज़िंदाबाद’ के नारे लगाते हुए सदन से ही दिल्ली चुनाव का प्रचार शुरू कर दीजिए। वही करिए जो आप लोगों को आता है, देश को बाँटिए और चुनाव जीतने का प्रयास करिए।

उन्होने लिखा, NHAI कर्ज़ में डूबा हुआ है इस बात का ज़िक्र खुद नितिन गड़करी जी भी कर चुके हैं, मौजूदा प्राजेक्ट्स पूरी तरह रुके हुए हैं और निर्मला जी एक्सप्रेस-वे की बात कर जनता को बहला रही हैं। पूरी तरह से झूठ और जुमलों से भरा हुआ देश के इतिहास का सबसे कमजोर बजट, सबसे महत्वपूर्ण वक्त पर।

उन्होने लिखा, ग्रामीण विकास के लिए 1.23 लाख करोड़ का समग्र आवंटन। किन योजनाओं के लिए नहीं बताया, आधारभूत संरचना पर कितना नहीं बताया, बस एक फिगर फेंक कर मार दिया जनता के मुँह पर। यही होता है जब प्रधानमंत्री कार्यालय से आख़िरी रात बजट वित्त मंत्री के पास सिर्फ पढ़ने के लिए आता है।

उन्होने लिखा, प्रधानमंत्री जो चुनावी मंच से किसानों की ‘कर्ज माफी’ की डींगें हांकते थे वो आज कहाँ है? हमेशा की तरह उद्योगपतियों का क़र्ज़ माफ होता आया है मोदी सरकार में और होता रहेगा। किसानों को सिर्फ झुनझुना पकड़ाया जा रहा है। ये बजट किसान विरोधी है, गरीब विरोधी है।

लखनऊ। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आज संसद में पहला बजट पेश हो रहा है। इसी पर तंज कसते हुए उत्तर प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभा रही समाजवादी पार्टी ने इसे कॉमेडी आफ्टरनून विद निर्मला सीतारमण बताया है। बता दें कि ​पिछले कुछ समय से देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, ऐसे में ये बजट देश के लिए बहुत खास माना जा रहा है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आई पी सिंह अक्सर अपने विवादित बयानो को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। मोदी सरकार और योगी सरकार के हर फैसले पर उनका तंज भरा ट्वीट आता है। आज जब लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही थी, तभी आई पी सिंह ने तंज कसते हुए ट्वीट किया। आईपी सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा '5 नयी स्मार्ट सिटी की घोषणा? अरे निर्मला जी इसे ‘बजट सत्र’ की जगह ‘Comedy afternoons with Nirmala Sitaraman’ का नाम दे देना चाहिए था। हद हो गयी लफ़्फ़ाज़ी की। उन्होने लिखा, शिक्षा बजट 94 हज़ार करोड़ से 99 हज़ार करोड़ ही कर पाए प्रधानमंत्री। इतना छोटा दिल क्यूँ दिखा रहे हैं आप मोदी जी छात्रों के लिए? छात्रों के विकास के बिना देश का विकास होगा? अमेरिका क्या मूर्ख है जो GDP का अहम हिस्सा शिक्षा पर खर्च करता है? ख़ैर जो खुद कभी पढ़ा ना हो। उन्होने लिखा, अब ये बजट का नाटक बंद करिए और सभी लोग मिल कर ‘नरेंद्र मोदी ज़िंदाबाद’ के नारे लगाते हुए सदन से ही दिल्ली चुनाव का प्रचार शुरू कर दीजिए। वही करिए जो आप लोगों को आता है, देश को बाँटिए और चुनाव जीतने का प्रयास करिए। उन्होने लिखा, NHAI कर्ज़ में डूबा हुआ है इस बात का ज़िक्र खुद नितिन गड़करी जी भी कर चुके हैं, मौजूदा प्राजेक्ट्स पूरी तरह रुके हुए हैं और निर्मला जी एक्सप्रेस-वे की बात कर जनता को बहला रही हैं। पूरी तरह से झूठ और जुमलों से भरा हुआ देश के इतिहास का सबसे कमजोर बजट, सबसे महत्वपूर्ण वक्त पर। उन्होने लिखा, ग्रामीण विकास के लिए 1.23 लाख करोड़ का समग्र आवंटन। किन योजनाओं के लिए नहीं बताया, आधारभूत संरचना पर कितना नहीं बताया, बस एक फिगर फेंक कर मार दिया जनता के मुँह पर। यही होता है जब प्रधानमंत्री कार्यालय से आख़िरी रात बजट वित्त मंत्री के पास सिर्फ पढ़ने के लिए आता है। उन्होने लिखा, प्रधानमंत्री जो चुनावी मंच से किसानों की ‘कर्ज माफी’ की डींगें हांकते थे वो आज कहाँ है? हमेशा की तरह उद्योगपतियों का क़र्ज़ माफ होता आया है मोदी सरकार में और होता रहेगा। किसानों को सिर्फ झुनझुना पकड़ाया जा रहा है। ये बजट किसान विरोधी है, गरीब विरोधी है।