बुलंदशहर हिंसा: यूपी पुलिस की लापरवाही, उपद्रवी की जगह लगाई बेगुनाह की तस्वीर

बुलंदशहर हिंसा: यूपी पुलिस की लापरवाही, उपद्रवी की जगह लगाई बेगुनाह की तस्वीर
बुलंदशहर हिंसा: यूपी पुलिस की लापरवाही, उपद्रवी की जगह लगाई बेगुनाह की तस्वीर

लखनऊ। बुलंदशहर हिंसा मामले में जारी की गई 18 आरोपियों की तस्वीर में तथ्यात्मक गलती करने के बाद यूपी पुलिस की किरकिरी हो रही है। दरअसल, 18 आरोपियों की तस्वीर में एक निर्दोष की भी तस्वीर जारी कर दी। इस पोस्टर में दूसरे नंबर पर विशाल त्यागी पुत्र सुरेंद्र निवासी स्याना का नाम है, जबकि फोटो में जो व्यक्ति है, वह विशाल त्यागी पुत्र विजयपाल सिंह निवासी ग्राम हिरनौट, कोतवाली शिकारपुर (बुलंदशहर) है।

Bulandshahar Violence Police Used Civilian Picture And Post It As Accused :

विशाल त्यागी नाम के एक शख्स ने यह दावा किया है कि भगोड़े घोषित किए गए आरोपियों की सूची में उसकी तस्वीर गलती से प्रकाशित कर दी गई है। उसने कहा, ‘पुलिस ने गलती से मुझे आरोपी समझकर मेरी फोटो प्रकाशित कर दी। मेरा इस घटना से कोई लेना देना नहीं है। मैं घटनास्थल से 40 किलोमीटर दूर रहता हूं।’ इस पूरे मामले पर एसपी अतुल कुमार ने कहा, ‘यह मामला हमारे प्रकाश में आया है कि एक फोटो गलती से प्रकाशित हो गई है। हम मामले की जांच कर रहे हैं और तस्वीर हटा ली जाएगी।’

शनिवार दोपहर पीड़ित ब्लड बैंक मैनेजर विशाल त्यागी मेरठ पहुंचे और एडीजी प्रशांत कुमार को पूरा प्रकरण बताया। सुबूत के तौर पर उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दी। कहा कि बुलंदशहर पुलिस ने उनको हिंसा का वांटेड बनाकर दुष्प्रचारित कर दिया। एडीजी ने तत्काल बुलंदशहर एसएसपी को कार्रवाई का निर्देश दिया। हरकत में आई बुलंदशहर पुलिस ने खेद व्यक्त करते हुए सही आरोपी विशाल त्यागी का फोटो जारी कर दिया है। पुलिस का कहना है कि वांछित विशाल त्यागी का नाम-पता सही है, लेकिन फोटो किसी अन्य विशाल का भूलवश लगा दिया गया।

लखनऊ। बुलंदशहर हिंसा मामले में जारी की गई 18 आरोपियों की तस्वीर में तथ्यात्मक गलती करने के बाद यूपी पुलिस की किरकिरी हो रही है। दरअसल, 18 आरोपियों की तस्वीर में एक निर्दोष की भी तस्वीर जारी कर दी। इस पोस्टर में दूसरे नंबर पर विशाल त्यागी पुत्र सुरेंद्र निवासी स्याना का नाम है, जबकि फोटो में जो व्यक्ति है, वह विशाल त्यागी पुत्र विजयपाल सिंह निवासी ग्राम हिरनौट, कोतवाली शिकारपुर (बुलंदशहर) है। विशाल त्यागी नाम के एक शख्स ने यह दावा किया है कि भगोड़े घोषित किए गए आरोपियों की सूची में उसकी तस्वीर गलती से प्रकाशित कर दी गई है। उसने कहा, 'पुलिस ने गलती से मुझे आरोपी समझकर मेरी फोटो प्रकाशित कर दी। मेरा इस घटना से कोई लेना देना नहीं है। मैं घटनास्थल से 40 किलोमीटर दूर रहता हूं।' इस पूरे मामले पर एसपी अतुल कुमार ने कहा, 'यह मामला हमारे प्रकाश में आया है कि एक फोटो गलती से प्रकाशित हो गई है। हम मामले की जांच कर रहे हैं और तस्वीर हटा ली जाएगी।' शनिवार दोपहर पीड़ित ब्लड बैंक मैनेजर विशाल त्यागी मेरठ पहुंचे और एडीजी प्रशांत कुमार को पूरा प्रकरण बताया। सुबूत के तौर पर उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दी। कहा कि बुलंदशहर पुलिस ने उनको हिंसा का वांटेड बनाकर दुष्प्रचारित कर दिया। एडीजी ने तत्काल बुलंदशहर एसएसपी को कार्रवाई का निर्देश दिया। हरकत में आई बुलंदशहर पुलिस ने खेद व्यक्त करते हुए सही आरोपी विशाल त्यागी का फोटो जारी कर दिया है। पुलिस का कहना है कि वांछित विशाल त्यागी का नाम-पता सही है, लेकिन फोटो किसी अन्य विशाल का भूलवश लगा दिया गया।