बुलंदशहर कांड : मुख्य आरोपी की शिकायत पर पुलिस ने ना​बालिगों को बनाया था गोकशी का आरोपी

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बुलंदशहर कांड : मुख्य आरोपी की शिकायत पर पुलिस ने ना​बालिगों को बनाया था गोकशी का आरोपी

बुलंदशहर। बुलंदशहर में गोकशी के विरोध में भड़की हिंसा को शांत करने के दौरान हुई स्याना थाने के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के मामले में अब नए—नए खुलासे हो रहे है। इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या के मामले में मुख्य आरोपी एक हिंदू संगठन के जिला संयोजक योगेश राज ने गोकशी के बाद पुलिस को मामले की तहरीर दी थी, जिसमें पुलिस ने सात लोगों को नामजद किया था।

Bulandshahar Police Named Two Minor Cousin Brother In Fir Of Cow Slaughter :

बता दें कि पुलिस ने जिन सात लोगों को गोकशी के मामले में नामजद किया था, उनमें दो नाबालिग थे। जिससे एक की उम्र 11 साल जबकि दूसरे की उम्र 12 साल है। दोनों बच्चें आपस में चचेरे भाई है। अब एक नाबालिग के पिता परेशान हैं। उनका कहना है कि नाबालिग उनका बेटा है और दूसरा उनका भतीजा है। पुलिस ने आज कई घंटों तक पिता को दोनों बच्चों के साथ थाने में बिठाए रखा।

अब सवाल ये उठता है कि क्या बुलंदशहर पुलिस बिना जांच के एफआईआर दर्ज करती है। क्योंकि अगर वो ऐसा करती तो शायद इन दोनों नाबालिगों को मामले का दोषी न बनाया जाता। वहीं बाद में इस मामले में तूल पकड़ा और दंगा भड़क गया। स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गुस्साई भीड़ ने मौत के घाट उतार दिया गया। उनकी हत्या का मुख्य दोषी भी उसी योगेश राज को माना जा रहा है, जिसकी तहरीर पर पुलिस ने दो नाबालिगों को गोकशी का आरोपी बना दिया। फिलहाल योगेश राज अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है।

बुलंदशहर। बुलंदशहर में गोकशी के विरोध में भड़की हिंसा को शांत करने के दौरान हुई स्याना थाने के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के मामले में अब नए—नए खुलासे हो रहे है। इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या के मामले में मुख्य आरोपी एक हिंदू संगठन के जिला संयोजक योगेश राज ने गोकशी के बाद पुलिस को मामले की तहरीर दी थी, जिसमें पुलिस ने सात लोगों को नामजद किया था।बता दें कि पुलिस ने जिन सात लोगों को गोकशी के मामले में नामजद किया था, उनमें दो नाबालिग थे। जिससे एक की उम्र 11 साल जबकि दूसरे की उम्र 12 साल है। दोनों बच्चें आपस में चचेरे भाई है। अब एक नाबालिग के पिता परेशान हैं। उनका कहना है कि नाबालिग उनका बेटा है और दूसरा उनका भतीजा है। पुलिस ने आज कई घंटों तक पिता को दोनों बच्चों के साथ थाने में बिठाए रखा।अब सवाल ये उठता है कि क्या बुलंदशहर पुलिस बिना जांच के एफआईआर दर्ज करती है। क्योंकि अगर वो ऐसा करती तो शायद इन दोनों नाबालिगों को मामले का दोषी न बनाया जाता। वहीं बाद में इस मामले में तूल पकड़ा और दंगा भड़क गया। स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गुस्साई भीड़ ने मौत के घाट उतार दिया गया। उनकी हत्या का मुख्य दोषी भी उसी योगेश राज को माना जा रहा है, जिसकी तहरीर पर पुलिस ने दो नाबालिगों को गोकशी का आरोपी बना दिया। फिलहाल योगेश राज अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है।