Walmart-Flipkart डील के विरोध मे 28 अगस्त को भारत रहेगा बंद

Walmart-Flipkart डील के विरोध मे 28 अगस्त को भारत रहेगा बंद
Walmart-Flipkart डील के विरोध मे 28 अगस्त को भारत रहेगा बंद

नई दिल्ली। Walmart-Flikpkart डील को लेकर संकट के बादल छटते नजर नहीं आ रहे हैं। देश के कई व्यापारी संगठनों ने 28 सितंबर को भारत बंद करने का ऐलान किया है। इसके पीछे मुख्य वजह Walmart-Flikpkart डील  और रिटेल में एफडीआई को अनुमति न दिए जाने की मांग है। कैट के सचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि सरकार ई-कॉमर्स कंपनियों को बढ़ावा दे रही है, जिससे खुदरा व्यापारियों की कमर टूट रही है। ऑनलाइन कंपनियां ज्यादातर ग्राहकों को काफी बड़ा डिस्काउंट देती है, जिससे उन्हें नुकसान होने पर भी डर नहीं रहता है।

Cait Declared A Bharat Trade Bandh On 28th September Against The Walmart Flipkart Deal :

आपको बता दें कि फ्लि‍पकार्ट और अमेरि‍का की कंपनी वॉलमार्ट की डील को कंपीटि‍शन कमीशन ऑफ इंडि‍या (CCI) ने मंजूरी दे दी है। ऐसे में वालमार्ट की ओर से 16 अरब डॉलर में फ्लि‍पकार्ट में 77 फीसदी हि‍स्‍सेदारी लेने का रास्‍ता साफ हो गया है। डील को मंजूरी मि‍लने के बाद कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कहा है कि‍ वह इस फैसले के खि‍लाफ कोर्ट भी जाएंगे।

विरोध पर उठ रहे सवाल

हालांकि इस मुद्दे पर आंदोलन की विश्वसनीयता को लेकर अब व्यापार जगत के भीतर से ही आवाजें उठने लगी हैं। ऑल इंडिया टायर डीलर्स फेडरेशन ने एक रिलीज जारी कर कहा है कि व्यापार बंद भारत सरकार के उस यू-टर्न के खिलाफ होना चाहिए, जिसमें पहले भारत के रिटेल क्षेत्र में विदेशी निवेश नहीं आने देने का वादा किया गया था। फेडरेशन ने कहा है कि अगर यह डील आम व्यापारियों के हितों के खिलाफ है तो इसके लिए सिर्फ और सिर्फ केंद्र की मौजूदा सरकार का विरोध किया जाना चाहिए।

नई दिल्ली। Walmart-Flikpkart डील को लेकर संकट के बादल छटते नजर नहीं आ रहे हैं। देश के कई व्यापारी संगठनों ने 28 सितंबर को भारत बंद करने का ऐलान किया है। इसके पीछे मुख्य वजह Walmart-Flikpkart डील  और रिटेल में एफडीआई को अनुमति न दिए जाने की मांग है। कैट के सचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि सरकार ई-कॉमर्स कंपनियों को बढ़ावा दे रही है, जिससे खुदरा व्यापारियों की कमर टूट रही है। ऑनलाइन कंपनियां ज्यादातर ग्राहकों को काफी बड़ा डिस्काउंट देती है, जिससे उन्हें नुकसान होने पर भी डर नहीं रहता है। आपको बता दें कि फ्लि‍पकार्ट और अमेरि‍का की कंपनी वॉलमार्ट की डील को कंपीटि‍शन कमीशन ऑफ इंडि‍या (CCI) ने मंजूरी दे दी है। ऐसे में वालमार्ट की ओर से 16 अरब डॉलर में फ्लि‍पकार्ट में 77 फीसदी हि‍स्‍सेदारी लेने का रास्‍ता साफ हो गया है। डील को मंजूरी मि‍लने के बाद कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कहा है कि‍ वह इस फैसले के खि‍लाफ कोर्ट भी जाएंगे।

विरोध पर उठ रहे सवाल

हालांकि इस मुद्दे पर आंदोलन की विश्वसनीयता को लेकर अब व्यापार जगत के भीतर से ही आवाजें उठने लगी हैं। ऑल इंडिया टायर डीलर्स फेडरेशन ने एक रिलीज जारी कर कहा है कि व्यापार बंद भारत सरकार के उस यू-टर्न के खिलाफ होना चाहिए, जिसमें पहले भारत के रिटेल क्षेत्र में विदेशी निवेश नहीं आने देने का वादा किया गया था। फेडरेशन ने कहा है कि अगर यह डील आम व्यापारियों के हितों के खिलाफ है तो इसके लिए सिर्फ और सिर्फ केंद्र की मौजूदा सरकार का विरोध किया जाना चाहिए।