रियलिटी चेक: IG ने अंजान बनकर किया कप्तान को कॉल, मिले चौंकाने वाले जवाब

लखनऊ। सूबे में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिये आला-अधिकारी नये-नये तरीके इजात कर रहे हैं। अभी कुछ दिनों पहले सीएम योगी आदित्यनाथ का सरकारी दफ्तरों में औचक निरीक्षण चर्चा का विषय बना हुआ था लेकिन शुक्रवार को कुछ ऐसा ही पैतरा पुलिस महकमे के अधिकारियों ने शुरू किया। दरअसल, शुक्रवार को लखनऊ जोन के आईजी ए.सतीश गणेश ने कप्तानों को फरियादी बनकर अंजान नंबर से कॉल किया। इस रियलिटी चेक में 11 जिलों में से राजधानी सहित 7 जिलों के पुलिस कप्तान पास हो गए। जबकि दो जिलों के कप्तान फेल हो गए। वहीँ दो जिलों के कप्तानों ने फोन तक नहीं उठाया।



फोन पर आवाज़ बदल कर जिस तरह से सतीश गणेश ने जिलों के कप्तानों से बात किया, वाकई सराहनीय था। इस रियलिटी चेक के बाद सतीश गणेश को भी अंदाज़ा हो गया कि उनके कप्तान फरियादियों के साथ कैसा बर्ताव करते है। इस रियलिटी चेक के दौरान कुछ जिलों के कप्तानों ने बेहद लचर रवैया दिखाया जिसका खामियाजा उन्हें सजा के रूप में भुगतना पड़ सकता है। वहीँ कुछ जिलों से सकारात्मक रवैया देखने को मिला।



कुछ इस तरह हुई वार्तालाप

साहब हम कानपुर से बोलत हैं… ‘हमरे भाई के कमरौली में बदमाश मार डाले रहेन, अब हमका धमकी देत हैं।’ इस तरह फरियादी बनकर कप्तानों का इम्तिहान ले रहे आईजी जोन ने सुबह अमेठी के एसपी अनीस अहमद अंसारी को उनके सीयूजी पर कॉल की। कप्तान बोले- उस मामले में तो कार्यवाही हो चुकी है, चार लोग जेल जा चुके हैं। बात आगे बढ़ाने से खफा एसपी बोले, ‘तुम पढ़े-लिखे नहीं हो क्या’ इस पर आईजी ने फोन काट दिया।




सीतापुर के एसपी ने अपना सीयूजी फोन गनर को थमा रखा था। हरदोई के एसपी ने कॉल रिसीव करके मोबाइल अपने पेशकार को थमाया। जबकि खीरी के एसपी ने जंगल कटान की शिकायत पर वन विभाग पर डाल दिया। लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने कॉल पर पूरी जानकारी दी। साथ ही कहा, ‘ज्यादा परेशानी हो तो ऑफिस आ जाओ। मैं आपके केस को दिखवाता हूं।’ हरदोई के एसपी विपिन मिश्रा ने कॉल रिसीव की और शिकायत नोट कराने की बात कहकर मोबाइल फ़ोन अपने पेशकार को थमा दिया।




रायबरेली के एसपी गौरव सिंह को पुरानी वारदात का वादी बनकर कॉल किया। एसपी ने वारदात के जल्द खुलासे का भरोसा दिलाया। बोले-कभी भी ऑफिस में आकर अपनी बात कह सकते हो।