बुलंदशहर हिंसा में खुफिया रिपोर्ट का खुलासा, पुलिस प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार

बुलंदशहर हिंसा : खुफिया रिपोर्ट में गोकशी न रोकने के लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार
बुलंदशहर हिंसा : खुफिया रिपोर्ट में गोकशी न रोकने के लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 3 दिसंबर को गोकशी के शक में हुई हिंसा की इंटेलिजेंस रिपोर्ट सामने आ गई है। इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जांच के लिए बुलंदशहर गए एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरडकर ने अपनी रिपोर्ट में जिले के पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस गोकशी रोक पाने में नाकाम रही। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के लखनऊ पहुंचने के बाद डीजीपी खुद उन्हें यह रिपोर्ट सौंपेंगे।

Bulandshahr Violence A Report Says Police Administration Responsible For Not Preventing Cow Slaughter :

सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में जिले के पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस गोकशी रोक पाने में नाकाम रही। यह अभी भी पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। रिपोर्ट के अनुसार जिस जगह यह हिंसा हुई वहां से करीब 500 मीटर की दूरी पर कुछ नकाबपोश लोग बैठे थे। उनके चेहरों पर नकाब था। स्‍पेशल इंवेस्‍टीगेशन टीम इन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

इसमें इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार सिंह और ग्रामीण सुमित की हत्या एक ही रिवाल्वर से होने की आशंका जताई गई है। साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि बुलंदशहर जिले में पहले कुल 14 बूचड़खाने चलते थे। अब केवल तीन बूचड़खाने ही चल रहे हैं, जो लाइसेंसी हैं। हालांकि जिले की पुलिस गोकशी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा पा रही है।

इसकी एक वजह यह भी है कि ग्रामीण इलाकों में झुंड में आवारा गोवंश के छुट्टा घूमते हैं और उनके लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। छुट्टा घूमते इन मवेशियों की सुरक्षा पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती व सिरदर्द बन गई है। इसके लिए पशुधन विभाग को भी जिम्मेदार ठहराया गया है।

एक ही बोर की गोली से दोनों की हत्या!

सूत्रों की मानें तो बुलंदशहर मामले में आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और सुमित की हत्या एक ही बोर की पिस्टल से हुई थी। सुबोध को गोली जम्मू में तैनात एक फौजी की अवैध गोली से लगी है, घटना के बाद से ही फौजी फरार है।

पुलिस ने इसके लिए जम्मू में सेना से भी संपर्क किया गया है, अभी तक इस मामले में तीन अन्य लोगों की भी गिरफ्तार कर चुकी है। बताया जा रहा है कि जम्मू से फौजी को हिरासत में लेने के बाद पुलिस आज शाम को ही पुलिस साजिश का खुलासा कर सकती है।

आपको बता दें कि गोकशी के शक में बुलंदशहर में हुई हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और स्थानीय नागरिक सुमित की मौत हो गई थी। सुबोध सिंह के परिवार ने गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी, यूपी सरकार की ओर से उनके परिवार के लिए 50 लाख रुपये की मदद करने का ऐलान किया गया है।

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 3 दिसंबर को गोकशी के शक में हुई हिंसा की इंटेलिजेंस रिपोर्ट सामने आ गई है। इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जांच के लिए बुलंदशहर गए एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरडकर ने अपनी रिपोर्ट में जिले के पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस गोकशी रोक पाने में नाकाम रही। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के लखनऊ पहुंचने के बाद डीजीपी खुद उन्हें यह रिपोर्ट सौंपेंगे।सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में जिले के पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस गोकशी रोक पाने में नाकाम रही। यह अभी भी पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। रिपोर्ट के अनुसार जिस जगह यह हिंसा हुई वहां से करीब 500 मीटर की दूरी पर कुछ नकाबपोश लोग बैठे थे। उनके चेहरों पर नकाब था। स्‍पेशल इंवेस्‍टीगेशन टीम इन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।इसमें इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार सिंह और ग्रामीण सुमित की हत्या एक ही रिवाल्वर से होने की आशंका जताई गई है। साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि बुलंदशहर जिले में पहले कुल 14 बूचड़खाने चलते थे। अब केवल तीन बूचड़खाने ही चल रहे हैं, जो लाइसेंसी हैं। हालांकि जिले की पुलिस गोकशी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा पा रही है।इसकी एक वजह यह भी है कि ग्रामीण इलाकों में झुंड में आवारा गोवंश के छुट्टा घूमते हैं और उनके लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। छुट्टा घूमते इन मवेशियों की सुरक्षा पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती व सिरदर्द बन गई है। इसके लिए पशुधन विभाग को भी जिम्मेदार ठहराया गया है।

एक ही बोर की गोली से दोनों की हत्या!

सूत्रों की मानें तो बुलंदशहर मामले में आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और सुमित की हत्या एक ही बोर की पिस्टल से हुई थी। सुबोध को गोली जम्मू में तैनात एक फौजी की अवैध गोली से लगी है, घटना के बाद से ही फौजी फरार है।पुलिस ने इसके लिए जम्मू में सेना से भी संपर्क किया गया है, अभी तक इस मामले में तीन अन्य लोगों की भी गिरफ्तार कर चुकी है। बताया जा रहा है कि जम्मू से फौजी को हिरासत में लेने के बाद पुलिस आज शाम को ही पुलिस साजिश का खुलासा कर सकती है।आपको बता दें कि गोकशी के शक में बुलंदशहर में हुई हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और स्थानीय नागरिक सुमित की मौत हो गई थी। सुबोध सिंह के परिवार ने गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी, यूपी सरकार की ओर से उनके परिवार के लिए 50 लाख रुपये की मदद करने का ऐलान किया गया है।