पुलिस को फोन करने के कारोबारी ने कहा, मैंने बच्चों और पत्नी को मार दिया है, अब आत्महत्या करने जा रहा हूं’

family killed
पुलिस को फोन करने के कारोबारी ने कहा, मैंने बच्चों और पत्नी को मार दिया है, अब आत्महत्या करने जा रहा हूं'

वाराणसी। वाराणसी के मुकीमकंज इलाके के नचनी कुआं मोहल्ले में शुक्रवार की सुबह पंखा कारोबारी चेतन तुलस्यान (45) ने बेटे हर्ष (19), बेटी हिमांशी (17) और पत्नी ऋतु (42) को नींद की गोली खिला कर तीनों का गला दबा दिया। इसके बाद फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी।

Businessman Calling The Police Said I Have Killed Children And Wife Now I Am Going To Commit Suicide :

पुलिस के मुताबिक पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद चेतन ने सुबह 4:35 बजे डायल 112 पर फोन कर सूचना दी कि उसने सबको मार दिया है और अब वह भी जान देने जा रहा है। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने चारों का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

पुलिस को घर से 8 पन्ने का सुसाइड नोट और एफिडेविट बरामद हुआ है। सुसाइड नोट के अनुसार आंखों की कम होती रोशनी, आर्थिक तंगी सहित अन्य कारणों से परिवार ने जान दी है। चेतन ने अपने घर और दुकान को गोरखपुर निवासी साले को देने की बात लिखी है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि मौके से मिले सुसाइड नोट और दवाएं आदि देख कर यह प्रतीत हुआ कि पूरी तैयारी के साथ परिवार ने आपसी सहमति से जान दी है।

पुलिस के मुताबिक आदमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुकीमगंज क्षेत्र के नचनी कुआं मोहल्ले में दो मंजिला मकान के प्रथम तल पर चेतन अपने परिवार के साथ रहते थे। ग्राउंड फ्लोर पर उनके पिता रविंद्र नाथ तुलस्यान और मां विमला देवी रहती हैं।चेतन का एक भाई महमूरगंज क्षेत्र में और एक भाई सूरत में रहता है। चेतन और उनके मां-बाप का आपस में कोई खास सरोकार नहीं था। तुलसी नामक काले पंखे को असेंबल करने का काम करने वाले चेतन को पांच हजार रुपये प्रतिमाह कारोबार से और 13 हजार रुपये प्रतिमाह बुलानाला स्थित दुकान से किराया मिलता था।

चेतन के कॉल करने के बाद पुलिस उनका घर खोजते हुए पहुंची तो पिता रविंद्र नाथ बाहर निकल कर आए। पुलिस ने उनको चेतन को बुलाने को कहा। वह ऊपर गए तो दरवाजा नहीं खुला। पुलिस ने ऊपर जाकर दरवाजा खोला तो एक कमरे में चेतन के बेटे-बेटी बिस्तर पर मृत पड़े हुए थे।वहीं, दूसरे कमरे में ऋतु नीचे जमीन पर लेटी थी और चेतन फंदे से लटके हुए थे। चारों के पास नींद की होम्योपैथिक दवा पड़ी हुई थी। दंपती और दोनों बच्चों की मौत का मामला सार्वजनिक होते ही मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई।

वाराणसी। वाराणसी के मुकीमकंज इलाके के नचनी कुआं मोहल्ले में शुक्रवार की सुबह पंखा कारोबारी चेतन तुलस्यान (45) ने बेटे हर्ष (19), बेटी हिमांशी (17) और पत्नी ऋतु (42) को नींद की गोली खिला कर तीनों का गला दबा दिया। इसके बाद फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी। पुलिस के मुताबिक पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद चेतन ने सुबह 4:35 बजे डायल 112 पर फोन कर सूचना दी कि उसने सबको मार दिया है और अब वह भी जान देने जा रहा है। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने चारों का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस को घर से 8 पन्ने का सुसाइड नोट और एफिडेविट बरामद हुआ है। सुसाइड नोट के अनुसार आंखों की कम होती रोशनी, आर्थिक तंगी सहित अन्य कारणों से परिवार ने जान दी है। चेतन ने अपने घर और दुकान को गोरखपुर निवासी साले को देने की बात लिखी है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि मौके से मिले सुसाइड नोट और दवाएं आदि देख कर यह प्रतीत हुआ कि पूरी तैयारी के साथ परिवार ने आपसी सहमति से जान दी है। पुलिस के मुताबिक आदमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुकीमगंज क्षेत्र के नचनी कुआं मोहल्ले में दो मंजिला मकान के प्रथम तल पर चेतन अपने परिवार के साथ रहते थे। ग्राउंड फ्लोर पर उनके पिता रविंद्र नाथ तुलस्यान और मां विमला देवी रहती हैं।चेतन का एक भाई महमूरगंज क्षेत्र में और एक भाई सूरत में रहता है। चेतन और उनके मां-बाप का आपस में कोई खास सरोकार नहीं था। तुलसी नामक काले पंखे को असेंबल करने का काम करने वाले चेतन को पांच हजार रुपये प्रतिमाह कारोबार से और 13 हजार रुपये प्रतिमाह बुलानाला स्थित दुकान से किराया मिलता था। चेतन के कॉल करने के बाद पुलिस उनका घर खोजते हुए पहुंची तो पिता रविंद्र नाथ बाहर निकल कर आए। पुलिस ने उनको चेतन को बुलाने को कहा। वह ऊपर गए तो दरवाजा नहीं खुला। पुलिस ने ऊपर जाकर दरवाजा खोला तो एक कमरे में चेतन के बेटे-बेटी बिस्तर पर मृत पड़े हुए थे।वहीं, दूसरे कमरे में ऋतु नीचे जमीन पर लेटी थी और चेतन फंदे से लटके हुए थे। चारों के पास नींद की होम्योपैथिक दवा पड़ी हुई थी। दंपती और दोनों बच्चों की मौत का मामला सार्वजनिक होते ही मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई।