सीमा पर लेजर दीवार खड़ी करना आसान नहीं, आएंगी कई अड़चनें

नई दिल्ली| केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत दिसंबर, 2018 तक लेजर दीवारें खड़ी कर पाकिस्तान से लगी अपनी सीमा पूरी तरह से सील कर देगा| हालांकि इस इतना आसान भी नहीं है| इसमें कई अड़चनें हैं| जिन लोगों की जमीन सीमा के करीब है उनके लिए लेजर दीवार पार कर अपने खेतों और घरों तक पहुंचना कठिन हो जाएगा|




सीमा पर लेजर दीवार खड़ी करने के लिए कई सेंसर व उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे सीमा को आरपार करना संभव नहीं होगा| वहीं अभी तक कई ऐसी जगह भी हैं, जिनके ऊपर तार नहीं लग पाए हैं| कई ऐसे नाले हैं, जिनके ऊपर तार नहीं हैं| सीमा पर सर्दी के मौसम में काफी बर्फ गिरती है| बर्फबारी के दौरान तापमान में गिरावट आ जाती है| जो उपकरण लगे हुए हैं वे भी काम करना बंद कर देते हैं| इतना ही नहीं पाकिस्तानी सेना सीमा पर लेजर व अन्य उपकरण नहीं लगाने देगी| सीमा पर जिस समय तार लगाने का कार्य चल रहा था, उस समय भी पाकिस्तानी सेना ने जमकर गोलाबारी की थी और तार लगाने वाले कई मजदूर मारे गए थे| इसके बाद तार को सीमा से दूर लगाया गया|

गौरतलब है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बीते शुक्रवार को कहा था कि भारत दिसंबर, 2018 तक दीवारें खड़ी कर पाकिस्तान से लगी अपनी सीमा पूरी तरह से सील कर देगा| सीमा पर और मजबूत फेंसिंग की जाएगी| पाकिस्तान के साथ सीमा पर बढ़ते हुए तनाव के हालात के मद्देनजर समीक्षा बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा को बंद करने का काम समयबद्ध तरीके से किया जाएगा| सिंह ने कहा, “गृह मंत्रालय ने दिसंबर 2018 तक भारत-पाकिस्तान सीमा को पूरी तरह से बंद करने का लक्ष्य तय किया है| यह कार्रवाई योजना समयबद्ध तरीके से होगी और इस क्रियान्वयन पर मासिक और तिमाही निगरानी की जाएगी|” उन्होंने कहा कि इसकी निगरानी गृह मंत्रालय, राज्य स्तर और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) स्तर पर की जाएगी|

सिंह ने कहा, “हमने निगरानी पर खास जोर दिया है, क्योंकि दिसंबर 2018 तक हम भारत-पाकिस्तान सीमा को पूरी तरह बंद करने का लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं|” उन्होंने कहा कि नदी क्षेत्र वाले इलाकों को बंद करने के लिए हम तकनीकी मदद लेंगे| राजनाथ सिंह ने कहा कि एक नई अवधारणा ‘सीमा सुरक्षा ग्रिड’ का इस्तेमाल इसकी जगह किया जाएगा। सीमावर्ती राज्यों को इसके लिए सुझाव देने को कहा गया है| उन्होंने कहा, “इस के आधार पर हम सीमा सुरक्षा ग्रिड को एक अंतिम रूप देंगे और केंद्र सरकार इसके लिए संबंधित राज्य को दिशा-निर्देश जारी करेगी| “सीमा को बंद करने का फैसला पाकिस्तान के साथ बढ़े हुए तनाव के मद्देनजर आया है| जम्मू एवं कश्मीर के उड़ी में 18 सितंबर को हुए आतंकी हमले को लेकर भारत द्वारा नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद दोनों के रिश्ते और बिगड़ गए हैं|

सिंह ने यह भी कहा कि राज्यों को सीमा सुरक्षा बलों की शिकायत पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिया गया है| उन्होंने कहा, “मैंने सीमवर्ती राज्यों से आग्रह किया है कि जब भी बीएसएफ कोई शिकायत करती है, तो उन्हें इसे सही तरीके से पंजीकृत करना चाहिए और जांच कर आरोपपत्र दाखिल होना चाहिए| जो भी दोषी पाया जाए उसे सजा मिलनी चाहिए, राज्यों को इस पहलू पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है|”

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