जालौन में दोहराया गया बुलंदशहर गैंगरेप कांड, पति के सामने होता रहा गैंगरेप

लखनऊ। अखिलेश यादव के सीएम रहते बुलंदशहर में एनएच 91 पर हुए लूट और गैंपरेप की वारदात आज भी लोगों के जहन में जिन्दा है। जिस तरह से उस वारदात में लुटेरों ने पूरे परिवार को बंधक बनाकर नाबालिग और उसकी मां के साथ गैंगरेप की घटना को अंजा​म दिया था, प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल और ज्यादा गहरा गए थे। अब यूपी में सत्ता परिवर्तन हो चुका है लेकिन अपराधियों के हौंसले जस के तस बुलंद है। जिसका परिणाम जयपुर से जालौन लौट रहे दं​पति को भुगतना पड़ा। लुटेरों ने लूट की वारदात को अंजाम देते समय महिला के साथ उसके पति के सामने गैंगरेप किया। हालांकि इस बार यूपी पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही एक्शन में आ गई।




मिली जानकारी के मुताबिक जालौन निवासी दंपति जयपुर से वापस अपने गांव लौट रहा था। आगरा से औरैया पहुंचते-पहुंचते रात हो गई तो दंपति जालौन जाने के लिए सवारी का इंतजार करने लगा। इसी दौरान एक लोडर के चालक ने दंपति को जालौन तक पहुंचाने की बात कहकर साथ चलने को कहा। रजामंदी के बाद दं​पति ने लोडर में सवार होकर जालौन के लिए निकल गए। बीच रास्ते में लुटेरों के एक गैंग ने लोडर को रुकवा लिया। लूट की नियत से आए लुटेरों ने सभी को बंधक बनाकर महिला को पास के खेत में ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम​ दिया और फिर फरार हो गए।



जब घटना की जानकारी पुलिस को मिली तो आईजी कानपुर से लेकर औरैया और जालौन जिले के तमाम आला अफसर एक्शन में आ गए। आनन फानन में पुलिस ने पीड़ित दंपति के बताए अनुसार करीब 20 लोगोें को हिरासत में लेकर पहचान करवाई। इस घटना के बाद यूपी पुलिस की पैट्रोलिंग व्यवस्था की भी पोल खुल गई है। अधिकारियों ने पैट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को निलंबित कर दिया है।

आईजी कानपुर जकी अहमद का कहना है कि पीडिता के निशानदेही पर दोषियों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी की जाए।
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आपको बता दें कि इस वारदात की तुलना बुलंदशहर में हुए जिस गैगरेप कांड से की जा रही है, उसमें पुलिस ने सक्रियता दिखाने में 48 घंटों का समय लगा दिया था। पीड़ित परिवार वारदात के बाद अपनी शिकायत लेकर थाने से लेकर एसएसपी कार्यालय तक चक्कर लगाकर जब थक गए तो मीडिया के माध्यम से न्याय की गुहार लगाने के बाद सवालों के घेरे में आई पुलिस ने सक्रियता बढ़ाई थी।