1. हिन्दी समाचार
  2. कारगिल दिवस: गीता के इस श्लोक को प्रेरणा मानकर शूरवीरों ने दुश्मनों को चटाई थी धूल

कारगिल दिवस: गीता के इस श्लोक को प्रेरणा मानकर शूरवीरों ने दुश्मनों को चटाई थी धूल

By This Phrase Of Gita Our Indian Army Won The Kargil War

By टीम पर्दाफाश 
Updated Date

लखनऊ। “या तो तू युद्ध में बलिदान देकर स्वर्ग को प्राप्त करेगा अथवा विजयश्री प्राप्त कर पृथ्वी का राज्य भोगेगा”। इस वाक्य ने भारत देश की किस्मत बदल दी। ये वाक्य कोई मामूली वाक्य नहीं बल्कि गीता का एक ऐसा श्लोक है जिसको प्रेरणा मानकर भारत के शूरवीरों ने कारगिल युद्ध में दुश्मनों को धूल चटा दी थी।

पढ़ें :- देश के हर व्यक्ति को मिलेगा कोरोना का टीका, कोई नहीं छूटेगा : पीएम मोदी

अपने परिजनों से वापस लौटकर आने का वादा किया था, जो उन्होंने निभाया भी, मगर उनके आने का अन्दाज निराला था। वे लौटे, मगर लकड़ी के ताबूत में। उसी तिरंगे मे लिपटे हुए, जिसकी रक्षा की सौगन्ध उन्होंने उठाई थी। सलाम है हमें उन शहीदों का जो हंसते-हंसते मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। ‘कारगिल दिवस’ समर्पित है उन्हें, जिन्होंने अपना आज हमारे कल के लिए बलिदान कर दिया।

बताते चलें, 26 जुलाई 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ‘ऑपरेशन विजय’ को सफलतापूर्वक अंजाम देकर भारत भूमि को घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त कराया था। इसी की याद में ‘26 जुलाई’ अब हर वर्ष कारगिल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इतना ही नहीं कारगिल युद्ध जो ‘कारगिल संघर्ष’ (Kargil Struggle) के नाम से भी जाना जाता है। भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में मई के महीने में कश्मीर के कारगिल जिले से प्रारंभ हुआ था।

दरअसल, इस युद्ध का कारण था बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों व पाक समर्थित आतंकवादियों का लाइन ऑफ कंट्रोल यानी भारत-पाकिस्तान की वास्तविक नियंत्रण रेखा(LoC) के भीतर प्रवेश कर कई महत्वपूर्ण पहाड़ी चोटियों पर कब्जा कर लेना। इसके साथ ही लेह-लद्दाख को भारत से जोड़ने वाली सड़क का नियंत्रण हासिल कर सियाचिन-ग्लेशियर पर भारत की स्थिति को कमजोर कर हमारी राष्ट्रीय अस्मिता के लिए खतरा पैदा करना।

पूरे दो महीने से ज्यादा चले इस युद्ध में भारतीय थलसेना व वायुसेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल पार न करने के आदेश के बावजूद अपनी मातृभूमि में घुसे आक्रमणकारियों को वापस अपने मुल्क खदेड़ दिया था। बता दें कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के लगभग 527 से अधिक वीर योद्धा शहीद व 1300 से ज्यादा घायल हो गए। इन शहीदों ने अपने कर्तव्य का पालन कर देश का नाम रोशन किया। जिसकी सौगन्ध हर सिपाही तिरंगे के समक्ष लेता है।

पढ़ें :- बसपा के बागी सात विधायकों को मायावती ने किया निलंबित, अखिलेश यादव पर साधा निशाना

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...