फिलिस्तीन को आर्थिक मदद रोक सकते हैं: डोनाल्ड ट्रंप

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नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलिस्तीन के क्षेत्रों को प्रदान की जा रही आर्थिक सहायता पर रोक लगाने की संभावनाएं बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, जबतक फिलिस्तीन के नेता शांति प्रस्ताव पर इजरायल से दोबारा बातचीत शुरू नहीं करते तबतक उन्हें दी जाने वाली आर्थिक सहायता रोकी जा सकती है। ट्रंप ने मंगलवार को ट्वीट किया, “उदाहरण के लिए हम फिलिस्तीन को हर वर्ष लाखों डॉलर देते हैं और हमारी प्रशंसा नहीं की जाती। वह यह भी नहीं चाहते कि हम इजरायल के साथ लंबे समय से विलंबित शांति संधि पर बातचीत करें।”

Can Stop Financial Aid From Palestine Donald Trump :

ट्रंप ने लिखा, “हमने समझौते के सबसे कठिन हिस्से, जेरूसलम को चर्चा से दूर कर दिया है, क्योंकि इजरायल को इसके लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ती। लेकिन फिलिस्तीन जब शांति वार्ता को आगे नहीं बढ़ाना चहता तो हम भविष्य में उन्हें भारी आर्थिक सहायता क्यों प्रदान करें।” ट्रंप ने जेरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने की घोषणा की थी, जिसके कारण फिलिस्तीन के लोगों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी दूतावास तेल अवीव से जेरूसलम स्थानांतरित किया जाएगा, जहां अन्य सभी राष्ट्रों के वाणिज्यदूतावास हैं।

फिलिस्तीन प्रशासन के अध्यक्ष महमूद अब्बास ने दावा किया कि जेरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के अमेरिका के कदम ने एक मध्यस्थ के रूप में उनका अपमान किया है। अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी के अनुसार, अमेरिका ने वर्ष 2016 में फिलिस्तीनी क्षेत्रों को 61.6 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलिस्तीन के क्षेत्रों को प्रदान की जा रही आर्थिक सहायता पर रोक लगाने की संभावनाएं बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, जबतक फिलिस्तीन के नेता शांति प्रस्ताव पर इजरायल से दोबारा बातचीत शुरू नहीं करते तबतक उन्हें दी जाने वाली आर्थिक सहायता रोकी जा सकती है। ट्रंप ने मंगलवार को ट्वीट किया, "उदाहरण के लिए हम फिलिस्तीन को हर वर्ष लाखों डॉलर देते हैं और हमारी प्रशंसा नहीं की जाती। वह यह भी नहीं चाहते कि हम इजरायल के साथ लंबे समय से विलंबित शांति संधि पर बातचीत करें।"ट्रंप ने लिखा, "हमने समझौते के सबसे कठिन हिस्से, जेरूसलम को चर्चा से दूर कर दिया है, क्योंकि इजरायल को इसके लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ती। लेकिन फिलिस्तीन जब शांति वार्ता को आगे नहीं बढ़ाना चहता तो हम भविष्य में उन्हें भारी आर्थिक सहायता क्यों प्रदान करें।" ट्रंप ने जेरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने की घोषणा की थी, जिसके कारण फिलिस्तीन के लोगों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी दूतावास तेल अवीव से जेरूसलम स्थानांतरित किया जाएगा, जहां अन्य सभी राष्ट्रों के वाणिज्यदूतावास हैं।फिलिस्तीन प्रशासन के अध्यक्ष महमूद अब्बास ने दावा किया कि जेरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के अमेरिका के कदम ने एक मध्यस्थ के रूप में उनका अपमान किया है। अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी के अनुसार, अमेरिका ने वर्ष 2016 में फिलिस्तीनी क्षेत्रों को 61.6 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।