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1 फरवरी को पेश होगा बजट, हलवा सेरेमनी के साथ शुरू हुई छपाई, तब तक दुनिया से कटे रहेंगे अधिकारी-कर्मचारी

Budget Will Be Presented On February 1 Printing Will Begin With Halwa Ceremony Till Then Officer Employees Will Be Cut Off From The World

नई दिल्ली। इस बार संसद में देश का बजट 1 फरवरी को पेश किया जायेगा। सोमवार को हलवा सेरेमनी के साथ ही वित्त मंत्रालय में बजट की छपाई शुरू हो गई है। बता दें कि नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में स्थित प्रिटिंग प्रेस में इसकी छपाई की जाती है। हलवा सेरेमनी के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं बताया जा रहा है कि अब अगले 10 दिनो तक वित्त मंत्रालय के 50 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी पूरी दुनिया से कटे रहेंगे।

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देश में लगातार गिर रही जीडीपी और महंगाई दर के 7.35 फीसदी पहुंचने के बाद इस बार के बजट को काफी अहम माना जा रहा है। देश में अर्थव्यवस्था को लेकर लगातार मोदी सरकार को विपक्ष व सामाजिल संगठनो द्वारा घेरा जा रहा है। इसी के चलते सोमवार से इसके छपाई की शुरूवात हो गयी है। जब भी छपाई होती है तो हलवा बनाया जाता है। हलवा तैयार होने के बाद इसका वितरण वित्त मंत्री समेत अन्य मंत्रियों और अधिकारियों में होता है। सामान्य तौर पर हलवा बनाने की रस्म में बजट निर्माण में लगे अधिकारी ही शामिल होते हैं।

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बता दें​ कि हलवा बनने के बाद से वित्त मंत्रालय के 50 से अधिक लोग बजट बनाने में दिन रात लग जाते हैं। 24 घंटे नॉर्थ ब्लॉक में ही इन लोगो को गुजारना पड़ता है। एक बार कैद होने के बाद वित्त मंत्री द्वारा लोक सभा में बजट पेश करने के बाद ही इन्हें नॉर्थ ब्लॉक से बाहर जाने की इजाजत मिलती है। बताया गया कि बजट छपाई एक तरह से पूर्णतया गोपनीय काम होता है। अब बजट छपाई की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी 10 दिनों के लिए पूरी दुनिया से कटे रहेंगे। इन 50 अधिकारियों व कर्मचारियों को घर जाने की भी इजाजत नहीं मिलती है।

इस दौरान वित्त मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होती है। यहां कोई भी बाहरी व्यक्ति नही आता है। छपाई से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों को भी बाहर आने या फिर अपने सहयोगियों से मिलने की भी मनाही होती है। अगर किसी विजिटर का आना बहुत जरूरी है तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में अंदर भेजा जाता है। वित्त मंत्रालय में खुफिया विभाग से लेकर के साइबर सिक्योरिटी सेल सबका पहरा रहता है। यहां कोई मोबाईल काम नही करता है। मंत्रालय में 10 दिन के लिए डॉक्टरों की एक टीम भी तैनात रहती है। वहीं जिन कंप्यूटरों पर बजट डॉक्यूमेंट होता है, उनसे इंटरनेट और एनआईसी के सर्वर को डिलिंक कर दिया जाता है।

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