शराब बंदी न हुई तो ठेकों में तालाबंदी करेगी एनआईएसः ‘लाल मिर्ची’

बांदा: उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड़ में ‘लाल मिर्ची’ के नाम से चर्चित ‘एनआईएस’ की प्रमुख वर्षा भारतीय ने रविवार को कहा कि ‘उनका संगठन शराबबंदी की मांग को लेकर नए साल में एक बड़ा आन्दोलन शुरू करने की रणनीत बना रहा है, जिसके तहत जल्द ही महिलाएं शराब ठेकों पर धावा बोलकर तालाबंदी कर अपनी ताकत दिखाएंगी।’



बुंदेलखंड़ में लोग ‘नारी इंसाफ सेना’ (एनआईएस) को ‘मिर्ची गैंग’ और उसकी प्रमुख वर्षा भारतीय को ‘लाल मिर्ची’ के नाम से जानते हैं। वर्षा ने कहा कि ‘पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर महिलाएं बुंदेलखंड़ के बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर जिला मुख्यालयों में जिलाधिकारियों के माध्यम ज्ञापन सौंप कर राज्य सरकार पर बिहार की तर्ज पर पूर्ण शराबबंदी कानून बनाने का दबाव बनाएंगी, यदि सरकार ने अनसुना किया तो एक अप्रैल के बाद सभी देशी और विदेशी शराब ठेकों में धावा बोलकर वहां तालाबंदी की जाएगी।’ लाल मिर्ची ने कहा कि ‘राज्य सरकार राजस्व के मुनाफे की बात तो करती है, लेकिन शराब की वजह से महिलाओं का कितना उत्पीड़न होता है इसका मूल्यांकन नहीं करती।’




उनका मानना है कि ‘आए दिन शराब के लती पुरुष वर्ग घर आंगन से लेकर सड़क तक में महिलाओं और बच्चियों का शोषण करते हैं, कई जगह तो शराबी पतियों द्वारा अपनी पत्नियों को जिंदा जलाने की भी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘हर साल की भांति इस साल भी 31 मार्च तक राज्य सरकार शराब ठेकों की बोली या नीलामी करेगी। सरकार ऐसा न कर सके, इसके लिए महिलाएं एक मार्च से 31 मार्च तक धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताएंगी और एक अप्रैल के बाद शराब ठेकों पर धावा बोलकर तालाबंदी करेंगी। ठेका मालिक, दुकान के कर्मचारी और ठेकों में शराब पी रहे शराबी यदि महिलाओं से टकराने की कोशिश करेंगे तो उनकी आंखों में ‘मिर्च पाउडर डालो’ अभियान भी शुरू किया जाएगा।’

यहां बता दें कि नारी इंसाफ सेना में शामिल हर महिला के पास मिर्च पाउडर रहता है, जिसे महिलाएं अपने बचाव में हथियार के रूप में इस्तेमाल करती हैं।

बाँदा से आर जयन की रिपोर्ट