मोदी कैबिनेट की पहली बैठक आज, तीन तलाक विधेयक को नए सिरे से मिल सकती है मंजूरी

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नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट बुधवार को तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक नए विधेयक को मंजूरी दे सकती है। कैबिनेट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बुधवार को होने वाली बैठक में यह विधेयक चर्चा के लिए रखा जाएगा। एक बार संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्तावित विधेयक इस साल की शुरुआत में लागू किए गए तीन तलाक अध्यादेश का स्थान लेगा।

Cabinet May Approves Teen Talaq Bill Today :

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान तीन तलाक विधेयक पेश किया था लेकिन लोकसभा में मंजूरी मिलने के बावजूद यह विधेयक राज्य सभा में लंबित रह गया था। इस कारण पिछले महीने 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही यह बिल भी खत्म हो गया था।

यदि बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट नए सिरे से पेश तीन तलाक विधेयक को मंजूरी दे देती है तो इसे सबसे पहले 17 जून से शुरू हो रहे 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में पेश किया जाएगा। पिछली बार राज्य सभा में सरकार के पास पर्याप्त बहुमत नहीं होने के कारण विपक्ष इस विधेयक को रोकने में सफल हो गई थी।

ऐसे में इस बार इस विधेयक पर राज्य सभा के रुख पर सभी की निगाहें होंगी। तीन तलाक कानून के नाम से पहचाने जाने वाले मुस्लिम महिला वैवाहिक अधिकारों का संरक्षण विधेयक किसी भी पति को अपनी पत्नी को एकसाथ तीन बार तलाक कहकर निकाह तोडऩे से प्रतिबंधित करता है। ऐसा करने वाले को इस विधेयक में अपराधी की श्रेणी में रखे जाने की बात कही गई है। तीन तलाक विधेयक में पति को गिरफ्तार किए जाने के मुद्दे पर ही विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी।

नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट बुधवार को तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक नए विधेयक को मंजूरी दे सकती है। कैबिनेट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बुधवार को होने वाली बैठक में यह विधेयक चर्चा के लिए रखा जाएगा। एक बार संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्तावित विधेयक इस साल की शुरुआत में लागू किए गए तीन तलाक अध्यादेश का स्थान लेगा। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान तीन तलाक विधेयक पेश किया था लेकिन लोकसभा में मंजूरी मिलने के बावजूद यह विधेयक राज्य सभा में लंबित रह गया था। इस कारण पिछले महीने 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही यह बिल भी खत्म हो गया था। यदि बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट नए सिरे से पेश तीन तलाक विधेयक को मंजूरी दे देती है तो इसे सबसे पहले 17 जून से शुरू हो रहे 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में पेश किया जाएगा। पिछली बार राज्य सभा में सरकार के पास पर्याप्त बहुमत नहीं होने के कारण विपक्ष इस विधेयक को रोकने में सफल हो गई थी। ऐसे में इस बार इस विधेयक पर राज्य सभा के रुख पर सभी की निगाहें होंगी। तीन तलाक कानून के नाम से पहचाने जाने वाले मुस्लिम महिला वैवाहिक अधिकारों का संरक्षण विधेयक किसी भी पति को अपनी पत्नी को एकसाथ तीन बार तलाक कहकर निकाह तोडऩे से प्रतिबंधित करता है। ऐसा करने वाले को इस विधेयक में अपराधी की श्रेणी में रखे जाने की बात कही गई है। तीन तलाक विधेयक में पति को गिरफ्तार किए जाने के मुद्दे पर ही विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी।