सीएए का विरोध: दिल्‍ली हिंसा पर सोनिया गांधी बोलीं, गृहमंत्री अमित शाह दें इस्‍तीफा

sonia gandhi
सीएए का विरोध: दिल्‍ली हिंसा पर सोनिया गांधी बोलीं, गृहमंत्री अमित शाह दें इस्‍तीफा

नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तर पूर्वी दिल्‍ली में बीते चार दिनों से जारी हिंसा के लिए केंद्र सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है। हुए गृहमंत्री अमित शाह से इस्‍तीफे की मांग की है। सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्‍ली पुलिस मूक दर्शक बनकर हिंसा को होते हुए देखती रही। उन्होंने पूछा कि जब हिंसा हो रही थी, तब प्रधानमंत्री कहां थे।

Caa Opposes Sonia Gandhi Speaks On Delhi Violence Home Minister Amit Shah Resigns :

उन्‍होंने कहा कि हिंसा के पीछे एक साजिश है, देश ने दिल्ली चुनाव के दौरान भी यह देखा था। कई भाजपा नेताओं ने नफरत का माहौल बनाते हुए भड़काऊ टिप्पणियां की थीं। सोनिया गांधी ने बताया कि कांग्रेस कमिटी वर्किंग आपात बैठक हुई, जिसमें दिल्‍ली हिंसा पर गंभीरता से विचार किया गया।

सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्ली के हालात इन दिनों बेहद चिंताजनक है। पिछले 72 घंटों में 20 ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। दिल्ली पुलिस पिछले 72 घंटों में पंगु बनी हुई है। मरने वालों में एक हेड कांस्टेबल भी शामिल है और सैकड़ों लोग अस्पताल में हैं। इनमें से कई लोग गोलीबारी में घायल हुए हैं। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली की सड़कों पर हिंसा जारी है। दिल्ली की वर्तमान स्थिति के लिए केंद्र और केंद्रीय गृहमंत्री जिम्मेदार हैं। गृहमंत्री अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।

कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के नेताओं को आगे आना चाहिए था वाजपेयी सरकार का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि उस दौरान भी मैं एलओपी थी, जब भी कोई दिक्कत होती तो वह खुद ही सभी दलों के नेताओं से बात करते थे। हालांकि, ये बेहद दुखद है कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से इस तरह की कोई बैठक नहीं होती। अभी अमित शाह ने तीन दिन बाद दिल्ली के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई। ऐसी स्थिति में ऐसा नहीं होना चाहिए था।

नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तर पूर्वी दिल्‍ली में बीते चार दिनों से जारी हिंसा के लिए केंद्र सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है। हुए गृहमंत्री अमित शाह से इस्‍तीफे की मांग की है। सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्‍ली पुलिस मूक दर्शक बनकर हिंसा को होते हुए देखती रही। उन्होंने पूछा कि जब हिंसा हो रही थी, तब प्रधानमंत्री कहां थे। उन्‍होंने कहा कि हिंसा के पीछे एक साजिश है, देश ने दिल्ली चुनाव के दौरान भी यह देखा था। कई भाजपा नेताओं ने नफरत का माहौल बनाते हुए भड़काऊ टिप्पणियां की थीं। सोनिया गांधी ने बताया कि कांग्रेस कमिटी वर्किंग आपात बैठक हुई, जिसमें दिल्‍ली हिंसा पर गंभीरता से विचार किया गया। सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्ली के हालात इन दिनों बेहद चिंताजनक है। पिछले 72 घंटों में 20 ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। दिल्ली पुलिस पिछले 72 घंटों में पंगु बनी हुई है। मरने वालों में एक हेड कांस्टेबल भी शामिल है और सैकड़ों लोग अस्पताल में हैं। इनमें से कई लोग गोलीबारी में घायल हुए हैं। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली की सड़कों पर हिंसा जारी है। दिल्ली की वर्तमान स्थिति के लिए केंद्र और केंद्रीय गृहमंत्री जिम्मेदार हैं। गृहमंत्री अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के नेताओं को आगे आना चाहिए था वाजपेयी सरकार का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि उस दौरान भी मैं एलओपी थी, जब भी कोई दिक्कत होती तो वह खुद ही सभी दलों के नेताओं से बात करते थे। हालांकि, ये बेहद दुखद है कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से इस तरह की कोई बैठक नहीं होती। अभी अमित शाह ने तीन दिन बाद दिल्ली के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई। ऐसी स्थिति में ऐसा नहीं होना चाहिए था।