पर्दाफाश की खबर का असर, रिश्वत मांगने वाले दरोगा के विरुद्ध जांच शुरू

बांदा। उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले के राजापुर थाने की पुलिस चैकी गनीवां में तैनात उपनिरीक्षक द्वारा बेगुनाह बंद दलित को छोड़ने के एवज में पचास हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाला आॅडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने जांच क्षेत्राधिकारी राजापुर को सौंपी है।

दरोगा ने मांगी 50 हजार रूपए की रिश्वत, आॅडियो वायरल

पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल सिंह ने रविवार को बताया कि ‘कछिया गांव के एक दलित को पुलिस लाॅकप से छोड़ने की एवज में जरिए फोन पचास हजार रुपये की रिश्वत मांगने संबंधी आॅडियो व्हाट्सऐप में वायरल होने के मामले में गनीवां चैकी में तैनात उपनिरीक्षक दिनेश कुमार सिंह चंदेल के विरुद्ध जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जांच राजापुर के क्षेत्राधिकारी बृजराज सिंह को सौंपी गई है।’




उधर, जांच अधिकारी (सीओ) सिंह ने बताया कि ‘जांच में दलित जयराम के परिजनों का भी बयान दर्ज किया जाएगा और उसे छह दिन तक पुलिस लाॅकप में बंद करने के बाद दुष्कर्म जैसे मामले में जेल भेजने के तथ्यों को भी शामिल किया जाएगा।’




उल्लेखनीय है कि कछिया गांव के दलित जयराम से सात हजार रुपये लेकर उपनिरीक्षक ने पहले उसे शांति भंग के आरोप में जेल भेजा था, जब वह जमानत पर रिहा हुआ तो 10 नवंबर को पुनः उसके घर से गिरफ्तार कर छह दिन तक हिरासत में रखने के बाद तमंचे के साथ गिरफ्तारी दिखा 17 नवंबर को दुष्कर्म के आरोप में उसे पुनः जेल भेज दिया था।

आरोपी दरोगा ने रविवार को इस संवाददाता से फोन पर स्वीकार किया कि ‘गलती’ हुई है, साथ ही कहा कि ‘वह सात हजार रुपये जयराम के परिवार को वापस कर देंगे।’

बाँदा से आर जयन की रिपोर्ट